Writing competencies MCQs Quiz | Class 9

यह बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी कक्षा IX-X के हिंदी (कोर्स A) / हिंदी मातृभाषा (कोड 002) विषय के लेखन कौशल (Writing Skills) इकाई पर आधारित है। इसमें मान्य लिपि, विराम-चिह्न, प्रभावपूर्ण भाषा/शैली, अनुच्छेद-विन्यास, विभिन्न पत्र/ईमेल/SMS/प्रपत्र, सामग्री-संग्रह से निबंध, घटना-वर्णन + प्रतिक्रिया, विधा-रूपांतरण, सूचना/प्रतिवेदन, सार/संक्षेप/भावार्थ, व्याख्या, सृजनात्मकता, सुपाठ्य लेखन, अंतर्संबंध पर चिंतन, और स्थिति-आधारित उच्च चिंतन प्रश्नों पर मौलिक उत्तर जैसे महत्वपूर्ण लेखन दक्षताओं को शामिल किया गया है। अपनी दक्षता का मूल्यांकन करने के लिए सभी प्रश्नों के उत्तर दें और अंत में “Submit Quiz” बटन दबाएँ। आप “Download Answer PDF” बटन से अपनी उत्तर कुंजी भी डाउनलोड कर सकते हैं।

लेखन कौशल: एक विस्तृत अवलोकन

लेखन कौशल भाषा सीखने का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो छात्रों को अपने विचारों, भावनाओं और सूचनाओं को प्रभावी ढंग से लिखित रूप में व्यक्त करने में सक्षम बनाता है। सीबीएसई पाठ्यक्रम में, लेखन कौशल पर विशेष जोर दिया जाता है ताकि छात्र न केवल व्याकरणिक रूप से सही बल्कि रचनात्मक और प्रभावशाली लेखन भी कर सकें। यह खंड लेखन की विभिन्न दक्षताओं को समझने और अभ्यास करने में आपकी सहायता करेगा।

प्रमुख लेखन दक्षताएँ

  • मान्य लिपि (Standard Script): देवनागरी लिपि के नियमों और मानकीकरण को समझना। सही वर्तनी और अक्षरों के उचित स्वरूप का पालन करना।
  • विराम-चिह्न (Punctuation Marks): अल्पविराम, पूर्ण विराम, प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक आदि विराम चिह्नों का सही और सटीक प्रयोग करना ताकि अर्थ स्पष्ट हो सके।
  • प्रभावपूर्ण भाषा/शैली (Effective Language/Style): शब्दावली का उचित चुनाव, वाक्यों का सुसंगठित विन्यास, और भाषा को आकर्षक व प्रभावशाली बनाने के लिए मुहावरों, लोकोक्तियों तथा अलंकारों का प्रयोग करना।
  • अनुच्छेद-विन्यास (Paragraph Structure): किसी एक विचार या विषय पर केंद्रित होकर सुसंगठित और धाराप्रवाह रूप से अनुच्छेद लिखना।
  • विभिन्न पत्र/ईमेल/SMS/प्रपत्र (Various Letters/Emails/SMS/Forms): औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह के लेखन के प्रारूपों को समझना और उनका सही प्रयोग करना। इसमें शिकायत पत्र, आवेदन पत्र, बधाई पत्र, ई-मेल और एसएमएस शामिल हैं।
  • सामग्री-संग्रह से निबंध (Essay Writing from Collected Material): किसी विषय पर जानकारी जुटाना, रूपरेखा बनाना और फिर उसे एक सुसंगत निबंध के रूप में प्रस्तुत करना।
  • घटना-वर्णन + प्रतिक्रिया (Event Description + Reaction): किसी देखी या सुनी हुई घटना का तथ्यात्मक और क्रमबद्ध वर्णन करना, साथ ही उस पर अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया या भावनाएँ व्यक्त करना।
  • विधा-रूपांतरण (Genre Transformation): एक साहित्यिक विधा (जैसे कविता) को दूसरी विधा (जैसे कहानी) में या इसके विपरीत रूपांतरित करना, मूल भाव को बनाए रखते हुए।
  • सूचना/प्रतिवेदन (Notice/Report Writing): किसी विशेष घटना, कार्यक्रम या विषय पर संक्षिप्त, स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना।
  • सार/संक्षेप/भावार्थ/व्याख्या (Summary/Precis/Essence/Explanation): किसी बड़े पाठ या कविता के मूल विचार को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करना (सार/संक्षेप), उसका निहितार्थ समझाना (भावार्थ), या उसे विस्तृत रूप से खोलना (व्याख्या)।
  • सृजनात्मकता (Creativity): लेखन में मौलिक विचारों और कल्पना का समावेश करना, जिससे लेखन अनूठा और आकर्षक बने।
  • सुपाठ्य लेखन (Legible Writing): स्पष्ट और सुंदर लिखावट का अभ्यास करना, ताकि पढ़ा जाने वाला पाठ सहजता से समझ में आए।
  • अंतर्संबंध पर चिंतन (Reflection on Interconnections): विभिन्न विषयों या विचारों के बीच संबंधों को स्थापित करना और उन पर तार्किक रूप से विचार करना।
  • स्थिति-आधारित उच्च चिंतन प्रश्नों पर मौलिक उत्तर (Original Answers to Situation-based Higher Order Thinking Questions): दी गई स्थिति का विश्लेषण कर, आलोचनात्मक सोच का प्रयोग करते हुए मौलिक और तार्किक उत्तर देना।

औपचारिक और अनौपचारिक लेखन में अंतर

विशेषता औपचारिक लेखन (Formal Writing) अनौपचारिक लेखन (Informal Writing)
उद्देश्य सरकारी, व्यावसायिक, शैक्षणिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत, मित्रवत संबंधों में
भाषा गंभीर, सम्मानजनक, स्पष्ट और व्याकरणिक रूप से सही सरल, सहज, व्यक्तिगत और बोलचाल के करीब
प्रारूप निश्चित, संरचित (जैसे पत्र का प्रारूप) लचीला, कम संरचित (जैसे मित्र को पत्र)
उदाहरण प्रधानाचार्य को आवेदन, संपादक को पत्र, व्यावसायिक ईमेल मित्र को पत्र, परिवार के सदस्य को एसएमएस

त्वरित पुनरीक्षण बिंदु

  • लिखते समय विराम-चिह्नों का सही प्रयोग करें।
  • अपनी भाषा को सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली बनाएँ।
  • किसी भी लंबे लेखन कार्य (जैसे निबंध) से पहले एक रूपरेखा अवश्य बनाएँ।
  • औपचारिक और अनौपचारिक लेखन के विभिन्न प्रारूपों को अच्छी तरह समझें।
  • अपने लेखन में मौलिकता और रचनात्मकता लाने का प्रयास करें।
  • स्वच्छ और सुपाठ्य लिखावट का अभ्यास करें।

अभ्यास प्रश्न

  1. ईमेल लिखते समय ‘Subject’ (विषय) पंक्ति का क्या महत्व है?
  2. दो मित्रों के बीच ‘ऑनलाइन शिक्षा के लाभ और हानियाँ’ विषय पर बातचीत को संवाद के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
  3. ‘स्वच्छ भारत अभियान’ में छात्रों की भूमिका पर एक संक्षिप्त अनुच्छेद लिखिए।
  4. आपके विद्यालय में आयोजित ‘वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी’ पर एक प्रतिवेदन तैयार कीजिए।
  5. ‘एक पेड़ सौ पुत्र समान’ विषय पर एक सृजनात्मक कविता की कुछ पंक्तियाँ लिखिए।