ई-मेल लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज कक्षा IX-X के लिए ‘द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085)’ विषय के ‘रचनात्मक लेखन प्रारूप’ इकाई से ‘ई-मेल लेखन’ विषय पर आधारित है। इसमें ई-मेल लेखन के मुख्य मापदंडों जैसे कि सरल, शिष्ट, बोधगम्य भाषा, विषय-संबद्धता, संक्षिप्तता परंतु पूर्ण जानकारी, और कार्यालयीय शिष्टाचार/औपचारिकताएँ पर आधारित मल्टीपल चॉइस प्रश्न शामिल हैं। क्विज सबमिट करने के बाद आप अपना स्कोर देख सकते हैं और उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

ई-मेल लेखन: एक प्रभावी संचार माध्यम

ई-मेल आधुनिक युग में सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण और औपचारिक माध्यम है। यह कार्यालयों, विद्यालयों और व्यक्तिगत स्तर पर भी व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है। एक प्रभावी ई-मेल लिखने के लिए कुछ निश्चित मापदंडों का पालन करना आवश्यक है ताकि संदेश स्पष्ट, शिष्ट और उद्देश्यपूर्ण हो।

ई-मेल लेखन के प्रमुख मापदंड

  • सरलता, शिष्टता और बोधगम्यता (Simplicity, Politeness, and Understandability):
    • ई-मेल की भाषा सरल होनी चाहिए ताकि प्राप्तकर्ता उसे आसानी से समझ सके।
    • हमेशा शिष्ट और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करें। कठोर या अति-अनौपचारिक शब्दों से बचें।
    • वाक्य छोटे और स्पष्ट हों। जटिल व्याकरण या लंबे वाक्यों के प्रयोग से बचें।
    • व्याकरण और वर्तनी की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि गलतियाँ पेशेवर छवि को खराब कर सकती हैं।
  • विषय-संबद्धता (Relevance to the Topic):
    • ‘विषय’ (Subject) पंक्ति स्पष्ट, संक्षिप्त और ई-मेल के मुख्य उद्देश्य को दर्शाने वाली होनी चाहिए। यह प्राप्तकर्ता को ई-मेल की प्राथमिकता और सामग्री का त्वरित अनुमान लगाने में मदद करती है।
    • ई-मेल का मुख्य भाग केवल विषय से संबंधित जानकारी ही प्रस्तुत करे। अनावश्यक बातों, व्यक्तिगत विचारों या अप्रासंगिक विवरणों से बचें।
  • संक्षिप्तता परंतु पूर्ण जानकारी (Conciseness yet Complete Information):
    • ई-मेल को यथासंभव संक्षिप्त रखें। लोग लंबे ई-मेल पढ़ने में अक्सर रुचि नहीं रखते।
    • संदेश संक्षिप्त होते हुए भी महत्वपूर्ण जानकारी अधूरी नहीं छूटनी चाहिए। सभी आवश्यक विवरण शामिल करें।
    • मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से बताएं और यदि आवश्यक हो, तो जानकारी को बुलेट पॉइंट्स या क्रमांकित सूचियों में प्रस्तुत करें ताकि पढ़ने में आसानी हो।
  • कार्यालयीय शिष्टाचार/औपचारिकताएँ (Office Etiquette/Formalities):
    • प्रेषक और प्राप्तकर्ता (Sender and Recipient): ‘To’ (प्राथमिक प्राप्तकर्ता), ‘Cc’ (कार्बन कॉपी – अन्य जानकारी प्राप्तकर्ता), और ‘Bcc’ (ब्लाइंड कार्बन कॉपी – गुप्त जानकारी प्राप्तकर्ता) का सही उपयोग करें।
    • अभिवादन (Salutation): ई-मेल की प्रकृति के अनुसार उचित औपचारिक अभिवादन का प्रयोग करें, जैसे ‘प्रिय महोदय/महोदया’, ‘आदरणीय सर/मैडम’, या ‘नमस्ते’।
    • मुख्य भाग (Body): अभिवादन के बाद, सीधे विषय पर आएं। उद्देश्य का स्पष्टीकरण और आवश्यक जानकारी क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
    • समापन (Closing): ई-मेल का समापन औपचारिक और विनम्र तरीके से करें, जैसे ‘धन्यवाद’, ‘सादर’, ‘शुभकामनाओं सहित’, ‘भवदीय’।
    • हस्ताक्षर (Signature): अपने नाम, पद, संगठन का नाम और संपर्क जानकारी (फोन नंबर, वेबसाइट) को हस्ताक्षर के रूप में शामिल करें।
    • अटैचमेंट्स (Attachments): यदि आप ई-मेल के साथ कोई फाइल (दस्तावेज़, छवि) संलग्न कर रहे हैं, तो मुख्य भाग में उसका स्पष्ट रूप से उल्लेख करें और बताएं कि वह क्या है।

