NCERT learning outcomes use MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज़ कक्षा IX-X के ‘द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085)’ विषय की ‘शिक्षण युक्तियाँ’ इकाई पर आधारित है। इसमें ‘NCERT अधिगम-प्रतिफल/सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का अनिवार्य उपयोग (क्षमता-आधारित लक्ष्य हेतु)’ से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल हैं। अपनी प्रतिक्रियाएँ सबमिट करने और अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए ‘सबमिट क्विज़’ बटन पर क्लिक करें, और ‘डाउनलोड आंसर PDF’ बटन से विस्तृत उत्तर कुंजी प्राप्त करें।

NCERT अधिगम-प्रतिफल और क्षमता-आधारित शिक्षा

NCERT अधिगम-प्रतिफल (Learning Outcomes) आधुनिक शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं, विशेषकर क्षमता-आधारित शिक्षा (Competency-Based Education) के संदर्भ में। ये छात्रों के लिए स्पष्ट और मापने योग्य सीखने के लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक केंद्रित और प्रभावी बनती है।

अधिगम-प्रतिफल क्या हैं?

अधिगम-प्रतिफल वे कथन हैं जो यह परिभाषित करते हैं कि किसी निश्चित शिक्षण अवधि (जैसे एक इकाई, अध्याय या पूरा पाठ्यक्रम) के अंत में एक छात्र को क्या जानना, समझना या करने में सक्षम होना चाहिए। ये केवल विषय-वस्तु की जानकारी नहीं देते, बल्कि उन कौशलों और क्षमताओं पर जोर देते हैं जिन्हें छात्र विकसित करेंगे।

क्षमता-आधारित शिक्षा में अनिवार्य उपयोग

क्षमता-आधारित शिक्षा (CBE) का मुख्य लक्ष्य छात्रों में विशिष्ट क्षमताओं और कौशलों का विकास करना है, न कि केवल जानकारी का संचय। अधिगम-प्रतिफल CBE के लिए आधारशिला का काम करते हैं क्योंकि वे स्पष्ट रूप से बताते हैं कि कौन सी क्षमताएँ विकसित की जानी हैं। NCERT ने विभिन्न विषयों के लिए अधिगम-प्रतिफल विकसित किए हैं ताकि एक समान, उच्च-गुणवत्ता वाली और परिणाम-उन्मुख शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • स्पष्ट लक्ष्य: ये शिक्षकों और छात्रों दोनों को सीखने के लक्ष्यों को समझने में मदद करते हैं।
  • मापनीयता: अधिगम-प्रतिफल इस तरह से तैयार किए जाते हैं कि उनकी प्राप्ति का मूल्यांकन आसानी से किया जा सके।
  • प्रासंगिकता: ये वास्तविक जीवन की स्थितियों और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए छात्रों को तैयार करते हैं।
  • व्यक्तिगत शिक्षा: शिक्षकों को प्रत्येक छात्र की प्रगति को ट्रैक करने और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने में सक्षम बनाते हैं।

सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में अनुप्रयोग

अधिगम-प्रतिफलों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कई तरह से एकीकृत किया जाता है:

  1. पाठ योजना: शिक्षक अधिगम-प्रतिफलों को ध्यान में रखते हुए अपनी पाठ योजनाएँ बनाते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि प्रत्येक गतिविधि किसी विशिष्ट प्रतिफल को प्राप्त करने में योगदान दे।
  2. शिक्षण विधियाँ: प्रतिफलों के अनुरूप शिक्षण विधियों (जैसे गतिविधि-आधारित शिक्षा, परियोजना कार्य, समूह चर्चा) का उपयोग किया जाता है।
  3. मूल्यांकन: मूल्यांकन उपकरण (परीक्षाएँ, प्रश्नोत्तरी, प्रदर्शन-आधारित कार्य) सीधे अधिगम-प्रतिफलों के साथ संरेखित होते हैं ताकि यह मापा जा सके कि छात्र ने अपेक्षित क्षमताएँ प्राप्त की हैं या नहीं।
  4. प्रतिपुष्टि: छात्रों को उनकी प्रगति पर नियमित और रचनात्मक प्रतिपुष्टि दी जाती है, जो उन्हें अपने सीखने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।

क्विक रिवीजन

  • अधिगम-प्रतिफल: छात्र द्वारा प्राप्त किए जाने वाले ज्ञान, कौशल और क्षमता का स्पष्ट विवरण।
  • क्षमता-आधारित शिक्षा: सीखने के परिणामों पर केंद्रित शिक्षा पद्धति।
  • NCERT भूमिका: विभिन्न विषयों के लिए मानक अधिगम-प्रतिफल निर्धारित करना।
  • शिक्षण में उपयोग: पाठ योजना, शिक्षण विधियों और मूल्यांकन को संरेखित करना।
  • लाभ: स्पष्ट लक्ष्य, बेहतर मापनीयता, छात्रों का सर्वांगीण विकास।

अधिक अभ्यास के लिए प्रश्न

  1. अधिगम-प्रतिफल कैसे पारंपरिक शिक्षा लक्ष्यों से भिन्न होते हैं?
  2. क्षमता-आधारित शिक्षा में अधिगम-प्रतिफलों के उपयोग के दो प्रमुख लाभ बताएँ।
  3. एक शिक्षक हिंदी व्याकरण पढ़ाते समय अधिगम-प्रतिफल का उपयोग कैसे कर सकता है? उदाहरण दें।
  4. अधिगम-प्रतिफलों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए शिक्षकों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
  5. NCERT अधिगम-प्रतिफलों को किस प्रकार के मूल्यांकन के लिए डिज़ाइन किया गया है?