One Dhun MCQs Quiz | Class 10
This quiz covers Class X, Subject Hindustani Music Melodic Instruments (Code 035), Unit Practical, focusing on the topic ‘One Dhun MCQs Quiz | Class 10’. It specifically assesses your understanding of performing one dhun (folk/light piece). Attempt all 10 questions, then submit to see your score and download a detailed answer PDF.
धुन (Dhun): एक परिचय
भारतीय शास्त्रीय संगीत में ‘धुन’ एक महत्वपूर्ण और प्रिय रूप है, विशेषकर वाद्य संगीत में। धुन आमतौर पर एक लोक-आधारित या हल्के शास्त्रीय टुकड़े को संदर्भित करती है जिसे एक विशिष्ट राग और ताल में बजाया जाता है। यह शास्त्रीय बंदिश या गत की तुलना में अधिक सीधा और आकर्षक होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य मधुरता और श्रोताओं को तुरंत जोड़ना होता है।
धुन की मुख्य विशेषताएं:
- सरलता और मधुरता: धुन की संरचना सीधी होती है और यह अत्यधिक जटिलता से बचती है, जिससे इसकी मधुरता तुरंत समझ में आती है।
- लोक और हल्के शास्त्रीय जड़ें: कई धुनें लोक संगीत या हल्के शास्त्रीय शैलियों जैसे ठुमरी, दादरा, या भजन से प्रेरित होती हैं।
- निश्चित संरचना: हालांकि इसमें थोड़ी सी इम्प्रोवाइजेशन की गुंजाइश हो सकती है, धुनें आमतौर पर एक निश्चित राग और ताल में एक पूर्व-निर्धारित धुन का पालन करती हैं।
- वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुति: धुनें विभिन्न वाद्य यंत्रों जैसे सितार, सरोद, बांसुरी, संतूर, हारमोनियम और वायलिन पर बजाई जाती हैं।
- ताल की भूमिका: धुन में ताल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और यह अक्सर दादरा, कहरवा, या तीनताल जैसे सरल और लोकप्रिय तालों में बजाई जाती है।
- भावनात्मक अपील: धुनें अक्सर एक विशिष्ट भाव (रस) को उजागर करती हैं, जो आमतौर पर सुखद, शांत या प्रेमपूर्ण होता है।
धुन के प्रकार और उनकी प्रस्तुति:
धुन को विभिन्न शैलियों में प्रस्तुत किया जा सकता है, जो अक्सर उसके क्षेत्रीय मूल या शैलीगत प्रभाव पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, पहाड़ी धुनें, पंजाबी धुनें या फिल्म धुनों के रूप में। प्रस्तुति में आमतौर पर एक मुख्य धुन को दोहराया जाता है, जिसमें थोड़े-बहुत वेरिएशन (तान या पलटे) जोड़े जा सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वाद्य यंत्र की ध्वनि और राग की मधुरता को सरल तरीके से प्रस्तुत करना होता है।
धुन से जुड़े प्रमुख वाद्य यंत्र और ताल:
| वाद्य यंत्र | सामान्य ताल | विशेषताएं |
|---|---|---|
| बांसुरी | कहरवा, दादरा | मधुर, आकर्षक स्वर, लोक-शैली |
| सितार/सरोद | तीनताल, दादरा | गंभीर और मीठे दोनों प्रकार के स्वर, जटिलता कम |
| संतूर | कहरवा, झपताल | स्फूर्तिदायक, बहते हुए स्वर, त्वरित पैटर्न |
| हारमोनियम/वायलिन | दादरा, रूपक | सुगम, संगत के लिए भी उपयुक्त |
त्वरित पुनरावलोकन:
- धुन लोक या हल्के शास्त्रीय संगीत पर आधारित एक मधुर वाद्य रचना है।
- इसका मुख्य उद्देश्य श्रोताओं को सीधे संगीत से जोड़ना है।
- धुनें सरल रागों और तालों (जैसे दादरा, कहरवा) में प्रस्तुत की जाती हैं।
- यह सितार, बांसुरी, सरोद, संतूर जैसे वाद्य यंत्रों पर लोकप्रिय है।
- धुन में संरचना निश्चित होती है, लेकिन थोड़ी इम्प्रोवाइजेशन संभव है।
अभ्यास प्रश्न:
- एक धुन के लिए आप किस राग का चयन करेंगे जो शांतिपूर्ण और मधुर हो?
- धुन बजाते समय एक वादक को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- शास्त्रीय आलाप और धुन की प्रस्तुति में क्या अंतर है?
- धुन को ‘लाइट क्लासिकल’ श्रेणी में क्यों रखा जाता है?
- धुन की लोकप्रियता का मुख्य कारण क्या है?

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