Media literacy in Hindi MCQs Quiz | Class 9
यह बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी कक्षा: IX-X, विषय: द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085), इकाई: शिक्षण उद्देश्य, टॉपिक: Media literacy in Hindi MCQs Quiz | Class 9 पर आधारित है, जिसमें प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की हिंदी के विविध रूपों को समझना शामिल है। अपने ज्ञान का परीक्षण करने के लिए सभी 10 प्रश्नों के उत्तर दें, फिर ‘सबमिट क्विज़’ बटन पर क्लिक करें। आप अपने स्कोर की समीक्षा कर सकते हैं और बाद में संदर्भ के लिए विस्तृत उत्तर के साथ एक पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
मीडिया साक्षरता और हिंदी के विविध रूप: एक विस्तृत समझ
परिचय:
आज के सूचना-युग में मीडिया का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। प्रिंट (समाचार पत्र, पत्रिकाएँ) और इलेक्ट्रॉनिक (टीवी, रेडियो, इंटरनेट) माध्यम लगातार हमें जानकारी और मनोरंजन प्रदान करते हैं। ‘मीडिया साक्षरता’ हमें इन माध्यमों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं को आलोचनात्मक ढंग से समझने, विश्लेषण करने और उनका मूल्यांकन करने में सक्षम बनाती है। हिंदी भाषा के विविध रूपों को इन माध्यमों में समझना अत्यंत आवश्यक है ताकि हम संदेशों को सही संदर्भ में ग्रहण कर सकें और गलत सूचनाओं से बच सकें।
मुख्य बिंदु:
- मीडिया साक्षरता: यह केवल सूचना प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि मीडिया संदेश कैसे निर्मित होते हैं, उनके पीछे क्या उद्देश्य होते हैं, और वे हमें कैसे प्रभावित कर सकते हैं। इसमें सूचना की विश्वसनीयता को परखना और विभिन्न दृष्टिकोणों को समझना शामिल है।
- प्रिंट माध्यमों की हिंदी: समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रयुक्त हिंदी आमतौर पर मानक, स्पष्ट और तथ्यात्मक होती है। इसका उद्देश्य व्यापक पाठक वर्ग तक सूचना पहुंचाना होता है, इसलिए भाषा सरल और सुबोध होनी चाहिए। शीर्षक संक्षिप्त, आकर्षक और सारगर्भित होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की हिंदी:
- टेलीविजन और रेडियो: यहाँ हिंदी का मौखिक रूप अधिक महत्वपूर्ण होता है। उच्चारण की स्पष्टता, सहजता और बोलचाल की भाषा का प्रयोग आवश्यक है ताकि श्रोता या दर्शक तुरंत समझ सकें। जटिल शब्दों या वाक्यों से बचा जाता है।
- इंटरनेट और डिजिटल मीडिया: ब्लॉग, वेबसाइट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन समाचार पोर्टलों पर हिंदी के विविध रूप मिलते हैं। यहाँ अनौपचारिक, बोलचाल की, और कभी-कभी अंग्रेजी मिश्रित हिंदी (हिंग्लिश) का भी प्रयोग होता है, खासकर युवा वर्ग के बीच। यह माध्यम अधिक संवादात्मक और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करता है।
- हिंदी के विविध रूपों को समझना: विभिन्न माध्यमों में भाषा के उपयोग को समझने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि कोई संदेश किस उद्देश्य से और किस दर्शक वर्ग के लिए बनाया गया है। यह हमें संदेश की गहराई को समझने और उसके प्रभाव का आकलन करने में मदद करता है।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हिंदी की तुलना:
| विशेषता | प्रिंट मीडिया (समाचार पत्र, पत्रिकाएँ) | इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी, रेडियो, इंटरनेट) |
|---|---|---|
| भाषा शैली | औपचारिक, मानक, तथ्यात्मक, लिखित-उन्मुख | अनौपचारिक, बोलचाल की, सहज, मौखिक-उन्मुख |
| उद्देश्य | विस्तृत जानकारी, गहन विश्लेषण, संदर्भ प्रदान करना | तत्काल जानकारी, संक्षिप्त रिपोर्टिंग, दृश्य-श्रव्य प्रभाव |
| शब्द चयन | सटीक, संदर्भ के अनुकूल | सरल, तुरंत बोधगम्य, सामान्यतः कम औपचारिक |
| व्याकरण | उच्च व्याकरणिक शुद्धता पर जोर | सहजता और प्रवाह पर अधिक जोर, कुछ लचीलापन |
| उदाहरण | विस्तृत लेख, संपादकीय, रिपोर्ट | समाचार बुलेटिन, बहस, पॉडकास्ट, सोशल मीडिया पोस्ट |
त्वरित पुनरीक्षण:
- मीडिया साक्षरता हमें मीडिया संदेशों को आलोचनात्मक रूप से समझने में मदद करती है।
- प्रिंट मीडिया में मानक और स्पष्ट हिंदी का प्रयोग होता है।
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सहज उच्चारण और बोलचाल की भाषा महत्वपूर्ण है।
- डिजिटल मीडिया में हिंदी के अनौपचारिक और मिश्रित रूप भी प्रचलित हैं।
- विभिन्न माध्यमों में हिंदी के प्रयोग को समझना सूचना के सही विश्लेषण के लिए अनिवार्य है।
अभ्यास प्रश्न:
- समाचार चैनलों पर बहस के दौरान हिंदी भाषा का कौन सा रूप अधिक प्रभावी होता है?
अ) बहुत साहित्यिक हिंदी
ब) केवल संस्कृतनिष्ठ हिंदी
स) तर्कपूर्ण और स्पष्ट, जिसमें सामान्य शब्दों का प्रयोग हो
द) केवल अंग्रेजी मिश्रित शब्द - एक पत्रिका में लिखे गए लेख और एक ब्लॉग पोस्ट में लिखी गई सामग्री की हिंदी शैली में क्या अंतर होता है?
अ) कोई अंतर नहीं होता।
ब) पत्रिका में अधिक औपचारिक और ब्लॉग में अनौपचारिक शैली होती है।
स) पत्रिका में केवल विदेशी शब्द होते हैं, ब्लॉग में नहीं।
द) ब्लॉग में केवल व्याकरणिक रूप से गलत हिंदी होती है। - रेडियो जॉकी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हिंदी की प्रमुख विशेषता क्या है?
अ) कठोर और गंभीर
ब) नीरस और एकरस
स) जीवंत, आकर्षक और श्रोताओं से जुड़ाव बनाने वाली
द) बहुत धीमी और जटिल - हिंदी सिनेमा और टेलीविजन धारावाहिकों में प्रयुक्त हिंदी, समाचारों की हिंदी से किस प्रकार भिन्न होती है?
अ) इनमें हमेशा शुद्ध साहित्यिक हिंदी का प्रयोग होता है।
ब) यह अधिक स्वाभाविक, भावनात्मक और पात्रों के अनुरूप होती है।
स) यह केवल ग्रामीण बोलियों में होती है।
द) इसमें केवल तकनीकी शब्दों का प्रयोग होता है। - बच्चों के लिए प्रकाशित होने वाली हिंदी पत्रिकाओं में भाषा का स्तर कैसा होना चाहिए?
अ) बहुत कठिन और नए शब्द सिखाने वाला।
ब) सरल, सचित्र और उनकी उम्र के अनुसार समझने योग्य।
स) केवल वयस्कों के लिए उपयुक्त।
द) केवल अंग्रेजी शब्दों से भरपूर।

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