ई-मेल के भागों की सारणी

भाग विवरण
प्रेषक (From) आपका ई-मेल पता।
प्राप्तकर्ता (To) जिन्हें ई-मेल सीधे भेजना है।
Cc (कार्बन कॉपी) प्राथमिक प्राप्तकर्ता के अलावा अन्य जानकारी प्राप्तकर्ताओं को।
Bcc (ब्लाइंड कार्बन कॉपी) गुप्त रूप से जानकारी प्राप्तकर्ताओं को।
विषय (Subject) ई-मेल का मुख्य बिंदु (संक्षिप्त, स्पष्ट और सटीक)।
अभिवादन (Salutation) जैसे ‘महोदय/महोदया’, ‘प्रिय [नाम]’।
मुख्य भाग (Body) संदेश का विस्तृत विवरण (स्पष्ट, संक्षिप्त, पूर्ण जानकारी)।
समापन (Closing) जैसे ‘धन्यवाद’, ‘भवदीय’, ‘सादर’।
हस्ताक्षर (Signature) आपका नाम, पद, संगठन और संपर्क जानकारी।

त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

  • ई-मेल की भाषा सरल, शिष्ट और आसानी से समझ में आने योग्य हो।
  • ‘विषय’ पंक्ति हमेशा स्पष्ट और संक्षिप्त होनी चाहिए, जो ई-मेल के उद्देश्य को दर्शाए।
  • संदेश संक्षिप्त हो, पर सभी आवश्यक और पूर्ण जानकारी शामिल हो।
  • कार्यालयीय ई-मेल में उचित अभिवादन, समापन और हस्ताक्षर का प्रयोग करें।
  • व्याकरण और वर्तनी की शुद्धता पर ध्यान दें।
  • अनावश्यक शब्दों और वाक्यों से बचें।

अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न (Extra Practice Questions)

  1. प्रश्न: ई-मेल लिखते समय ‘विषय’ पंक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
  2. उत्तर: ‘विषय’ पंक्ति प्राप्तकर्ता को ई-मेल की सामग्री का त्वरित अनुमान लगाने में मदद करती है और यह निर्धारित करती है कि ई-मेल कितना महत्वपूर्ण है।
  3. प्रश्न: कार्यालयीय ई-मेल में अनौपचारिक भाषा का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
  4. उत्तर: अनौपचारिक भाषा पेशेवर माहौल में अप्रभावी और अनुचित लग सकती है। शिष्टाचार बनाए रखने और पेशेवर छवि बनाए रखने के लिए औपचारिक भाषा आवश्यक है।
  5. प्रश्न: यदि आप ई-मेल के साथ एक दस्तावेज़ संलग्न कर रहे हैं, तो आपको क्या करना चाहिए?
  6. उत्तर: ई-मेल के मुख्य भाग में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि आपने एक दस्तावेज़ संलग्न किया है और उस दस्तावेज़ का संक्षिप्त विवरण दें।
  7. प्रश्न: ‘BCC’ (ब्लाइंड कार्बन कॉपी) का उपयोग कब किया जाता है?
  8. उत्तर: ‘BCC’ का उपयोग तब किया जाता है जब आप किसी को ई-मेल की एक प्रति भेजना चाहते हैं, लेकिन अन्य ‘To’ और ‘Cc’ प्राप्तकर्ताओं को यह नहीं दिखाना चाहते कि आपने उन्हें भी भेजा है।
  9. प्रश्न: एक अच्छे ई-मेल में क्या गलतियाँ नहीं होनी चाहिए?
  10. उत्तर: व्याकरण और वर्तनी की त्रुटियाँ, अत्यधिक लंबी या अस्पष्ट जानकारी, अनुचित टोन, और विषय से भटकना जैसी गलतियाँ नहीं होनी चाहिए।