स्ववृत्त लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9

यह कक्षा IX-X के छात्रों के लिए हिंदी (कोर्स A) / हिंदी मातृभाषा (कोड 002) विषय के रचनात्मक लेखन प्रारूप इकाई पर आधारित ‘स्ववृत्त लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9’ है। इस क्विज में स्ववृत्त लेखन की स्पष्टता, संपूर्णता और व्यवस्थित प्रारूप के महत्व, साथ ही इसमें नाम, जन्मतिथि, पता, योग्यता, अनुभव, रुचि, आत्मकथ्य, संपर्क विवरण जैसी आवश्यक जानकारियों और गोपनीयता के महत्व पर प्रश्न शामिल हैं। प्रश्नों का उत्तर दें और अपनी समझ का परीक्षण करें। सबमिट करने के बाद, आप अपने परिणाम देख सकते हैं और सही उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

स्ववृत्त लेखन की विस्तृत समझ

स्ववृत्त लेखन (Resume/CV writing) किसी भी व्यक्ति के व्यावसायिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक ऐसा दस्तावेज है जो आपको संभावित नियोक्ता या किसी संस्था के सामने प्रस्तुत करता है, आपकी योग्यताओं, कौशल और अनुभवों का संक्षिप्त लेकिन प्रभावी सारांश प्रदान करता है। एक अच्छी तरह से लिखा गया स्ववृत्त आपके सपनों की नौकरी या अवसर प्राप्त करने में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

स्ववृत्त के आवश्यक घटक और मानदंड:

  • स्पष्टता (Clarity): स्ववृत्त की भाषा सरल, सीधी और स्पष्ट होनी चाहिए। जानकारी संक्षिप्त और आसानी से समझने योग्य हो, ताकि पाठक कम समय में मुख्य बिंदुओं को समझ सके। अनावश्यक विवरणों से बचना चाहिए।
  • संपूर्णता (Completeness): स्ववृत्त में सभी आवश्यक और प्रासंगिक जानकारी शामिल होनी चाहिए। इसमें व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता, कार्य अनुभव, कौशल, उपलब्धियाँ और संदर्भ शामिल होते हैं। कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूटनी नहीं चाहिए।
  • व्यवस्थित प्रारूप (Organized Format): स्ववृत्त का लेआउट सुव्यवस्थित और पढ़ने में आसान होना चाहिए। जानकारी को तार्किक क्रम में, अलग-अलग खंडों (जैसे, व्यक्तिगत विवरण, शिक्षा, अनुभव) में प्रस्तुत करना चाहिए। बुलेट पॉइंट और उचित हेडिंग का उपयोग इसे अधिक पठनीय बनाता है।
  • व्यक्तिगत जानकारी:
    • नाम: आपका पूरा नाम।
    • जन्म तिथि (DOB): आयु सत्यापन के लिए आवश्यक।
    • पता: वर्तमान और स्थायी पता।
  • शैक्षिक योग्यता: सबसे हाल की डिग्री या योग्यता से शुरू करते हुए, डिग्री, संस्थान का नाम, उत्तीर्ण होने का वर्ष, और प्राप्त प्रतिशत/ग्रेड का उल्लेख करें।
  • कार्य अनुभव: यदि कोई हो, तो पिछली नौकरियों के पद, कंपनी का नाम, कार्य अवधि, और मुख्य जिम्मेदारियाँ व उपलब्धियाँ शामिल करें। इसे कालानुक्रमिक क्रम में प्रस्तुत करना सबसे अच्छा है (सबसे हाल का पहले)।
  • रुचि (Interests): आपकी हॉबीज और रुचियाँ जो आपके व्यक्तित्व और कार्य संस्कृति में फिट होने की क्षमता को दर्शाती हैं।
  • आत्मकथ्य (Personal Statement/Objective): एक संक्षिप्त पैराग्राफ जो आपके करियर लक्ष्यों, कौशल और आप कंपनी के लिए क्या मूल्य ला सकते हैं, बताता है।
  • संपर्क विवरण: आपका सक्रिय फोन नंबर, ईमेल आईडी, और यदि आवश्यक हो, तो लिंक्डइन प्रोफाइल या पोर्टफोलियो लिंक।
  • गोपनीयता अपेक्षित (Confidentiality Expected): स्ववृत्त में संवेदनशील जानकारी (जैसे बैंक खाता विवरण, आधार नंबर) को साझा करने से बचना चाहिए, जब तक कि विशेष रूप से अनुरोध न किया जाए। नियोक्ता को केवल आवश्यक व्यावसायिक जानकारी ही प्रदान की जानी चाहिए।
  • अन्य विशेष जानकारी: इसमें कोई भी प्रासंगिक पुरस्कार, छात्रवृत्तियाँ, प्रकाशन, स्वयंसेवी कार्य, या विशेष कौशल (जैसे भाषा कौशल, सॉफ्टवेयर दक्षता) शामिल हो सकते हैं जो आपको दूसरों से अलग करते हैं।

स्ववृत्त के प्रमुख खंड (सारांश):

खंड का नाम शामिल की जाने वाली जानकारी
व्यक्तिगत विवरण नाम, जन्म तिथि, पता, संपर्क विवरण।
उद्देश्य / आत्मकथ्य संक्षिप्त करियर लक्ष्य और कौशल का सारांश।
शैक्षिक योग्यता डिग्रियां, संस्थान, उत्तीर्ण वर्ष, प्रतिशत।
कार्य अनुभव पद, कंपनी, अवधि, जिम्मेदारियां, उपलब्धियां।
कौशल तकनीकी कौशल, भाषा कौशल, सॉफ्ट स्किल्स।
रुचियां व्यक्तिगत हॉबीज और इंटरेस्ट।
अन्य जानकारी पुरस्कार, प्रकाशन, स्वयंसेवी कार्य आदि।

त्वरित पुनरीक्षण:

  • स्ववृत्त हमेशा स्पष्ट, संक्षिप्त और उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए।
  • सभी प्रासंगिक जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें।
  • गलतियों से बचने के लिए प्रूफरीड (proofread) करना न भूलें।
  • प्रत्येक आवेदन के लिए स्ववृत्त को अनुकूलित करने का प्रयास करें।
  • गोपनीयता का ध्यान रखें और अनावश्यक संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न:

  1. स्ववृत्त में ‘कौशल’ खंड का क्या महत्व है?
  2. एक स्ववृत्त को आकर्षक और प्रभावी बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  3. यदि किसी व्यक्ति के पास कोई कार्य अनुभव न हो, तो उसे अपने स्ववृत्त में किस बात पर अधिक जोर देना चाहिए?
  4. डिजिटल स्ववृत्त और पारंपरिक स्ववृत्त में क्या अंतर हैं?
  5. स्ववृत्त में ‘संदर्भ’ (References) कब और कैसे दिए जाने चाहिए?