Rubric highlights MCQs Quiz | Class 9

कक्षा: IX-X | विषय: द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085) | इकाई: एएलएस मूल्यांकन (ALS Assessment) | विषय: रुब्रिक हाइलाइट्स बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी | कक्षा 9। इसमें शामिल हैं: श्रवण: परिचित संदर्भ शब्द समझ → छोटे सुसंबद्ध कथन → परिचित/अपरिचित में सूचना स्पष्ट समझ → निष्कर्ष निकालना → जटिल विचार-बिंदु विश्लेषण; वाचन: शब्द/पद प्रयोग → छोटे कथनों का सीमित शुद्ध प्रयोग → अपेक्षाकृत दीर्घ भाषण में जटिल कथन → अपरिचित स्थिति में तर्कपूर्ण धाराप्रवाह प्रस्तुति → उद्देश्य/श्रोता अनुसार शैली। इस क्विज को सबमिट करें और अपने उत्तरों का पीडीएफ डाउनलोड करें।

श्रवण और वाचन कौशल का महत्व: ALS मूल्यांकन के संदर्भ में

श्रवण (सुनना) और वाचन (बोलना) कौशल भाषा सीखने के महत्वपूर्ण घटक हैं, विशेषकर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी के एएलएस (ALS – Assessment of Listening and Speaking) मूल्यांकन में। ये कौशल छात्रों को न केवल भाषा को समझने और उसका उपयोग करने में मदद करते हैं, बल्कि विभिन्न संदर्भों में प्रभावी ढंग से संवाद करने की उनकी क्षमता को भी बढ़ाते हैं। यह अनुभाग इन कौशलों के मूल्यांकन के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रमुख रुब्रिक हाइलाइट्स को विस्तार से समझाता है, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सके।

मुख्य बिंदु: श्रवण कौशल (Listening Skills)

श्रवण कौशल में ध्वनि को सुनना, समझना और उस पर प्रतिक्रिया देना शामिल है। ALS मूल्यांकन में इसे विभिन्न स्तरों पर आँका जाता है:

  • परिचित संदर्भ में शब्द समझ: छात्रों की क्षमता कि वे जाने-पहचाने संदर्भों (जैसे स्कूल, परिवार, दैनिक जीवन) में शब्दों और वाक्यांशों के अर्थ को समझ सकें। यह बुनियादी समझ का पहला कदम है।
  • छोटे सुसंबद्ध कथन: दो-तीन सरल वाक्यों के एक समूह को समझना जो एक स्पष्ट विचार प्रस्तुत करते हैं। इसमें वाक्यों के बीच के सीधे संबंध को समझना भी शामिल है।
  • परिचित/अपरिचित में सूचना की स्पष्ट समझ: सुनी गई जानकारी के मुख्य बिंदुओं और विशिष्ट विवरणों को सही ढंग से समझना, चाहे वह विषय पहले से ज्ञात हो या नया।
  • निष्कर्ष निकालना: जो जानकारी सीधे नहीं कही गई है, उसे सुनी गई बातों के आधार पर अनुमान लगाना या निहित अर्थों को समझना। यह गहरी समझ का परिचायक है।
  • जटिल विचार-बिंदु विश्लेषण: लंबे और अधिक अमूर्त विचारों, विभिन्न दृष्टिकोणों और तर्कों वाली बातचीत को गहराई से समझना और उनका मूल्यांकन करना। यह कौशल उच्चतम स्तर की श्रवण क्षमता को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु: वाचन कौशल (Speaking Skills)

वाचन कौशल में विचारों को मौखिक रूप से व्यक्त करना, सही उच्चारण, प्रवाह और व्याकरण का उपयोग करना शामिल है। ALS मूल्यांकन में इसे निम्नलिखित पहलुओं पर केंद्रित किया जाता है:

