निर्धारित पुस्तकें (X) MCQs Quiz | कक्षा 10
कक्षा: X, विषय: हिंदी कोर्स ए (कोड 002), यूनिट: पुस्तकें, टॉपिक: निर्धारित पुस्तकें (X) MCQs Quiz | कक्षा 10. यह क्विज़ क्षितिज भाग–2 (NCERT नवीनतम) और कृतिका भाग–2 (NCERT नवीनतम) पर आधारित है। इस क्विज़ को पूरा करने के बाद, आप अपने उत्तरों की समीक्षा कर सकते हैं और एक विस्तृत पीडीएफ़ डाउनलोड कर सकते हैं जिसमें आपके प्रदर्शन का सारांश और सही उत्तर शामिल होंगे।
निर्धारित पुस्तकों का महत्व: क्षितिज भाग-2 और कृतिका भाग-2 (कक्षा 10)
कक्षा 10 हिंदी ‘क्षितिज भाग-2’ और ‘कृतिका भाग-2’ NCERT द्वारा निर्धारित दो महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं। ये पुस्तकें छात्रों को हिंदी साहित्य के विभिन्न रूपों – कविता, कहानी, निबंध, यात्रा वृतांत, व्यंग्य और जीवनी – से परिचित कराती हैं, साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों की गहरी समझ विकसित करती हैं।
मुख्य बिंदु
- क्षितिज भाग-2: इसमें काव्य खंड और गद्य खंड दोनों शामिल हैं। काव्य खंड में सूरदास, तुलसीदास, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे महान कवियों की रचनाएँ हैं। गद्य खंड में स्वयं प्रकाश, रामवृक्ष बेनीपुरी, यशपाल, मन्नू भंडारी, यतींद्र मिश्र जैसे लेखकों की कहानियाँ, रेखाचित्र और निबंध हैं।
- कृतिका भाग-2: यह पूरक पाठ्यपुस्तक है जिसमें शिवपूजन सहाय, कमलेश्वर, मधु कांकरिया, शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’, अज्ञेय जैसे लेखकों की विविध रचनाएँ हैं। यह छात्रों की कल्पना और चिंतन कौशल को विकसित करने पर केंद्रित है।
प्रमुख विषयवस्तु
- भक्ति और प्रेम: सूरदास और तुलसीदास के पदों में कृष्ण और राम के प्रति अटूट भक्ति और प्रेम की अभिव्यक्ति।
- समाज सुधार और व्यंग्य: ‘नेताजी का चश्मा’, ‘लखनवी अंदाज़’, ‘एक कहानी यह भी’, ‘जॉर्ज पंचम की नाक’ जैसी कहानियों और व्यंग्यों में समाज की विसंगतियों, रूढ़ियों और सरकारी तंत्र की कमजोरियों पर प्रहार।
- प्रकृति प्रेम और मानवीय संबंध: ‘साना साना हाथ जोड़ि’ में प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का वर्णन और मनुष्य के प्रकृति से जुड़ाव। ‘माँ का आँचल’ में बचपन की स्मृतियाँ और पारिवारिक स्नेह।
- क्रांति और जागरण: ‘उत्साह’ कविता में बादलों के माध्यम से क्रांति और नवजीवन का आह्वान।
- आत्म-परिचय और लेखन की प्रेरणा: ‘मैं क्यों लिखता हूँ?’ में लेखक की लेखन प्रक्रिया और आंतरिक प्रेरणा का चित्रण।
क्षितिज भाग-2 और कृतिका भाग-2 के प्रमुख पाठ और लेखक
| पाठ का नाम | लेखक/कवि का नाम | विधा |
|---|---|---|
| सूरदास के पद | सूरदास | पद |
| राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद | तुलसीदास | चौपाई, दोहा |
| नेताजी का चश्मा | स्वयं प्रकाश | कहानी |
| बालगोबिन भगत | रामवृक्ष बेनीपुरी | रेखाचित्र |
| लखनवी अंदाज़ | यशपाल | कहानी |
| एक कहानी यह भी | मन्नू भंडारी | आत्मकथांश |
| उत्साह | सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ | कविता |
| माँ का आँचल | शिवपूजन सहाय | संस्मरण |
| जॉर्ज पंचम की नाक | कमलेश्वर | व्यंग्य |
| साना साना हाथ जोड़ि | मधु कांकरिया | यात्रा वृतांत |
त्वरित पुनरावलोकन
- दोनों पुस्तकें बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- सभी पाठों के मूल भाव, प्रमुख पात्र और साहित्यिक विशेषताएँ याद रखें।
- कवियों और लेखकों का सामान्य परिचय भी पढ़ें।
- कठिन शब्दों के अर्थ और मुहावरों पर ध्यान दें।
- रचनाओं का संदेश और सामाजिक प्रासंगिकता समझें।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न
- तुलसीदास द्वारा रचित ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ किस ग्रंथ का अंश है?
उत्तर: रामचरितमानस - ‘कन्यादान’ कविता में माँ अपनी बेटी को क्या न देने की सलाह देती है?
उत्तर: स्वयं को दुर्बल - ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने किसकी याद में लिखा है?
उत्तर: फ़ादर कामिल बुल्के - ‘बिस्मिल्ला खाँ’ पाठ में शहनाई के किस वाद्य यंत्र से जुड़ने का वर्णन है?
उत्तर: नौबत खाने - ‘एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!’ पाठ में ‘झुलनी’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: कान का आभूषण (झुमका)