ई-मेल लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज़ कक्षा IX-X के हिंदी (Course A) / हिंदी मातृभाषा (Code 002) विषय की इकाई ‘Creative Writing Formats’ के ‘ई-मेल लेखन’ पर आधारित है। इसमें बोधगम्य भाषा, विषय-संबद्धता, संक्षिप्त/स्पष्ट/सारगर्भित शैली और औपचारिक शिष्टाचार से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। अपनी समझ का आकलन करने के लिए क्विज़ सबमिट करें और अपने उत्तरों की समीक्षा के लिए PDF डाउनलोड करें।

ई-मेल लेखन: एक विस्तृत मार्गदर्शिका

ई-मेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल) लेखन आधुनिक संचार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों तरह के संवादों में उपयोग होता है। प्रभावी ई-मेल लेखन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक है, जो आपके संदेश को स्पष्ट, संक्षिप्त और उद्देश्यपूर्ण बनाते हैं।

ई-मेल लेखन के मुख्य मानदंड

एक अच्छा ई-मेल इन चार मुख्य मानदंडों पर खरा उतरना चाहिए:

  • बोधगम्य भाषा (Understandable Language): आपकी भाषा इतनी सरल और स्पष्ट होनी चाहिए कि प्राप्तकर्ता उसे आसानी से समझ सके। जटिल शब्दों और वाक्यों से बचें।
  • विषय-संबद्धता (Relevance to Subject): ई-मेल का विषय (Subject Line) उसके मुख्य संदेश से पूरी तरह संबंधित होना चाहिए। यह प्राप्तकर्ता को ई-मेल के उद्देश्य के बारे में तुरंत जानकारी देता है।
  • संक्षिप्त/स्पष्ट/सारगर्भित (Concise/Clear/Meaningful): ई-मेल अनावश्यक विवरणों से मुक्त होना चाहिए। मुख्य बात को सीधे, स्पष्ट रूप से और कम शब्दों में प्रस्तुत करें। हर वाक्य का एक उद्देश्य होना चाहिए।
  • औपचारिक शिष्टाचार (Formal Etiquette): विशेष रूप से व्यावसायिक या औपचारिक ई-मेल में, उचित अभिवादन, सम्मानजनक भाषा और सही समापन का उपयोग करें। भावनाओं या अनौपचारिक भाषा से बचें।

ई-मेल के आवश्यक घटक

एक प्रभावी औपचारिक ई-मेल में निम्नलिखित घटक होने चाहिए:

  • प्रेषक (From): आपका ई-मेल पता।
  • प्राप्तकर्ता (To): मुख्य प्राप्तकर्ता का ई-मेल पता।
  • कार्बन कॉपी (Cc): उन लोगों के ई-मेल पते जिन्हें जानकारी के लिए कॉपी भेजनी है।
  • ब्लाइंड कार्बन कॉपी (Bcc): उन लोगों के ई-मेल पते जिन्हें जानकारी के लिए कॉपी भेजनी है, लेकिन जिनके पते अन्य प्राप्तकर्ताओं को दिखाई न दें।
  • विषय (Subject): ई-मेल का संक्षिप्त और स्पष्ट उद्देश्य।
  • अभिवादन (Salutation): जैसे “प्रिय महोदय/महोदया”, “मान्यवर”।
  • मुख्य भाग (Body): ई-मेल का विस्तृत संदेश, जो उपरोक्त मानदंडों का पालन करे।
  • समापन (Closing): जैसे “भवदीय”, “साभार”, “धन्यवाद”।
  • हस्ताक्षर (Signature): आपका नाम, पद, संगठन और संपर्क विवरण।

बोधगम्य भाषा: कुछ उदाहरण

अपनी भाषा को अधिक बोधगम्य बनाने के लिए:

अस्पष्ट/जटिल बोधगम्य/स्पष्ट
“इस बात पर प्रकाश डालना चाहेंगे कि हमारी पहल का कार्यान्वयन अभी तक अपेक्षित मानकों तक नहीं पहुंचा है।” “हमारी परियोजना अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं हुई है।”
“कृपया यथाशीघ्र आवश्यक जानकारी का प्रतिपादन करें।” “कृपया जानकारी जल्द भेजें।”

त्वरित पुनरावृत्ति

  • ई-मेल का विषय हमेशा स्पष्ट और संक्षिप्त रखें।
  • सीधे मुद्दे पर आएं, अनावश्यक भूमिका न बांधें।
  • औपचारिक ई-मेल में हमेशा सम्मानजनक और पेशेवर भाषा का प्रयोग करें।
  • व्याकरण और वर्तनी की गलतियों से बचें। भेजने से पहले हमेशा दोबारा जांचें।
  • अटैचमेंट का उल्लेख करें यदि आपने कोई फाइल संलग्न की है।

अभ्यास प्रश्न

  1. एक औपचारिक ई-मेल का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
    (a) अपनी भावनाओं को व्यक्त करना
    (b) सटीक जानकारी का आदान-प्रदान करना
    (c) मित्रवत बातचीत करना
    (d) मनोरंजन प्रदान करना
  2. ई-मेल के ‘विषय’ (Subject) पंक्ति का क्या महत्व है?
    (a) यह ई-मेल को लंबा बनाता है
    (b) यह प्राप्तकर्ता को ई-मेल खोलने के लिए मजबूर करता है
    (c) यह ई-मेल की सामग्री का संक्षिप्त परिचय देता है
    (d) इसका कोई विशेष महत्व नहीं है
  3. ‘बोधगम्य भाषा’ का क्या अर्थ है?
    (a) जटिल और साहित्यिक शब्दों का प्रयोग
    (b) ऐसी भाषा जिसे केवल कुछ लोग समझ सकें
    (c) सरल, स्पष्ट और समझने योग्य भाषा
    (d) बहुत लंबी और विस्तृत भाषा
  4. ई-मेल में ‘संक्षिप्त’ होने का क्या लाभ है?
    (a) यह प्राप्तकर्ता का समय बचाता है और मुख्य संदेश पर ध्यान केंद्रित करता है
    (b) यह ई-मेल को कम महत्वपूर्ण बनाता है
    (c) यह अधिक जानकारी शामिल करने में मदद करता है
    (d) यह ई-मेल को अनौपचारिक बनाता है
  5. औपचारिक ई-मेल में ‘अभिवादन’ (Salutation) का उचित उदाहरण क्या है?
    (a) ‘हाय दोस्त’,
    (b) ‘नमस्ते’,
    (c) ‘प्रिय महोदय/महोदया’,
    (d) ‘सुनो!’