Listening skills (श्रवण) MCQs Quiz | Class 9

यह क्विज़ CBSE Class IX-X के हिंदी (Course A) / हिंदी मातृभाषा (Code 002) विषय के ‘Listening & Speaking (ALS)’ यूनिट के ‘Listening skills (श्रवण)’ टॉपिक पर आधारित है। इसमें वर्णित/पठित सामग्री, भाषण, वार्ता, वाद-विवाद, कविता-पाठ सुनकर अर्थ-ग्रहण, विश्लेषण/मूल्यांकन; भाव/विनोद/व्यंग्य/संदेश समझना; धैर्यपूर्ण सुनना; आलोचनात्मक विश्लेषण व सार-ग्रहण से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। अपनी समझ का परीक्षण करने के लिए सभी 10 प्रश्नों को हल करें और सबमिट करने के बाद विस्तृत परिणाम प्राप्त करें तथा अपनी उत्तर-पुस्तिका की PDF डाउनलोड करें।

श्रवण कौशल का महत्व और विकास

श्रवण कौशल (Listening Skills) हमारी दैनिक बातचीत और सीखने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमें जानकारी को समझने, दूसरों के दृष्टिकोण को जानने और प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद करता है। CBSE के पाठ्यक्रम में ‘Listening & Speaking (ALS)’ के तहत इसका विकास छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • जानकारी ग्रहण करना: यह किसी भी विषय को सीखने का पहला चरण है।
  • समझ और विश्लेषण: सुनी गई बातों का अर्थ समझना और उसका विश्लेषण करना।
  • भावनात्मक बुद्धिमत्ता: वक्ता के भावों, विनोद या व्यंग्य को समझना।
  • धैर्य और सम्मान: वक्ता को पूरी बात कहने का अवसर देना।
  • आलोचनात्मक सोच: सुनी गई जानकारी का मूल्यांकन करना।

कवर किए गए विषय

  1. वर्णित/पठित सामग्री को सुनकर समझना: इसका अर्थ है किसी कहानी, विवरण या पढ़े गए पाठ को ध्यान से सुनकर उसके मुख्य बिंदुओं, पात्रों और घटनाक्रम को समझना।
  2. भाषण और वार्ता को समझना:
    • भाषण: भाषण सुनते समय मुख्य विचार, तर्क, प्रमाण और निष्कर्ष को समझना महत्वपूर्ण है। इसमें वक्ता की टोन और उद्देश्य को पहचानना भी शामिल है।
    • वार्ता: बातचीत में, दोनों पक्षों के विचारों, भावनाओं और मुद्दों को सक्रिय रूप से सुनना आवश्यक है ताकि प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी जा सके।
  3. वाद-विवाद में श्रवण: वाद-विवाद में विभिन्न दृष्टिकोणों और तर्कों को निष्पक्ष रूप से सुनना और उनका आलोचनात्मक विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है। यह हमें विषय की गहरी समझ विकसित करने में मदद करता है।
  4. कविता-पाठ सुनकर अर्थ-ग्रहण, विश्लेषण/मूल्यांकन: कविता पाठ में केवल शब्दों को सुनना ही नहीं, बल्कि कवि की भावनाओं, बिम्बों, लय और संदेश को समझना होता है। इसका विश्लेषण करके हम कविता के गहरे अर्थ और उसके प्रभाव को जान पाते हैं।
  5. भाव, विनोद, व्यंग्य और संदेश समझना: प्रभावी श्रवण में केवल शाब्दिक अर्थ को समझना ही नहीं, बल्कि वक्ता के अंतर्निहित भावों, हास्य (विनोद), कटाक्ष (व्यंग्य) और वास्तविक संदेश को समझना भी शामिल है। इसके लिए संदर्भ और गैर-मौखिक संकेतों पर ध्यान देना पड़ता है।
  6. धैर्यपूर्ण सुनना: इसका अर्थ है बिना बाधा डाले, धैर्यपूर्वक वक्ता को अपनी बात पूरी करने देना। यह सम्मान दिखाता है और वक्ता को अपनी बात खुलकर कहने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  7. आलोचनात्मक विश्लेषण व सार-ग्रहण:
    • आलोचनात्मक विश्लेषण: इसमें सुनी गई जानकारी की सटीकता, प्रासंगिकता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन करना शामिल है।
    • सार-ग्रहण: इसका अर्थ है सुनी गई बातों के मुख्य बिंदुओं और केंद्रीय विचार को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करना। यह हमारी समझ को सुदृढ़ करता है।

प्रभावी श्रवण के घटक

घटक विवरण
ध्यान केंद्रित वक्ता पर पूरा ध्यान देना, विकर्षणों से बचना
सक्रिय प्रतिपुष्टि मौखिक (प्रश्न, पुष्टि) और गैर-मौखिक (सिर हिलाना) प्रतिक्रियाएँ
सहानुभूति वक्ता के दृष्टिकोण और भावनाओं को समझने का प्रयास करना
निर्णय स्थगित बात पूरी होने से पहले निष्कर्ष पर न पहुंचना
सार निकालना मुख्य बिंदुओं और संदेश को पहचानना

त्वरित पुनरीक्षण

  • श्रवण कौशल संवाद का आधार है।
  • सक्रिय श्रवण में ध्यान देना, समझना और प्रतिक्रिया देना शामिल है।
  • विभिन्न प्रकार की सामग्री (भाषण, वार्ता, कविता) को समझने के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
  • भाव, विनोद, व्यंग्य को समझने के लिए संदर्भ और गैर-मौखिक संकेतों पर ध्यान दें।
  • धैर्यपूर्वक सुनना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • आलोचनात्मक विश्लेषण और सार-ग्रहण से गहरी समझ विकसित होती है।

अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न

  1. एक अच्छे श्रोता का कौन-सा गुण नहीं है?
    • a) उत्सुकता
    • b) पूर्वाग्रह
    • c) धैर्य
    • d) सम्मान
  2. जब कोई व्यक्ति अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहा हो, तो एक प्रभावी श्रोता को क्या करना चाहिए?
    • a) उसे तुरंत सलाह देना
    • b) उसकी बात को काटना
    • c) सहानुभूतिपूर्वक सुनना
    • d) विषय बदलना
  3. एक समूह चर्चा (group discussion) में आप श्रवण कौशल का उपयोग कैसे करेंगे?
    • a) केवल अपनी बात रखने के लिए
    • b) दूसरों के विचारों को समझने और उनका जवाब देने के लिए
    • c) सबसे तेज़ बोलने के लिए
    • d) दूसरों की गलतियाँ निकालने के लिए
  4. ‘गैर-मौखिक संकेत’ श्रवण कौशल में कैसे सहायक होते हैं?
    • a) वे वक्ता को विचलित करते हैं।
    • b) वे वक्ता के शब्दों के अतिरिक्त अर्थ को स्पष्ट करते हैं।
    • c) उनका श्रवण से कोई संबंध नहीं है।
    • d) वे केवल वक्ता की दिखावट से संबंधित हैं।
  5. यदि आप किसी ऑनलाइन व्याख्यान को सुन रहे हैं और ध्वनि की गुणवत्ता खराब है, तो प्रभावी श्रवण के लिए आप क्या कर सकते हैं?
    • a) व्याख्यान छोड़ दें।
    • b) केवल वक्ता की शारीरिक भाषा पर ध्यान दें।
    • c) बाद में नोट्स या पाठ्य सामग्री की तलाश करें।
    • d) वक्ता से जोर से बोलने के लिए कहें।