Medium-term goals (कक्षा IX-X) MCQs Quiz | Class 9
कक्षा: IX-X | विषय: हिंदी (Course A) / हिंदी मातृभाषा (Code 002) | इकाई: Outcomes / Goals | विषयवस्तु: Medium-term goals (कक्षा IX-X) | कवर किए गए विषय: उच्चतर माध्यमिक तक हिंदी पहचान/आत्मविश्वास/अभिव्यक्ति की भाषा बने; लिखित + सहज मौखिक अभिव्यक्ति में सक्षम। अपनी समझ का परीक्षण करने के लिए इस बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी को पूरा करें। सबमिट करने के बाद, आप अपने परिणाम देख सकते हैं और उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
माध्यमिक स्तर पर हिंदी शिक्षण के मध्यकालिक लक्ष्य: एक विस्तृत समझ
कक्षा IX-X में हिंदी भाषा शिक्षण का उद्देश्य केवल व्याकरण और साहित्य का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों को इस स्तर तक सक्षम बनाना है कि वे हिंदी को अपनी पहचान, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की भाषा के रूप में आत्मसात कर सकें। इसका अर्थ है कि छात्र हिंदी में सहजता से अपने विचारों को लिखित और मौखिक दोनों रूपों में व्यक्त करने में सक्षम हों।
1. हिंदी: पहचान की भाषा
उच्चतर माध्यमिक स्तर तक छात्रों में यह समझ विकसित करना कि हिंदी केवल एक विषय नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक विरासत और व्यक्तिगत पहचान का एक अभिन्न अंग है। इसका तात्पर्य है:
- छात्रों को हिंदी भाषा के इतिहास, विकास और भारत की बहुभाषी संस्कृति में इसके महत्व से परिचित कराना।
- उन्हें हिंदी साहित्य, कला और लोक परंपराओं से जोड़ना, ताकि वे अपनी जड़ों को समझ सकें।
- हिंदी के माध्यम से अपनी भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने में गर्व महसूस करना।
2. हिंदी: आत्मविश्वास की भाषा
छात्रों में हिंदी के प्रयोग के प्रति आत्मविश्वास जगाना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इसका मतलब है कि वे किसी भी स्थिति में हिंदी का उपयोग करने में संकोच न करें:
- कक्षा में, घर पर, या सार्वजनिक स्थानों पर हिंदी में बेझिझक संवाद करना।
- अपनी राय व्यक्त करना, प्रश्न पूछना और चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेना।
- गलतियों के डर के बिना भाषा का प्रयोग करना और सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना।
3. हिंदी: अभिव्यक्ति की भाषा
हिंदी को एक प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में विकसित करना इस स्तर पर केंद्रीय है। इसमें लिखित और मौखिक दोनों प्रकार की अभिव्यक्तियाँ शामिल हैं:
लिखित अभिव्यक्ति में सक्षमता:
- अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को स्पष्ट, सुसंगत और प्रभावी ढंग से लिखित रूप में प्रस्तुत कर पाना।
- विभिन्न प्रकार के लेखन जैसे निबंध, पत्र, रिपोर्ट, सारांश और रचनात्मक लेखन में कौशल विकसित करना।
- व्याकरण, वर्तनी और विराम चिह्नों का सही प्रयोग करना।
सहज मौखिक अभिव्यक्ति में सक्षमता:
- दैनिक जीवन की बातचीत, वाद-विवाद, समूह चर्चा, कहानी सुनाना और भाषण जैसी स्थितियों में हिंदी का धाराप्रवाह प्रयोग करना।
- सुनने, समझने और उचित प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करना।
- उच्चारण, गति और स्वर में स्पष्टता लाना।
संक्षेप में मध्यकालिक लक्ष्य
| लक्ष्य | मुख्य बिंदु | कैसे प्राप्त करें |
|---|---|---|
| पहचान की भाषा | सांस्कृतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव | हिंदी के इतिहास और संस्कृति से परिचय, गर्व की भावना |
| आत्मविश्वास की भाषा | बिना संकोच के प्रयोग | बोलने, लिखने के अवसर, गलतियों को सीखने का हिस्सा मानना |
| अभिव्यक्ति की भाषा | लिखित और मौखिक सक्षमता | विभिन्न लेखन शैलियों का अभ्यास, वाद-विवाद, समूह चर्चा |
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- हिंदी को केवल एक विषय नहीं, बल्कि पहचान का माध्यम बनाना।
- छात्रों में हिंदी के प्रयोग के प्रति संकोच दूर करके आत्मविश्वास बढ़ाना।
- विचारों को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से लिखित रूप में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करना।
- दैनिक जीवन में सहजता से हिंदी में संवाद करने में सक्षम बनाना।
- सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के कौशल का संतुलित विकास।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- कक्षा IX-X के छात्रों में हिंदी के प्रति ‘सांस्कृतिक पहचान’ कैसे विकसित की जा सकती है?
- लिखित अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने के लिए छात्रों को किन गतिविधियों में शामिल होना चाहिए?
- शिक्षकों की क्या भूमिका है ताकि छात्र हिंदी में आत्मविश्वास से बोल सकें?
- ‘सहज मौखिक अभिव्यक्ति’ और ‘औपचारिक मौखिक अभिव्यक्ति’ में क्या अंतर है?
- हिंदी को ‘जीवन की भाषा’ बनाने का क्या अर्थ है?

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