Chapters excluded from question paper (X) MCQs Quiz | Class 10

कक्षा: X, विषय: हिंदी पाठ्यक्रम–ब (Code 085), इकाई: Exclusions, विषय: Chapters excluded from question paper (X) MCQs Quiz | Class 10. यह क्विज स्पर्श-2 के पाठों “बिहारी-दोहे”, “मधुर-मधुर मेरे दीपक जल” और “मगरमच्छ” पर केंद्रित है, जिन्हें पाठ्यक्रम से हटाया गया है। संचयन-2 से कोई पाठ नहीं हटाया गया है। क्विज को पूरा करने के बाद अपने उत्तरों की समीक्षा करें और परिणाम को पीडीएफ के रूप में डाउनलोड करें।

पाठ्यक्रम से हटाए गए पाठों का महत्व

कक्षा 10 हिंदी पाठ्यक्रम ‘स्पर्श-2’ और ‘संचयन-2’ में से कुछ पाठों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए हटा दिया गया है। इस क्विज का उद्देश्य छात्रों को इन हटाए गए पाठों और उनके केंद्रीय विचारों से परिचित कराना है, ताकि वे पाठ्यक्रम के व्यापक दायरे को समझ सकें। हालांकि ये पाठ परीक्षा का हिस्सा नहीं होंगे, फिर भी इनकी जानकारी हिंदी साहित्य और भाषा की समझ को समृद्ध करती है।

स्पर्श-2 से हटाए गए पाठ

1. बिहारी-दोहे

  • परिचय: कवि बिहारी रीतिकाल के प्रसिद्ध कवि हैं, जो ‘गागर में सागर’ भरने के लिए जाने जाते हैं। उनके दोहे नीति, भक्ति, और शृंगार रस से परिपूर्ण हैं।
  • मुख्य विषय: इन दोहों में सांसारिक मोहमाया, ईश्वर भक्ति की महत्ता, सामाजिक व्यवहार और प्रेम की सूक्ष्म अनुभूतियों का वर्णन मिलता है।
  • शैक्षिक मूल्य: ये दोहे छात्रों को जीवन मूल्यों, भाषा की सुंदरता और रीतिकाल की काव्य शैली से अवगत कराते हैं।

2. मधुर-मधुर मेरे दीपक जल

  • परिचय: यह महादेवी वर्मा द्वारा रचित एक भावपूर्ण कविता है। महादेवी वर्मा छायावाद की प्रमुख स्तंभों में से एक हैं।
  • मुख्य विषय: कविता में दीपक को आत्म-त्याग और परोपकार का प्रतीक बनाया गया है। कवयित्री दीपक के माध्यम से मानवता की सेवा और अपने जीवन को दूसरों के लिए समर्पित करने का संदेश देती हैं। यह आत्मिक साधना और विश्व-कल्याण की भावना को उजागर करती है।
  • शैक्षिक मूल्य: यह कविता छात्रों में त्याग, सेवाभाव, और आध्यात्मिक चिंतन को बढ़ावा देती है।

3. मगरमच्छ

  • परिचय: यह सुधा अरोड़ा द्वारा लिखा गया एक व्यंग्य है। सुधा अरोड़ा हिंदी साहित्य में अपनी कहानियों और व्यंग्यों के लिए जानी जाती हैं।
  • मुख्य विषय: इस व्यंग्य में समाज में व्याप्त दिखावा, अवसरवादिता और स्वार्थ पर तीखा प्रहार किया गया है। ‘मगरमच्छ’ उन लोगों का प्रतीक है जो ऊपरी तौर पर तो सहृदय दिखते हैं लेकिन भीतर से स्वार्थी और धोखेबाज होते हैं।
  • शैक्षिक मूल्य: यह पाठ छात्रों को सामाजिक विसंगतियों को समझने और आलोचनात्मक चिंतन विकसित करने में मदद करता है।

संचयन-2 से हटाए गए पाठ

  • इस पुस्तक से वर्तमान सत्र के लिए कोई पाठ हटाया नहीं गया है

त्वरित पुनरावृति (Quick Revision)

बिहारी-दोहे: रीतिकाल, शृंगार/नीति/भक्ति, गागर में सागर। मधुर-मधुर मेरे दीपक जल: महादेवी वर्मा, छायावाद, त्याग/परोपकार, ज्ञान का दीपक। मगरमच्छ: सुधा अरोड़ा, व्यंग्य, दिखावा/स्वार्थ, सामाजिक विसंगति। संचयन-2: कोई पाठ नहीं हटाया गया।

अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न

  1. बिहारी के दोहे किस भाषा शैली में रचे गए हैं?
  2. ‘मधुर-मधुर मेरे दीपक जल’ में ‘मधुर-मधुर’ शब्द की पुनरावृति क्या दर्शाती है?
  3. ‘मगरमच्छ’ व्यंग्य में ‘मगरमच्छ के आँसू’ बहाने का क्या आशय है?
  4. महादेवी वर्मा की कविता किस वाद की प्रमुख विशेषता को उजागर करती है?
  5. रीतिकाल के कवियों की प्रमुख प्रवृत्ति क्या थी, जैसा कि बिहारी के दोहों में भी दिखता है?

Author

  • CBSE Quiz Editorial Team

    Content created and reviewed by the CBSE Quiz Editorial Team based on the latest NCERT textbooks and CBSE syllabus. Our goal is to help students practice concepts clearly, confidently, and exam-ready through well-structured MCQs and revision content.