Art-integrated learning (कला-समेकित) MCQs Quiz | Class 9
कक्षा IX-X के छात्रों के लिए कला-समेकित शिक्षा (Art-integrated learning) पर आधारित यह बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी (MCQs) हिंदी मातृभाषा (कोड 002) विषय के दर्शन/दृष्टिकोण इकाई से संबंधित है। इसमें संगीत, नृत्य, नाटक, कविता, रंगशाला, यात्रा, मूर्ति, आभूषण, गीत, नुक्कड़ नाटक, कोलाज, पोस्टर, प्रदर्शनी जैसी कला विधाओं के साथ-साथ आइस-ब्रेकिंग गतिविधि, अंतर्विषयक और बहुविषयक परियोजनाओं को शामिल किया गया है। अपने उत्तर जमा करें और अपने प्रदर्शन की विस्तृत PDF डाउनलोड करें।
कला-समेकित शिक्षा: एक विस्तृत समझ
कला-समेकित शिक्षा (Art-integrated learning – AIL) एक अभिनव शिक्षण दृष्टिकोण है जो छात्रों को विभिन्न विषयों की अवधारणाओं को कला के माध्यम से समझने, अनुभव करने और व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। यह केवल कला सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कला को एक उपकरण के रूप में उपयोग करके सीखने की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक, आकर्षक और प्रभावी बनाता है। CBSE द्वारा इसे बढ़ावा दिया गया है ताकि रटंत प्रणाली से हटकर समग्र और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा दिया जा सके।
कला-समेकित शिक्षा के मुख्य सिद्धांत और लाभ
- समग्र विकास: यह छात्रों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक, सामाजिक और रचनात्मक विकास को बढ़ावा देता है।
- गहरी समझ: कला के माध्यम से अमूर्त अवधारणाओं को ठोस और दृश्य रूप में प्रस्तुत करने से विषय-वस्तु की गहरी समझ विकसित होती है।
- रचनात्मकता और नवाचार: छात्रों को समस्याओं को हल करने और विचारों को व्यक्त करने के लिए रचनात्मक तरीके खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- सहभागिता और प्रेरणा: कला आधारित गतिविधियाँ छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करती हैं, जिससे उनकी रुचि और प्रेरणा बढ़ती है।
- अंतर्विषयक संबंध: यह विभिन्न विषयों के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करता है, जिससे ज्ञान का एकीकृत दृष्टिकोण विकसित होता है।
प्रमुख कला विधाओं का शिक्षा में समावेश
1. प्रदर्शन कलाएँ (Performing Arts)
- संगीत/नृत्य/गीत: ये छात्रों को भावनाओं को व्यक्त करने, सांस्कृतिक विरासत को समझने और विभिन्न विषयों (जैसे विज्ञान में ध्वनि की अवधारणा, इतिहास में लोकगीत) को ताल और गति के माध्यम से सीखने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, किसी कविता को गीत के रूप में प्रस्तुत करना या इतिहास की घटना को नृत्य के माध्यम से दर्शाना।
- नाटक/रंगशाला/नुक्कड़ नाटक: ये छात्रों में संवाद, सहयोग, समस्या-समाधान, आलोचनात्मक चिंतन और सार्वजनिक बोलने के कौशल को बढ़ावा देते हैं। सामाजिक विज्ञान में किसी ऐतिहासिक घटना का मंचन या विज्ञान में किसी प्रक्रिया को नाटक के रूप में प्रस्तुत करना बेहद प्रभावी हो सकता है। नुक्कड़ नाटक सामाजिक जागरूकता फैलाने और स्थानीय मुद्दों पर चिंतन को प्रोत्साहित करने का एक शक्तिशाली माध्यम है।
- कविता: कविताओं को केवल पढ़ना नहीं, बल्कि उनका पाठ करना, अभिनय के साथ प्रस्तुत करना, चित्र बनाना या संगीत के साथ जोड़ना छात्रों की कल्पनाशीलता और भाषा कौशल को समृद्ध करता है।
