Dictionary & reference habit MCQs Quiz | Class 9
कक्षा: IX-X, विषय: द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085), इकाई: शिक्षण युक्तियाँ, विषय: Dictionary & reference habit MCQs Quiz | Class 9। यह क्विज शब्दकोश/साहित्यकोश/संदर्भग्रंथ के नियमित उपयोग, अनुमान के बजाय सटीक अर्थ खोजने और शब्दों के सूक्ष्म अंतर को समझने पर केंद्रित है। अपना उत्तर सबमिट करने के लिए ‘Submit Quiz’ बटन पर क्लिक करें और अपने स्कोर तथा विस्तृत उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड करें।
शब्दकोश और संदर्भ ग्रंथों का उपयोग: एक मार्गदर्शिका
शब्दकोश, साहित्यकोश और अन्य संदर्भ ग्रंथ हमारी भाषा और ज्ञान को समृद्ध करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण हैं। इनका नियमित और सही उपयोग हमें शब्दों के सटीक अर्थों को समझने, उनके प्रयोग की बारीकियों को जानने और अपनी अभिव्यक्ति को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है।
मुख्य शिक्षण युक्तियाँ:
- शब्दकोश/साहित्यकोश/संदर्भग्रंथ का नियमित उपयोग:
न केवल नए शब्दों के अर्थ जानने के लिए, बल्कि शब्दों के सही उच्चारण, वर्तनी, व्याकरणिक श्रेणी (संज्ञा, क्रिया, विशेषण आदि), व्युत्पत्ति (शब्द कहाँ से आया) और विभिन्न संदर्भों में उनके प्रयोग को समझने के लिए भी इनका नियमित उपयोग आवश्यक है। साहित्यकोश साहित्यिक विधाओं, लेखकों, कृतियों और अवधारणाओं की गहरी समझ प्रदान करता है, जबकि अन्य संदर्भ ग्रंथ (जैसे विश्वकोश) व्यापक ज्ञान प्रदान करते हैं।
- अनुमान से नहीं—सटीक अर्थ खोज:
किसी अपरिचित शब्द का अर्थ केवल संदर्भ से या अनुमान लगाकर समझना अक्सर गलतफहमी पैदा कर सकता है। सटीक अर्थ जानने के लिए शब्दकोश का उपयोग करना अनिवार्य है। यह आपको न केवल सही जानकारी देगा, बल्कि आपकी शब्दावली में भी वृद्धि करेगा और आपकी भाषा को अधिक परिष्कृत बनाएगा। गलत अर्थ निकालने से बचने और सही संदर्भ में शब्द का उपयोग करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कौशल है।
- शब्दों के सूक्ष्म अंतर के प्रति सजगता:
हिंदी में कई शब्द ऐसे होते हैं जो समानार्थक प्रतीत होते हैं, लेकिन उनके अर्थों में सूक्ष्म अंतर होता है। उदाहरण के लिए, ‘जल’ और ‘पानी’, ‘मित्र’ और ‘सखा’, ‘घर’ और ‘मकान’। इन अंतरों को समझना भाषा के गहन ज्ञान को दर्शाता है। शब्दकोश, थिसॉरस (पर्यायवाची कोश) और पर्यायवाची-विलोम शब्दकोश इन सूक्ष्म अंतरों को स्पष्ट करने में सहायक होते हैं। इन अंतरों को समझने से आपकी लेखन और बोलने की क्षमता में स्पष्टता और सटीकता आती है।
संदर्भ ग्रंथों के प्रकार:
| ग्रंथ का प्रकार | उपयोग |
|---|---|
| शब्दकोश (Dictionary) | शब्दों के अर्थ, वर्तनी, उच्चारण, व्याकरणिक जानकारी और व्युत्पत्ति। |
| थिसॉरस (Thesaurus) | समानार्थी और विपरीतार्थी शब्द, सूक्ष्म अर्थ भेद। |
| विश्वकोश (Encyclopedia) | विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी और अवधारणाएँ। |
| साहित्यकोश | साहित्यिक विधाएँ, लेखक, कृतियाँ, साहित्यिक आंदोलन। |
| विशेषज्ञ शब्दकोश | किसी विशिष्ट विषय (जैसे विज्ञान, तकनीकी) से संबंधित शब्दावली। |
त्वरित पुनरीक्षण:
- सटीक अर्थ के लिए हमेशा शब्दकोश का प्रयोग करें, अनुमान न लगाएं।
- संदर्भ ग्रंथों के माध्यम से अपनी जानकारी को सत्यापित करें और गहरा करें।
- समानार्थी शब्दों के बीच के सूक्ष्म अंतरों को समझने पर ध्यान दें।
- नियमित उपयोग से आपकी भाषा और लेखन कौशल में सुधार होगा।
- संदर्भ सामग्री का उपयोग स्वतंत्र शिक्षार्थी बनने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभ्यास प्रश्न:
- ‘अनुशासन’ और ‘नियम’ शब्दों के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- किसी ऐतिहासिक घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए आप किस संदर्भ ग्रंथ का उपयोग करेंगे?
- क्या एक ही शब्द के अलग-अलग संदर्भों में अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
- अपने लेखन को समृद्ध बनाने के लिए आप थिसॉरस का उपयोग कैसे कर सकते हैं?
- शब्दकोश में ‘अनिवार्य’ शब्द की प्रविष्टि में आपको कौन-कौन सी जानकारी मिल सकती है?

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