Raga Study: Bhupali MCQs Quiz | Class 10
This quiz covers detailed raga study of Bhupali from Class X Hindustani Music Vocal (Code 034), Unit 3. Test your knowledge on Raga Bhupali by attempting these multiple-choice questions. After submitting, review your answers and download a detailed PDF of your results.
राग भूपाली: विस्तृत अध्ययन
राग भूपाली भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक बहुत ही लोकप्रिय और मधुर राग है। यह कल्याण थाट से उत्पन्न होता है और इसमें सभी स्वर शुद्ध प्रयोग होते हैं। इसे रात्रि के प्रथम प्रहर में गाया जाता है, और यह शांति व भक्ति रस को व्यक्त करता है।
मुख्य बिंदु:
- थाट: कल्याण थाट
- जाति: औड़व-औड़व (आरोह में 5 स्वर, अवरोह में 5 स्वर)
- वर्जित स्वर: मध्यम (म) और निषाद (नि)
- वादी स्वर: गंधार (ग)
- संवादी स्वर: धैवत (ध)
- गायन समय: रात्रि का प्रथम प्रहर
- रस: शांत और भक्ति रस
- स्वर: स रे ग प ध। (सभी शुद्ध)
आरोह-अवरोह और पकड़:
| भेद | स्वर समूह |
|---|---|
| आरोह | सा, रे, ग, प, ध, सां |
| अवरोह | सां, ध, प, ग, रे, सा |
| पकड़ | ग रे सा, ध सा रे ग, प ग रे, सा |
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य:
- यह पूर्वांग प्रधान राग है।
- राग भूपाली को अक्सर “भूप” नाम से भी जाना जाता है।
- यह एक बहुत ही प्राचीन और गंभीर प्रकृति का राग है।
- राग देशकार भूपाली का समप्रकृतिक राग है, लेकिन देशकार में धैवत और गंधार का प्रयोग कुछ अलग ढंग से होता है और उसका वादी-संवादी भिन्न है।
त्वरित पुनरीक्षण:
- कल्याण थाट का औड़व-औड़व जाति का राग।
- म और नि वर्जित।
- वादी ग, संवादी ध।
- रात्रि का प्रथम प्रहर।
- शांत रस।
अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न:
-
राग भूपाली के आरोह में कौन सा स्वर नहीं लगता?
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राग भूपाली को किस रस का प्रतीक माना जाता है?
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‘ग रे सा ध सा रे ग’ यह भूपाली की क्या है?
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भूपाली में वादी ‘ग’ और संवादी ‘ध’ के अलावा महत्वपूर्ण स्वर कौन से हैं?
-
राग भूपाली में किस थाट की शुद्धता झलकती है?

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