Reading competencies MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज़ कक्षा IX-X के विद्यार्थियों के लिए ‘द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085)’ विषय के ‘पठन (Reading Skills)’ यूनिट पर आधारित है। इसमें कहानी, निबंध, यात्रा-वर्णन, जीवनी, पत्र, डायरी आदि के अर्थबोध, पाठ पर विचार व मत, संदर्भ साहित्य से उपयोगी सूचना निकालने, भागों के परस्पर संबंध समझने, सारांश लिखने, भाषा-विचार-शैली की सराहना करने और साहित्य-रुचि विकसित करने संबंधी पठन क्षमताओं पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल हैं। क्विज़ पूरा करने के बाद सबमिट करें और अपना परिणाम देखें। आप अपनी उत्तर-पुस्तिका की PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं।

पठन क्षमताएं: एक गहन विश्लेषण

पठन क्षमताएं किसी भी भाषा सीखने की नींव होती हैं। यह केवल शब्दों को पहचानने से कहीं अधिक है; यह पाठ को समझने, विश्लेषण करने और उस पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता है। एक कुशल पाठक न केवल जानकारी प्राप्त करता है, बल्कि वह उसे संसाधित भी करता है और उस पर अपने विचार भी बना पाता है।

मुख्य पठन क्षमताएं

  • अर्थबोध: किसी भी पाठ (कहानी, निबंध, जीवनी आदि) को पढ़कर उसका केंद्रीय विचार, मुख्य घटनाएँ और पात्रों के उद्देश्य समझना। यह पाठ के निहितार्थों को समझने की क्षमता है।
  • विचार व मत: पाठ को पढ़ने के बाद उस पर अपनी राय बनाना, तर्क देना और लेखक के दृष्टिकोण का विश्लेषण करना। इसमें पाठ की आलोचनात्मक मूल्यांकन क्षमता भी शामिल है।
  • संदर्भ साहित्य से सूचना: पाठ में दी गई जानकारी में से अपनी ज़रूरत की विशिष्ट और प्रासंगिक तथ्यों (जैसे तथ्य, आँकड़े, तर्क) को पहचानना, निकालना और समझना।
  • भागों का संबंध: यह समझना कि पाठ के विभिन्न पैराग्राफ, अध्याय या खंड कैसे एक-दूसरे से जुड़े हैं, एक दूसरे को कैसे प्रभावित करते हैं, और मिलकर एक पूर्ण संदेश देते हैं।
  • सारांश: पाठ की मुख्य बातों को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से अपने शब्दों में प्रस्तुत करना। इसमें अनावश्यक विवरणों को छोड़कर केवल आवश्यक जानकारी को शामिल किया जाता है।
  • भाषा-शैली की सराहना: लेखक द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा (जैसे शब्दावली, वाक्य-विन्यास, अलंकार) और शैली (जैसे व्यंग्यात्मक, वर्णनात्मक, भावनात्मक) की पहचान करना और उसकी सुंदरता या प्रभावशीलता की सराहना करना।
  • साहित्य-रुचि: विभिन्न प्रकार के साहित्यिक पाठों (कहानी, कविता, नाटक, निबंध आदि) को पढ़ने में आनंद लेना और उनके प्रति जिज्ञासा व सराहना विकसित करना।

विभिन्न प्रकार की पठन सामग्री और आवश्यक कौशल

पठन सामग्री मुख्य फोकस विशेष पठन कौशल
कहानी मनोरंजन, पात्र, कथानक, संदेश चरित्र विश्लेषण, कथानक समझना, नैतिक शिक्षा की पहचान
निबंध विचारों की प्रस्तुति, तर्क, विश्लेषण मुख्य तर्क पहचानना, लेखक का दृष्टिकोण समझना, तार्किक क्रम
यात्रा-वर्णन स्थान, संस्कृति, अनुभव, दृश्य-चित्रण भौगोलिक और सांस्कृतिक जानकारी, लेखक का व्यक्तिगत अनुभव
जीवनी व्यक्ति का जीवन, संघर्ष, उपलब्धियाँ महत्वपूर्ण घटनाओं का क्रम, व्यक्तित्व की गहरी समझ
पत्र संबंध, उद्देश्य, जानकारी का आदान-प्रदान प्रेषक-प्राप्तकर्ता संबंध, संदेश का निहितार्थ
डायरी व्यक्तिगत भावनाएँ, अनुभव, आंतरिक विचार भावनात्मक समझ, लेखक के मन की स्थिति का विश्लेषण

त्वरित पुनरावृति

  • एक सक्रिय पाठक बनें: केवल शब्द न पढ़ें, उनके पीछे के अर्थ और संदर्भ को भी समझें।
  • मुख्य विचारों और महत्वपूर्ण विवरणों को रेखांकित करें या नोट करें।
  • पाठ पढ़ते समय प्रश्न पूछें और उनके उत्तर पाठ में या अपने ज्ञान में खोजें।
  • सारांश लिखने का नियमित अभ्यास करें ताकि आप मुख्य बिंदुओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकें।
  • अपनी साहित्य-रुचि विकसित करने के लिए विभिन्न शैलियों और लेखकों की पुस्तकें पढ़ें।

अभ्यास प्रश्न

1. एक प्रभावी पाठक किसी अनजाने शब्द का अर्थ जानने के लिए सबसे पहले क्या करेगा?

  1. शब्दकोश देखेगा।
  2. पाठ के संदर्भ में उसका अर्थ समझने का प्रयास करेगा।
  3. अपने मित्र से पूछेगा।
  4. उस शब्द को अनदेखा कर देगा।

उत्तर: b) पाठ के संदर्भ में उसका अर्थ समझने का प्रयास करेगा।

2. ‘संस्मरण’ किस प्रकार की पठन सामग्री है?

  1. कल्पना पर आधारित कहानी।
  2. किसी व्यक्ति की यादों पर आधारित वास्तविक घटनाएँ।
  3. विज्ञान संबंधी लेख।
  4. भविष्यवाणियाँ।

उत्तर: b) किसी व्यक्ति की यादों पर आधारित वास्तविक घटनाएँ।

3. किसी पाठ के शीर्षक से क्या अपेक्षा की जाती है?

  1. वह पाठ की लंबाई बताएगा।
  2. वह पाठ के मुख्य विषय का संकेत देगा।
  3. वह पाठक को भ्रमित करेगा।
  4. वह केवल लेखक का नाम बताएगा।

उत्तर: b) वह पाठ के मुख्य विषय का संकेत देगा।

4. पठन में ‘निष्कर्ष निकालना’ का क्या अर्थ है?

  1. जो सीधे तौर पर लिखा है, उसे ही मानना।
  2. दी गई जानकारी के आधार पर तार्किक रूप से कुछ अनुमान लगाना।
  3. पाठ को बिना पढ़े ही अपनी राय देना।
  4. केवल कठिन शब्दों का अर्थ खोजना।

उत्तर: b) दी गई जानकारी के आधार पर तार्किक रूप से कुछ अनुमान लगाना।

5. यदि कोई पाठक किसी पाठ की ‘आलोचनात्मक समीक्षा’ कर रहा है, तो वह क्या कर रहा है?

  1. केवल पाठ की प्रशंसा कर रहा है।
  2. पाठ की खूबियों और खामियों का विश्लेषण कर रहा है।
  3. लेखक की व्यक्तिगत जीवन शैली का वर्णन कर रहा है।
  4. पाठ को दोबारा लिख रहा है।

उत्तर: b) पाठ की खूबियों और खामियों का विश्लेषण कर रहा है।