शब्दरूपाणि (Declensions) MCQs Quiz | Class 9
यह कक्षा IX के संस्कृत (कोड: 122) विषय के ‘खण्ड ग: अनुप्रयुक्त व्याकरण’ इकाई के ‘शब्दरूपाणि (Declensions)’ विषय पर एक MCQ क्विज़ है। इस क्विज़ में बालक (अ-कारान्त पुंलिङ्ग), कवि (इ-कारान्त पुंलिङ्ग), साधु (उ-कारान्त पुंलिङ्ग) और पितृ (ऋ-कारान्त पुंलिङ्ग) जैसे महत्वपूर्ण शब्दरूपों को सम्मिलित किया गया है। क्विज़ पूरा करने के बाद अपने उत्तरों को सबमिट करें और अपनी प्रगति की समीक्षा करने तथा भविष्य के संदर्भ के लिए उत्तर कुंजी सहित विस्तृत PDF डाउनलोड करें।
शब्दरूपाणि: एक विस्तृत अध्ययन
संस्कृत व्याकरण में शब्दरूपों का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इनके माध्यम से ही हम शब्दों को विभिन्न कारकों और वचनों में प्रयोग कर पाते हैं। शब्दरूपों को मुख्यतः तीन भागों में बांटा जाता है: अकारान्त, इकारान्त, उकारान्त, ऋकारान्त इत्यादि स्वरान्त शब्द; हलादि व्यञ्जनान्त शब्द; और सर्वनाम शब्द। इस अनुभाग में हमने स्वरान्त पुंलिङ्ग शब्दों पर ध्यान केंद्रित किया है।
मुख्य बिन्दु:
- विभक्तियाँ: संस्कृत में सात विभक्तियाँ होती हैं (प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी, षष्ठी, सप्तमी) और एक संबोधन भी होता है। ये विभक्तियाँ वाक्य में शब्द के कार्य (कारक) को दर्शाती हैं।
- वचन: संस्कृत में तीन वचन होते हैं (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन)।
- लिङ्ग: संस्कृत में तीन लिङ्ग होते हैं (पुंलिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग, नपुंसकलिङ्ग)।
अ-कारान्त पुंलिङ्ग: बालक
यह सबसे सामान्य शब्दरूपों में से एक है। ‘बालक’ शब्द ‘अ’ स्वर पर समाप्त होता है और पुंलिङ्ग है। इसके समान ही अन्य ‘अ-कारान्त पुंलिङ्ग’ शब्द जैसे ‘राम’, ‘देव’, ‘नृप’, ‘छात्र’ आदि के रूप चलते हैं।
| विभक्ति | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | बालकः | बालकौ | बालकाः |
| द्वितीया | बालकम् | बालकौ | बालकान् |
| तृतीया | बालकेन | बालकाभ्याम् | बालकैः |
| चतुर्थी | बालकाय | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| पञ्चमी | बालकात् | बालकाभ्याम् | बालकेभ्यः |
| षष्ठी | बालकस्य | बालकयोः | बालकानाम् |
| सप्तमी | बालके | बालकयोः | बालकेषु |
| सम्बोधन | हे बालक | हे बालकौ | हे बालकाः |
इ-कारान्त पुंलिङ्ग: कवि
‘कवि’ शब्द ‘इ’ स्वर पर समाप्त होता है और पुंलिङ्ग है। इसके समान ‘हरि’, ‘मुनि’, ‘अग्नि’ आदि इ-कारान्त पुंलिङ्ग शब्दों के रूप भी चलते हैं।
| विभक्ति | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | कविः | कवी | कवयः |
| द्वितीया | कविम् | कवी | कवीन् |
| तृतीया | कविना | कविभ्याम् | कविभिः |
