विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाली क्षमताएँ MCQ क्विज | कक्षा 9
यह क्विज कक्षा IX-X के हिंदी (Course A) / हिंदी मातृभाषा (Code 002) विषय की इकाई ‘Outcomes / Goals’ के अंतर्गत ‘Capabilities students should gain’ विषय पर आधारित है। इसमें रुचि/आवश्यकता अनुसार आगे हिंदी अध्ययन, विज्ञान/समाज-विज्ञान से अंतर्संबंध, औपचारिक/अनौपचारिक हिंदी उपयोग, परंपरागत तौर-तरीके/विधाएँ + समसामयिक संदर्भ, अन्य भाषा-संरचनाओं की समझ, तथा दृश्य-श्रव्य/मल्टीमीडिया/प्रिंट से सूचना समझना-विश्लेषित-प्रेषित करना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। अपनी क्षमताओं का मूल्यांकन करने के लिए क्विज सबमिट करें और विस्तृत परिणाम PDF डाउनलोड करें।
विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाली क्षमताएँ: एक विस्तृत अवलोकन
हिंदी भाषा के अध्ययन का उद्देश्य केवल व्याकरण और साहित्य का ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि छात्रों में ऐसी सर्वांगीण क्षमताएँ विकसित करना भी है जो उन्हें व्यक्तिगत, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में सफल बना सकें। ये क्षमताएँ उन्हें भाषा का प्रभावी ढंग से उपयोग करने, विभिन्न विषयों को समझने और आधुनिक दुनिया के साथ तालमेल बिठाने में मदद करती हैं।
प्रमुख क्षमताएँ और संबंधित विषय-वस्तु
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रुचि/आवश्यकता अनुसार आगे हिंदी अध्ययन
छात्रों को अपनी व्यक्तिगत रुचियों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार हिंदी भाषा और साहित्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इसका अर्थ है कि वे अपनी पसंद के क्षेत्रों (जैसे रचनात्मक लेखन, पत्रकारिता, शोध, अनुवाद) में हिंदी का गहन अध्ययन कर सकें। यह क्षमता उन्हें आजीवन सीखने और हिंदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद करती है।
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विज्ञान/समाज-विज्ञान से अंतर्संबंध
हिंदी केवल एक भाषा विषय नहीं है, बल्कि यह विज्ञान, समाज-विज्ञान, इतिहास, भूगोल जैसे अन्य विषयों से भी गहराई से जुड़ी हुई है। छात्रों को यह समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए कि हिंदी के माध्यम से वे वैज्ञानिक अवधारणाओं, सामाजिक घटनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों को कैसे व्यक्त और समझ सकते हैं। यह उन्हें अंतर-विषयक ज्ञान प्राप्त करने और सोचने की क्षमता को बढ़ावा देता है।
उदाहरण के लिए, एक वैज्ञानिक लेख का हिंदी में अनुवाद करना या किसी सामाजिक मुद्दे पर हिंदी में निबंध लिखना इस क्षमता का प्रदर्शन है।
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औपचारिक/अनौपचारिक हिंदी उपयोग
छात्रों को विभिन्न संदर्भों में हिंदी का उचित उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए:
- औपचारिक हिंदी: यह वह भाषा है जिसका उपयोग आधिकारिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और सार्वजनिक संदर्भों में किया जाता है (जैसे आवेदन पत्र लिखना, रिपोर्ट तैयार करना, भाषण देना)। इसमें व्याकरणिक शुद्धता और मानक शब्दावली पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
- अनौपचारिक हिंदी: यह वह भाषा है जिसका उपयोग व्यक्तिगत और आकस्मिक संदर्भों में किया जाता है (जैसे परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बातचीत, व्यक्तिगत पत्र)। इसमें भाषा थोड़ी अधिक लचीली और संवादात्मक होती है।
इस क्षमता से छात्र सामाजिक और व्यावसायिक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से संवाद कर पाते हैं।
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परंपरागत तौर-तरीके/विधाएँ + समसामयिक संदर्भ
छात्रों को हिंदी की परंपरागत साहित्यिक विधाओं (जैसे कविता, कहानी, नाटक, निबंध) और उनके लेखन शैलियों से परिचित होना चाहिए। साथ ही, उन्हें इन विधाओं को समसामयिक संदर्भों से जोड़ने और आधुनिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उपयोग करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। इसका अर्थ है कि वे प्राचीन साहित्य के मूल्य को समझें और उसे वर्तमान समाज से कैसे संबंधित करें, यह भी सीखें।
उदाहरण के लिए, कबीर के दोहों को आज के सामाजिक परिदृश्य से जोड़कर देखना।
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अन्य भाषा-संरचनाओं की समझ
छात्रों को हिंदी के अलावा अन्य भाषाओं (जैसे अंग्रेजी या अपनी क्षेत्रीय भाषा) की संरचनाओं की समझ होनी चाहिए। यह तुलनात्मक अध्ययन उन्हें हिंदी व्याकरण और वाक्य-विन्यास की गहराई को समझने में मदद करता है। यह क्षमता बहुभाषी संदर्भ में भाषा सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाती है और भाषा-विश्लेषण कौशल को मजबूत करती है।
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दृश्य-श्रव्य/मल्टीमीडिया/प्रिंट से सूचना समझना-विश्लेषित-प्रेषित करना
डिजिटल युग में, छात्रों को विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जानकारी के साथ काम करने में सक्षम होना चाहिए:
- समझना: वे वीडियो, पॉडकास्ट, ऑनलाइन लेख, समाचार पत्र आदि से सूचना को प्रभावी ढंग से समझ सकें।
- विश्लेषित करना: वे प्राप्त जानकारी की विश्वसनीयता, पूर्वाग्रह और निहितार्थों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सकें।
- प्रेषित करना: वे अपनी समझ और विश्लेषण को मौखिक या लिखित रूप में दूसरों तक स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।
यह क्षमता छात्रों को जानकार नागरिक बनने और सूचना-समृद्ध समाज में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए तैयार करती है।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- हिंदी अध्ययन व्यक्तिगत रुचि और भविष्य की आवश्यकतानुसार होना चाहिए।
- हिंदी अन्य विषयों (विज्ञान, समाज-विज्ञान) से संबंधित है।
- औपचारिक और अनौपचारिक दोनों प्रकार की हिंदी का उचित उपयोग सीखना महत्वपूर्ण है।
- परंपरागत हिंदी विधाओं को समसामयिक संदर्भों से जोड़ना सीखें।
- अन्य भाषाओं की संरचनाओं की समझ हिंदी सीखने में सहायक होती है।
- दृश्य-श्रव्य, मल्टीमीडिया और प्रिंट माध्यमों से सूचना को समझना, विश्लेषण करना और प्रस्तुत करना आवश्यक है।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- यदि किसी छात्र को हिंदी में कवि बनने की रुचि है, तो उसे अपनी इस रुचि को आगे बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?
- हिंदी भाषा का उपयोग करते हुए ‘ग्लोबल वार्मिंग’ पर एक रिपोर्ट तैयार करना किस क्षमता का उदाहरण है?
- आप अपने प्राचार्य को छुट्टी के लिए पत्र लिखते समय किस प्रकार की हिंदी का प्रयोग करेंगे – औपचारिक या अनौपचारिक?
- ‘पंचतंत्र’ की कहानियों को पढ़कर उनसे आज के जीवन के लिए कोई शिक्षा निकालना किस क्षमता को दर्शाता है?
- एक समाचार चैनल पर प्रसारित होने वाले हिंदी समाचारों को सुनकर उसकी मुख्य बातों को संक्षेप में लिखना कौन सी क्षमता है?

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