Target competencies MCQs Quiz | Class 9
यह कक्षा IX-X के लिए द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085) की ‘सुनने और बोलने के कौशल’ इकाई का एक बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी है। यह प्रश्नोत्तरी प्रवाह के साथ बोली हिंदी समझना, सही उच्चारण/स्वाभाविक अनुतान, सामान्य विषयों पर बातचीत/परिचर्चा, कविता उचित लय-भाव से पढ़ना, 2-4 मिनट का भाषण, स्वागत/परिचय/धन्यवाद और अभिनय जैसी दक्षताओं को कवर करती है। अपने उत्तर सबमिट करें और अपनी प्रदर्शन रिपोर्ट डाउनलोड करने के लिए पीडीएफ प्राप्त करें।
सुनने और बोलने के कौशल: एक व्यापक मार्गदर्शिका
द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी सीखने वाले छात्रों के लिए ‘सुनने और बोलने के कौशल’ (Listening & Speaking Skills) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये कौशल न केवल भाषा को समझने और व्यक्त करने की क्षमता को मजबूत करते हैं, बल्कि छात्रों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ संवाद करने में भी सक्षम बनाते हैं। यह खंड इन प्रमुख दक्षताओं और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेगा।
मुख्य योग्यताएँ और उनका महत्व:
- प्रवाह के साथ बोली हिंदी समझना: यह केवल शब्दों को सुनना नहीं, बल्कि वक्ता के आशय, भावना और संदेश को समझना है। इसमें बोली गई भाषा की गति, स्वर और संदर्भ पर ध्यान देना शामिल है। सक्रिय श्रवण (Active Listening) से भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।
- सही उच्चारण और स्वाभाविक अनुतान:
- उच्चारण: शब्दों का सही तरीके से उच्चारण करना, ताकि आपकी बात स्पष्ट और समझने योग्य हो। गलत उच्चारण से गलतफहमी हो सकती है।
- अनुतान (Intonation): बोलते समय आवाज में उतार-चढ़ाव। यह प्रश्न, विस्मय, खुशी या दुख जैसी भावनाओं को व्यक्त करता है और संवाद को अधिक प्रभावशाली बनाता है।
- सामान्य विषयों पर बातचीत/परिचर्चा: इसमें दूसरों की बातों को ध्यान से सुनना, उचित प्रतिक्रिया देना, प्रश्न पूछना और अपनी राय व्यक्त करना शामिल है। आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ बातचीत करना महत्वपूर्ण है।
- कविता उचित लय-भाव से पढ़ना: कविता को उसकी मूल भावना, लय और छंद के साथ पढ़ना, ताकि उसका सौंदर्य और अर्थ श्रोताओं तक पहुँच सके। यह भाषा की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करता है।
- 2-4 मिनट का भाषण: यह कौशल आपको किसी दिए गए विषय पर व्यवस्थित रूप से अपने विचारों को प्रस्तुत करने की क्षमता प्रदान करता है। इसमें विषय का चुनाव, शोध, संरचना (परिचय, मुख्य भाग, निष्कर्ष) और अभ्यास महत्वपूर्ण हैं।
- स्वागत/परिचय/धन्यवाद: ये सामाजिक शिष्टाचार के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
- स्वागत: किसी का आदरपूर्वक अभिनंदन करना (जैसे: “आपका स्वागत है, आइए बैठिए”)।
- परिचय: अपना या किसी और का संक्षिप्त और स्पष्ट परिचय देना (जैसे: “नमस्ते, मेरा नाम [नाम] है और मैं [पेशा] हूँ”)।
- धन्यवाद: कृतज्ञता व्यक्त करना (जैसे: “आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, मैं आभारी हूँ”)।
- अभिनय: यह भावनाओं, विचारों और स्थितियों को शारीरिक हावभाव और वाचिक रूप से व्यक्त करने का कौशल है। यह कहानी कहने और संवाद प्रदर्शन में गहराई लाता है, जिससे अभिव्यक्ति अधिक सजीव और प्रभावशाली बनती है।
संक्षेप में पुनरावलोकन (Quick Revision):
- सुनना सिर्फ कानों से नहीं, दिमाग से भी होता है – वक्ता के भाव और संदेश को समझें।
- सही उच्चारण से आपकी बात स्पष्ट और समझने योग्य बनती है।
- अनुतान से भावनाओं और वाक्यों के प्रकार का पता चलता है, जिससे संवाद अधिक जीवंत होता है।
- बातचीत में सक्रिय श्रवण और उचित प्रतिक्रिया दोनों आवश्यक हैं।
- भाषण की तैयारी में विषय पर शोध, संरचना और अभ्यास महत्वपूर्ण है।
- स्वागत, परिचय और धन्यवाद सामाजिक मेलजोल के आधार हैं, जो शिष्टाचार को दर्शाते हैं।
- अभिनय से अभिव्यक्ति में गहराई और सजीवता आती है।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न:
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जब कोई आपसे हिंदी में बात कर रहा हो और आप उसकी बात ठीक से न समझ पाएं, तो आपको क्या करना चाहिए?
- A) उसकी बात को अनदेखा करना
- B) उसे दोहराने या धीमे बोलने का अनुरोध करना
- C) विषय बदल देना
- D) तुरंत चले जाना
उत्तर: B) उसे दोहराने या धीमे बोलने का अनुरोध करना
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भाषण देते समय दर्शकों से आँखें मिलाना क्यों महत्वपूर्ण है?
- A) ताकि आप देख सकें कि वे ऊब रहे हैं या नहीं
- B) आत्मविश्वास दिखाने और जुड़ाव बनाने के लिए
- C) केवल कुछ लोगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए
- D) यह बिल्कुल भी महत्वपूर्ण नहीं है
उत्तर: B) आत्मविश्वास दिखाने और जुड़ाव बनाने के लिए
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किसी नए व्यक्ति से मिलते समय, आप अपना परिचय कैसे देंगे?
- A) “मैं बहुत व्यस्त हूँ, बाद में बात करते हैं।”
- B) “नमस्ते, मेरा नाम [आपका नाम] है और मैं [आपका काम/पेशा] हूँ।”
- C) “आप कौन हैं और क्या करते हैं?”
- D) “क्या मुझे आपको जानना चाहिए?”
उत्तर: B) “नमस्ते, मेरा नाम [आपका नाम] है और मैं [आपका काम/पेशा] हूँ।”
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यदि किसी कविता में दुख का भाव है, तो उसे किस अनुतान से पढ़ना चाहिए?
- A) बहुत तेज और ऊँची आवाज में
- B) शांत, गंभीर और धीमी गति से
- C) हंसी-मजाक वाले तरीके से
- D) बिना किसी भावना के
उत्तर: B) शांत, गंभीर और धीमी गति से
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अभिनय करते समय ‘हावभाव’ का क्या महत्व है?
- A) यह केवल दर्शकों का मनोरंजन करता है
- B) यह भावनाओं और संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है
- C) यह संवाद को छोटा करता है
- D) इसका अभिनय से कोई लेना-देना नहीं है
उत्तर: B) यह भावनाओं और संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है

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