Multilingualism & variation MCQs Quiz | Class 9
यह क्विज़ कक्षा IX-X के छात्रों के लिए है, विषय: हिंदी (कोर्स ए) / हिंदी मातृभाषा (कोड 002), इकाई: शिक्षण-अधिगम रणनीतियाँ, और विषय है: बहुभाषिकता और विविधता MCQs क्विज़। इसमें क्षेत्रीय/अन्य भाषाई प्रयोगों का समावेशी स्वरूप, बहुभाषिक परिवेश, विभिन्न क्षमताओं के लिए उपयुक्त सामग्री, और विविधताओं (लिंग/जाति/वर्ग/धर्म) के प्रति संवेदनशील वातावरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। अपने उत्तर सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए अपनी व्यक्तिगत PDF उत्तर शीट डाउनलोड करें।
विषय: बहुभाषिकता और विविधता (Multilingualism & Variation)
परिचय:
बहुभाषिकता और भाषाई विविधता किसी भी समाज, विशेषकर भारत जैसे देश में, एक स्वाभाविक और समृद्ध विशेषता है। यह केवल भाषाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों, विचारों और विश्वदृष्टि को समझने का एक माध्यम भी है। शिक्षा के संदर्भ में, बहुभाषिकता एक बाधा नहीं, बल्कि एक मूल्यवान संसाधन है जो सीखने की प्रक्रिया को गहरा और अधिक समावेशी बनाता है। भाषाई विविधता के साथ-साथ, हमें लिंग, जाति, वर्ग, धर्म जैसी सामाजिक विविधताओं के प्रति भी संवेदनशील रहना चाहिए ताकि हर बच्चे को सीखने का समान अवसर मिल सके।
मुख्य बिंदु:
1. बहुभाषिक परिवेश और इसका महत्व:
- हमारा परिवेश स्वाभाविक रूप से बहुभाषिक होता है, जहाँ लोग अक्सर एक से अधिक भाषाएँ बोलते और समझते हैं। यह विशेषता बच्चों को विभिन्न भाषाओं के संपर्क में आने का अवसर देती है।
- कक्षा में बहुभाषिकता बच्चों को अपनी मातृभाषा में खुद को अभिव्यक्त करने का आत्मविश्वास देती है, जिससे वे नए विचारों और अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
- यह संज्ञानात्मक विकास (cognitive development) को बढ़ावा देती है और रचनात्मकता को बढ़ाती है।
2. क्षेत्रीय/अन्य भाषाई प्रयोगों का समावेशी स्वरूप:
- विद्यालय में बच्चों की क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को स्वीकार करना और उनका सम्मान करना आवश्यक है।
- जब बच्चे अपनी पहली भाषा में स्कूल आते हैं, तो यह उनकी पहचान और पृष्ठभूमि का हिस्सा होती है। इस भाषा को समावेशी शिक्षण का आधार बनाया जा सकता है।
- शिक्षक बहुभाषिकता को एक संसाधन के रूप में उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि एक अवधारणा को विभिन्न भाषाओं में समझाना या बच्चों को अपनी भाषा में समूह चर्चा करने देना।
3. विभिन्न क्षमताओं हेतु उपयुक्त सामग्री:
- प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता, गति और शैली अलग-अलग होती है। इसलिए, शिक्षण सामग्री को सभी के लिए सुलभ और आकर्षक बनाना महत्वपूर्ण है।
- इसमें दृश्य-श्रव्य सामग्री, सरल भाषा में पाठ्यपुस्तकें, सहायक उपकरण और बहु-स्तरीय गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं।
- शिक्षक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामग्री न केवल भाषाई रूप से बल्कि संज्ञानात्मक रूप से भी छात्रों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करे।
4. विविधताओं (लिंग/जाति/वर्ग/धर्म) के प्रति संवेदनशील वातावरण:
- एक प्रभावी कक्षा वह है जहाँ प्रत्येक छात्र सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करता है।
- शिक्षक को अपनी भाषा और व्यवहार में किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह या रूढ़िवादिता से बचना चाहिए।
- पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री में सभी विविधताओं का सकारात्मक और सम्मानजनक चित्रण होना चाहिए।
- छात्रों को विभिन्न पृष्ठभूमियों और संस्कृतियों के लोगों के प्रति सहानुभूति और सम्मान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
सारांश तालिका: बहुभाषिकता के लाभ
| विशेषता | लाभ |
|---|---|
| **संज्ञानात्मक** | समस्या-समाधान कौशल में वृद्धि, बेहतर रचनात्मकता |
| **शैक्षणिक** | जटिल अवधारणाओं को समझने में मदद, आत्मविश्वास में वृद्धि |
| **सांस्कृतिक** | विभिन्न संस्कृतियों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान |
| **सामाजिक** | बेहतर संचार कौशल, सहिष्णुता और समझ का विकास |
त्वरित पुनरीक्षण:
- बहुभाषिकता एक संसाधन है, बाधा नहीं।
- परिवेश स्वाभाविक रूप से बहुभाषिक होता है।
- क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान समावेशी शिक्षा का आधार है।
- सामग्री छात्रों की विविध क्षमताओं के अनुकूल होनी चाहिए।
- सामाजिक विविधताओं के प्रति संवेदनशील वातावरण आवश्यक है।
अभ्यास प्रश्न (Extra Practice Questions):
- भारत जैसे देश में बहुभाषिकता शिक्षा के लिए किस प्रकार एक वरदान है? स्पष्ट करें।
- आप एक शिक्षक के रूप में अपनी कक्षा में भाषाई विविधता को कैसे बढ़ावा देंगे? दो उदाहरण दीजिए।
- “परिवेश अनिवार्यतः बहुभाषिक होता है” – इस कथन का शिक्षा के संदर्भ में क्या अर्थ है?
- लिंग, जाति, वर्ग और धर्म की विविधताओं के प्रति संवेदनशील कक्षा बनाने के लिए आप कौन से दो महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे?
- भाषा में “विविधता” (variation) से आप क्या समझते हैं? एक उदाहरण देकर समझाइए।

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