| चतुर्थी | कवये | कविभ्याम् | कविभ्यः |
| पञ्चमी | कवेः | कविभ्याम् | कविभ्यः |
| षष्ठी | कवेः | कवयोः | कवीनाम् |
| सप्तमी | कवौ | कवयोः | कविषु |
| सम्बोधन | हे कवे | हे कवी | हे कवयः |
उ-कारान्त पुंलिङ्ग: साधु
‘साधु’ शब्द ‘उ’ स्वर पर समाप्त होता है और पुंलिङ्ग है। इसी प्रकार ‘गुरु’, ‘भानु’, ‘शिशु’ आदि उ-कारान्त पुंलिङ्ग शब्दों के रूप भी चलते हैं।
| विभक्ति | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | साधुः | साधू | साधवः |
| द्वितीया | साधुम् | साधू | साधून् |
| तृतीया | साधुना | साधुभ्याम् | साधुभिः |
| चतुर्थी | साधवे | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| पञ्चमी | साधोः | साधुभ्याम् | साधुभ्यः |
| षष्ठी | साधोः | साध्वोः | साधूनाम् |
| सप्तमी | साधौ | साध्वोः | साधुषु |
| सम्बोधन | हे साधो | हे साधू | हे साधवः |
ऋ-कारान्त पुंलिङ्ग: पितृ
‘पितृ’ शब्द ‘ऋ’ स्वर पर समाप्त होता है और पुंलिङ्ग है। ‘मातृ’ (स्त्रीलिङ्ग) और ‘दातृ’ जैसे शब्दों के रूप कुछ भिन्नता के साथ चलते हैं, परन्तु ‘भ्रातृ’, ‘जामातृ’ आदि ऋ-कारान्त पुंलिङ्ग शब्दों के रूप ‘पितृ’ के समान होते हैं।
| विभक्ति | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पिता | पितरौ | पितरः |
| द्वितीया | पितरम् | पितरौ | पितॄन् |
| तृतीया | पित्रा | पितृभ्याम् | पितृभिः |
| चतुर्थी | पित्रे | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| पञ्चमी | पितुः | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| षष्ठी | पितुः | पित्रोः | पितॄणाम् |
| सप्तमी | पितरि | पित्रोः | पितृषु |
| सम्बोधन | हे पितः | हे पितरौ | हे पितरः |
त्वरित पुनरीक्षण बिन्दु:
- अ-कारान्त: प्रथमा एकवचन ‘अः’, द्वितीया बहुवचन ‘आन्’।
- इ-कारान्त: प्रथमा बहुवचन ‘अयः’, द्वितीया बहुवचन ‘ईन्’, सप्तमी एकवचन ‘औ’।
- उ-कारान्त: प्रथमा बहुवचन ‘अवः’, द्वितीया बहुवचन ‘ऊन्’, सप्तमी एकवचन ‘औ’।
- ऋ-कारान्त: प्रथमा एकवचन ‘आ’, प्रथमा बहुवचन ‘अरः’, द्वितीया बहुवचन ‘ऊन्’, षष्ठी बहुवचन ‘ऊणाम्’।
अभ्यासार्थं प्रश्नाः (5 अतिरिक्त प्रश्न):
- प्रश्न: ‘राम’ शब्दस्य पञ्चमीविभक्ति-एकवचनं किम् अस्ति?
- रामात्
- रामस्य
- रामेण
- रामाय
- प्रश्न: ‘मुनि’ शब्दस्य चतुर्थीविभक्ति-बहुवचनं किम् अस्ति?
- मुनीनाम्
- मुनिभ्याम्
- मुनिभ्यः
- मुनीषु
- प्रश्न: ‘गुरु’ शब्दस्य द्वितीयाविभक्ति-बहुवचनं किम् अस्ति?
- गुरून्
- गुरू
- गुरुभिः
- गुरोः
- प्रश्न: ‘भ्रातृ’ शब्दस्य तृतीयाविभक्ति-एकवचनं किम् अस्ति?
- भ्रात्रा
- भ्रात्रे
- भ्रातुः
- भ्रातरम्
- प्रश्न: ‘बालक’ शब्दस्य सप्तमीविभक्ति-बहुवचनं किम् अस्ति?
- बालकस्य
- बालकेषु
- बालकाय
- बालकानाम्