Everyday communication & writing MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज़ कक्षा IX-X के छात्रों के लिए है, जिसका विषय द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085) है। यह शिक्षण उद्देश्य इकाई के अंतर्गत ‘दैनिक जीवन में समझना-बोलना-लिखना’, ‘औपचारिक विषय/संदर्भ में बातचीत में भाग लेना’ और ‘अनुभव-संसार को लिखकर सहज अभिव्यक्ति’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर करता है। अपने ज्ञान का परीक्षण करने के लिए सभी 10 प्रश्नों का उत्तर दें, फिर अपना स्कोर देखने के लिए ‘Submit Quiz’ पर क्लिक करें और विस्तृत समीक्षा के साथ अपने उत्तरों की PDF डाउनलोड करें।

दैनिक संप्रेषण एवं लेखन: एक विस्तृत समझ

परिचय

दैनिक जीवन में प्रभावी संप्रेषण (बोलना-समझना) और लेखन कौशल (लिखना) हमारे व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह इकाई हमें प्रभावी ढंग से अपनी बात कहने, दूसरों को समझने और अपने विचारों तथा अनुभवों को लिखित रूप में व्यक्त करने में सक्षम बनाती है। इन कौशलों का विकास छात्रों को आत्मविश्वास के साथ बातचीत करने और विभिन्न संदर्भों में अपने विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में सहायता करता है।

प्रमुख बिंदु

  • दैनिक जीवन में समझना-बोलना-लिखना: इसमें दूसरों की बात को ध्यान से सुनना, उनके विचारों और भावनाओं को समझना, अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना और सामान्य जानकारी या भावनाओं को लिखित रूप में प्रस्तुत करना शामिल है। यह रोजमर्रा की बातचीत, संदेश भेजने, ईमेल लिखने या डायरी लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से होता है।
  • औपचारिक विषय/संदर्भ में बातचीत में भाग लेना: यह कौशल हमें स्कूल, कार्यालय, सार्वजनिक मंचों या औपचारिक बैठकों में उचित भाषा और शिष्टाचार के साथ बातचीत में शामिल होने में मदद करता है। इसमें अपनी बात को तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत करना, तथ्यों का सहारा लेना, दूसरों की बात को सम्मानपूर्वक सुनना और संयमित प्रतिक्रिया देना शामिल है। उदाहरण के लिए, कक्षा में समूह चर्चा, वाद-विवाद प्रतियोगिता या किसी कार्यक्रम में अपनी राय व्यक्त करना।
  • अनुभव-संसार को लिखकर सहज अभिव्यक्ति: यह हमें अपने व्यक्तिगत अनुभवों, भावनाओं, विचारों और कल्पनाओं को स्वाभाविक और सरल भाषा में लिखने की क्षमता देता है। डायरी लेखन, व्यक्तिगत पत्र, लघु कथाएं, यात्रा वृत्तांत या ब्लॉग पोस्ट लिखना इसके अच्छे उदाहरण हैं। यह आत्म-चिंतन, विचारों के संगठन और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।

दैनिक संप्रेषण एवं लेखन के घटक

घटक मौखिक संप्रेषण (बोलना-समझना) लिखित संप्रेषण (लिखना)
उद्देश्य सूचना साझा करना, विचार व्यक्त करना, प्रतिक्रिया देना, संबंध बनाना सूचना दर्ज करना, विचारों को संगठित करना, स्थायी रिकॉर्ड बनाना, रचनात्मकता व्यक्त करना
रूप बातचीत, चर्चा, प्रस्तुति, साक्षात्कार, सार्वजनिक भाषण पत्र, ईमेल, रिपोर्ट, डायरी, निबंध, कहानी, कविता, ब्लॉग
आवश्यक कौशल सक्रिय श्रवण, स्पष्ट उच्चारण, उचित विराम, आत्मविश्वास, शारीरिक भाषा, टोन व्याकरणिक शुद्धता, वर्तनी, वाक्य संरचना, उचित प्रारूप, विचारों की स्पष्टता और सुसंगति

त्वरित पुनरीक्षण

  • प्रभावी संप्रेषण के लिए विचारों की स्पष्टता और सहजता अत्यंत आवश्यक है।
  • औपचारिक बातचीत में विषय के अनुकूल और शिष्ट भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
  • अपने अनुभवों को लिखकर हम आत्म-चिंतन कर सकते हैं और विचारों को बेहतर ढंग से संगठित कर सकते हैं।
  • लिखित अभिव्यक्ति में सहजता का अर्थ है अपने विचारों को स्वाभाविक और सरल तरीके से प्रस्तुत करना।
  • औपचारिक पत्र या ईमेल लिखते समय स्पष्ट उद्देश्य और उचित प्रारूप का पालन करना महत्वपूर्ण है।
  • डायरी लेखन एक अनौपचारिक और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।
  • मौखिक संप्रेषण में अनावश्यक शब्द या वाक्यांशों के दोहराव से बचना चाहिए ताकि बात स्पष्ट रहे।
  • कहानी लेखन जैसी गतिविधियां रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को विकसित करती हैं।

अभ्यास प्रश्न

  1. एक प्रभावी वक्ता के कौन-कौन से प्रमुख गुण होते हैं, और वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
  2. आप किसी सार्वजनिक मंच पर अपनी बात कैसे रखेंगे, ताकि सभी श्रोताओं को आपकी बात स्पष्ट रूप से समझ में आए और वे आपसे सहमत हो सकें?
  3. अपने किसी यादगार अनुभव के बारे में, जो आपको खुशी या प्रेरणा देता हो, एक छोटा अनुच्छेद (लगभग 100 शब्द) लिखिए।
  4. एक औपचारिक ईमेल लिखते समय किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, और इसका क्या महत्व है?
  5. दैनिक जीवन में सुनने के कौशल का क्या महत्व है? यह केवल जानकारी प्राप्त करने से अधिक कैसे है?