  • शब्द/पद प्रयोग: संदर्भ के अनुसार उपयुक्त और सटीक शब्दों, वाक्यांशों और मुहावरों का चयन करना और उनका प्रभावी ढंग से प्रयोग करना।
  • छोटे कथनों का सीमित शुद्ध प्रयोग: व्याकरणिक रूप से सही और स्पष्ट छोटे वाक्य बनाना। इसमें बुनियादी वाक्य संरचनाओं का सही उपयोग शामिल है।
  • अपेक्षाकृत दीर्घ भाषण में जटिल कथन: विचारों को विस्तृत और संरचित तरीके से प्रस्तुत करने के लिए लंबे, अधिक जटिल वाक्यों और संरचनाओं का उपयोग करना। यह उच्च-स्तरीय वैचारिक अभिव्यक्ति को दर्शाता है।
  • अपरिचित स्थिति में तर्कपूर्ण धाराप्रवाह प्रस्तुति: अचानक सामने आई या अपरिचित परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ अपने विचारों को तार्किक रूप से प्रस्तुत करना। इसमें तात्कालिकता और प्रवाह महत्वपूर्ण हैं।
  • उद्देश्य/श्रोता अनुसार शैली: बातचीत के उद्देश्य (सूचित करना, मनाना, मनोरंजन करना) और श्रोताओं की प्रकृति (शिक्षक, मित्र, औपचारिक समूह) के अनुसार अपनी वाचन शैली, शब्दावली और टोन को समायोजित करना।

सारांश तालिका: श्रवण और वाचन कौशल स्तर

कौशल पहलू निम्न स्तर के संकेतक उच्च स्तर के संकेतक
श्रवण: शब्द समझ केवल कुछ परिचित शब्द समझते हैं सभी परिचित शब्दों के साथ संदर्भ समझते हैं
श्रवण: निष्कर्ष सीधे कहे गए पर निर्भर करते हैं निहित अर्थों को सफलतापूर्वक समझते हैं
वाचन: शब्द प्रयोग सीमित शब्दावली, बार-बार दोहराव सटीक, विविध शब्दावली का प्रभावी प्रयोग
वाचन: धाराप्रवाह झिझक, रुक-रुक कर बोलते हैं आत्मविश्वासपूर्ण, स्पष्ट और धाराप्रवाह प्रस्तुति

त्वरित पुनरावलोकन

  • श्रवण कौशल में ‘समझ’, ‘विश्लेषण’ और ‘निष्कर्ष निकालना’ महत्वपूर्ण चरण हैं।
  • वाचन कौशल में ‘शुद्धता’, ‘प्रवाह’, ‘उपयुक्त शब्द प्रयोग’ और ‘श्रोतानुसार शैली’ पर ध्यान देना चाहिए।
  • ALS मूल्यांकन का लक्ष्य छात्रों की वास्तविक जीवन के संचार परिदृश्यों में भाषा उपयोग की क्षमता का आकलन करना है।
  • ये रुब्रिक छात्रों को अपनी प्रगति को समझने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करते हैं।

अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न

  1. यदि कोई छात्र श्रवण मूल्यांकन में ‘छोटे सुसंबद्ध कथन’ को समझने में कठिनाई महसूस करता है, तो उसे किस पर ध्यान देना चाहिए?
    • अकेले शब्दों को पहचानना।
    • वाक्यों के बीच के संबंध को समझना।
    • भाषण की गति बढ़ाना।
    • केवल व्याकरण सीखना।
  2. वाचन कौशल में ‘उद्देश्य/श्रोता अनुसार शैली’ का एक उदाहरण दीजिए।
    • हमेशा एक ही तरह से बात करना।
    • शिक्षकों से औपचारिक रूप से और दोस्तों से अनौपचारिक रूप से बात करना।
    • बात करते समय केवल चिल्लाना।
    • दूसरों की बात नहीं सुनना।
  3. श्रवण में ‘निष्कर्ष निकालना’ और ‘जटिल विचार-बिंदु विश्लेषण’ के बीच क्या अंतर है?
    • कोई अंतर नहीं है।
    • निष्कर्ष निकालना सरल होता है, जबकि विश्लेषण में गहरी सोच की आवश्यकता होती है।
    • विश्लेषण निष्कर्ष से पहले आता है।
    • दोनों एक ही प्रक्रिया के हिस्से हैं।
  4. एक छात्र जो ‘सीमित शुद्ध प्रयोग’ से ‘अपेक्षाकृत दीर्घ भाषण में जटिल कथन’ की ओर बढ़ना चाहता है, उसे किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
    • केवल लंबे वाक्य बनाना।
    • अधिक जटिल व्याकरणिक संरचनाओं और विचारों को व्यक्त करना सीखना।
    • बोलना बंद कर देना।
    • केवल छोटे वाक्य बनाना।
  5. अपरिचित स्थिति में धाराप्रवाह वाचन के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण क्या है?
    • रटकर याद किए गए वाक्य।
    • आत्मविश्वास और तात्कालिकता।
    • केवल लंबे-लंबे शब्द।
    • शांत रहना और बिल्कुल न बोलना।