पठन आनंद और बोध पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी | कक्षा 9

यह प्रश्नोत्तरी कक्षा IX-X के ‘द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085)’ विषय के ‘शिक्षण उद्देश्य’ इकाई के अंतर्गत ‘पठन आनंद और बोध पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी’ पर केंद्रित है। यह किशोर-साहित्य, अखबार और पत्रिकाएँ पढ़कर समझना व आनंद लेने से संबंधित आपके ज्ञान का परीक्षण करती है। क्विज़ सबमिट करने के बाद आप अपना स्कोर देख सकते हैं और उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

पठन आनंद और बोध: एक व्यापक दृष्टिकोण

पठन, केवल शब्दों को पहचानने से कहीं अधिक है; यह विचारों, सूचनाओं और भावनाओं को समझने और उनके साथ जुड़ने की एक कला है। आनंद के लिए पढ़ना और बोध के साथ पढ़ना दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, खासकर छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए।

मुख्य बिंदु:

  • पठन का उद्देश्य: पठन का मुख्य उद्देश्य जानकारी प्राप्त करना, मनोरंजन करना, नए दृष्टिकोण विकसित करना और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
  • बोधगम्यता का महत्व: जो पढ़ा गया है उसे समझना और उसका विश्लेषण करना ही बोधगम्यता है। यह केवल तथ्यात्मक जानकारी को याद रखने से कहीं बढ़कर है; इसमें निहितार्थों को समझना, मुख्य विचारों की पहचान करना और संदर्भों को जोड़ना शामिल है।
  • किशोर-साहित्य: यह विशेष रूप से युवा पाठकों (किशोरों) के लिए लिखा गया साहित्य है। इसका उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक विकास में सहायता करना है।
  • अखबार: ये दैनिक प्रकाशन होते हैं जो समसामयिक घटनाओं, राजनीतिक विकास, आर्थिक समाचारों, खेल और संस्कृति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। ये दुनिया के साथ जुड़े रहने और सामान्य ज्ञान बढ़ाने का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं।
  • पत्रिकाएँ: ये सामान्यतः साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक प्रकाशन होती हैं जो विशिष्ट विषयों पर केंद्रित होती हैं, जैसे विज्ञान, कला, फैशन, खेल, शिक्षा या राजनीति। ये गहन विश्लेषण और फीचर लेख प्रदान करती हैं।

विभिन्न पठन सामग्री को समझना व आनंद लेना:

1. किशोर-साहित्य:

  • परिभाषा: किशोरों की रुचियों और अनुभवों को ध्यान में रखकर लिखी गई कहानियाँ, उपन्यास, कविताएँ और नाटक।
  • लाभ: कल्पनाशीलता को बढ़ाता है, भाषा कौशल में सुधार करता है, भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करता है, और सकारात्मक मूल्यों को स्थापित करता है।
  • उदाहरण: नैतिक कहानियाँ, रोमांचक उपन्यास, प्रेरक जीवनी।

2. अखबार:

  • समाचार: देश-विदेश की ताज़ा घटनाएँ।
  • संपादकीय: किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर संपादक की राय और विश्लेषण।
  • विशेष रिपोर्ट: किसी विषय पर गहराई से की गई पड़ताल।
  • लाभ: समसामयिक मामलों से अवगत कराता है, सामान्य ज्ञान बढ़ाता है, विभिन्न विचारों से परिचित कराता है, और पढ़ने की आदत विकसित करता है।

3. पत्रिकाएँ:

  • मनोरंजन पत्रिकाएँ: फिल्म, फैशन, सेलेब्रिटी गपशप।
  • ज्ञानवर्धक पत्रिकाएँ: विज्ञान, इतिहास, भूगोल, प्रौद्योगिकी।
  • सामयिक पत्रिकाएँ: राजनीति, अर्थशास्त्र, सामाजिक मुद्दे पर गहन विश्लेषण।
  • लाभ: विशिष्ट विषयों में गहरी जानकारी प्रदान करती हैं, रुचि के क्षेत्रों का विस्तार करती हैं, और विविध लेखन शैलियों से परिचित कराती हैं।

पठन बोध कौशल कैसे सुधारें:

  • सक्रिय पठन: पढ़ते समय प्रश्न पूछें, मुख्य विचारों को रेखांकित करें, और सारांश बनाने का प्रयास करें।
  • शब्दकोश का उपयोग: नए या कठिन शब्दों का अर्थ समझें।
  • संदर्भ को समझें: लेखक का उद्देश्य, स्वर और पाठ का संदर्भ समझने की कोशिश करें।
  • निष्कर्ष निकालना: जानकारी के आधार पर अनुमान लगाएँ और निष्कर्ष निकालें।

त्वरित पुनरीक्षण:

  • पठन से ज्ञान, मनोरंजन और आलोचनात्मक सोच विकसित होती है।
  • बोधगम्यता, पढ़े गए पाठ के अर्थ को समझने की क्षमता है।
  • किशोर-साहित्य युवा पाठकों के लिए मनोरंजक और विकासात्मक होता है।
  • अखबार समसामयिक जानकारी का स्रोत हैं, जबकि पत्रिकाएँ विशिष्ट विषयों पर गहन विश्लेषण देती हैं।
  • विभिन्न प्रकार की सामग्री को पढ़ने से व्यक्ति का दृष्टिकोण व्यापक होता है।

अभ्यास प्रश्न:

  1. किशोर-साहित्य के कोई दो लाभ बताइए।
  2. अखबार पढ़ने से आपको देश और दुनिया की किन चीजों के बारे में पता चलता है?
  3. पत्रिकाएँ, अखबारों से किस प्रकार भिन्न होती हैं? एक प्रमुख अंतर स्पष्ट करें।
  4. ‘बोधगम्यता’ को अपने शब्दों में परिभाषित करें।
  5. अपने पसंदीदा पठन सामग्री (किशोर-साहित्य, अखबार या पत्रिका) का नाम बताइए और उसे पढ़ने का कारण भी स्पष्ट करें।