2. दृश्य कलाएँ (Visual Arts)
- मूर्ति/आभूषण: प्राचीन सभ्यताओं, वैज्ञानिक सिद्धांतों या गणितीय आकृतियों को समझने के लिए मूर्तियों या मॉडल का निर्माण एक प्रभावी तरीका है। आभूषणों के डिज़ाइन से इतिहास, संस्कृति और ज्यामितीय पैटर्न की समझ विकसित की जा सकती है।
- कोलाज/पोस्टर: ये छात्रों को जानकारी को संश्लेषित करने, विचारों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने और रचनात्मक रूप से सोचने में मदद करते हैं। किसी विषय पर रिसर्च करके कोलाज या पोस्टर बनाना, पर्यावरण जागरूकता पर अभियान चलाना इसके उदाहरण हैं।
- प्रदर्शनी: छात्रों द्वारा किए गए कला-समेकित परियोजनाओं और मॉडलों की प्रदर्शनी उन्हें अपनी सीखने की प्रक्रिया को प्रस्तुत करने, प्रतिक्रिया प्राप्त करने और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर देती है।
3. अनुभवात्मक और एकीकृत दृष्टिकोण
- यात्रा: शैक्षिक यात्राएँ (Educational trips) छात्रों को वास्तविक दुनिया से जोड़ती हैं, जिससे वे इतिहास, भूगोल, विज्ञान और संस्कृति को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखते हैं। यह कला को प्राकृतिक और निर्मित वातावरण से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है।
- आइस-ब्रेकिंग गतिविधि: ये गतिविधियाँ कक्षा में सीखने के माहौल को सहज और अनुकूल बनाती हैं। खेल, छोटे कला कार्य या सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से छात्र एक-दूसरे से जुड़ते हैं और संकोच छोड़कर सीखने के लिए तैयार होते हैं।
- अंतर्विषयक/बहुविषयक परियोजनाएँ: इन परियोजनाओं में छात्र विभिन्न विषयों के ज्ञान और कौशलों को एक साथ मिलाकर एक बड़ी समस्या को हल करते हैं या एक व्यापक विषय का अध्ययन करते हैं। उदाहरण के लिए, ‘नदी’ विषय पर एक परियोजना जिसमें भूगोल (नदी का मार्ग), विज्ञान (जल प्रदूषण), इतिहास (नदी किनारे सभ्यताएँ) और कला (नदी पर चित्रकला या कविता) शामिल हो सकती है।
संक्षेप में त्वरित पुनरावृति
- कला-समेकित शिक्षा (AIL) कला को सीखने का माध्यम बनाती है।
- यह विषयों की गहरी समझ और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है।
- संगीत, नृत्य, नाटक, कविता, दृश्य कलाएँ (मूर्ति, कोलाज, पोस्टर) इसके प्रमुख अंग हैं।
- यात्रा और आइस-ब्रेकिंग गतिविधियाँ अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ाती हैं।
- अंतर्विषयक और बहुविषयक परियोजनाएँ ज्ञान का एकीकरण करती हैं।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- कला-समेकित शिक्षा में ‘अमूर्त’ अवधारणाओं को कैसे समझा जा सकता है?
- ‘आभूषण निर्माण’ गतिविधि किस प्रकार गणितीय और सांस्कृतिक अवधारणाओं को सिखाने में सहायक हो सकती है?
- आप अपनी हिंदी कक्षा में ‘प्रवासी मजदूरों की समस्या’ पर कला-समेकित परियोजना कैसे तैयार करेंगे?
- ‘अंतर्विषयक’ और ‘बहुविषयक’ परियोजनाओं में क्या मूलभूत अंतर है, और कला-समेकित शिक्षा इन्हें कैसे उपयोग करती है?
- किसी विज्ञान विषय की अवधारणा (जैसे प्रकाश संश्लेषण) को समझाने के लिए कौन सी प्रदर्शन कला विधा सबसे उपयुक्त होगी और क्यों?

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