वाच्य MCQs Quiz | Class 10
यह CBSE Class X के छात्रों के लिए हिंदी कोर्स A (कोड 002) के Unit Section B: व्यावहारिक व्याकरण पर आधारित “वाच्य MCQs Quiz” है। इसमें दिए गए 5 में से 4 प्रश्न (प्रत्येक 1 अंक) से संबंधित अवधारणाएं शामिल हैं। अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने के लिए सभी 10 प्रश्नों का प्रयास करें और परिणाम देखने के लिए ‘Submit Quiz’ बटन पर क्लिक करें। आप अपने उत्तरों की PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं।
वाच्य: एक विस्तृत अध्ययन
वाच्य क्रिया के उस रूप को कहते हैं जिससे यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है। वाच्य के तीन भेद होते हैं:
1. कर्तृवाच्य (Active Voice)
जब वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता होता है और क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार बदलते हैं, तो वह कर्तृवाच्य कहलाता है। इसमें कर्ता की प्रधानता होती है।
उदाहरण:
- राम पुस्तक पढ़ता है। (पढ़ता है – राम के अनुसार)
- लड़कियाँ गीत गाती हैं। (गाती हैं – लड़कियों के अनुसार)
पहचान: कर्ता के साथ ‘ने’ विभक्ति का प्रयोग हो सकता है या कोई विभक्ति नहीं होती। क्रिया का संबंध सीधा कर्ता से होता है।
2. कर्मवाच्य (Passive Voice)
जब वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्म होता है और क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्म के अनुसार बदलते हैं, तो वह कर्मवाच्य कहलाता है। इसमें कर्म की प्रधानता होती है।
उदाहरण:
- राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है। (पढ़ी जाती है – पुस्तक के अनुसार)
- लड़कियों द्वारा गीत गाए जाते हैं। (गाए जाते हैं – गीत के अनुसार)
पहचान: कर्ता के साथ ‘से’ या ‘के द्वारा’ का प्रयोग होता है। क्रिया सदैव सकर्मक होती है। क्रिया का रूप ‘जाना’ धातु के उपयुक्त रूप के साथ आता है (जैसे – किया जाता है, पढ़ी जाती है)।
3. भाववाच्य (Impersonal Voice)
जब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न ही कर्म की, बल्कि क्रिया या भाव की प्रधानता होती है, तो वह भाववाच्य कहलाता है।
उदाहरण:
- मुझसे चला नहीं जाता।
- बच्चों से हँसा जाता है।
- गरमी में सोया नहीं जाता।
पहचान: कर्ता के साथ ‘से’ विभक्ति का प्रयोग होता है। क्रिया सदैव अकर्मक, पुल्लिंग, एकवचन और अन्य पुरुष में होती है। क्रिया नकारात्मक या असमर्थता सूचक होती है।
वाच्य परिवर्तन के नियम
एक वाच्य से दूसरे वाच्य में बदलने के लिए कुछ सामान्य नियम होते हैं:
| वाच्य प्रकार | कर्ता की स्थिति | क्रिया का स्वरूप | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| कर्तृवाच्य | प्रधान (कोई विभक्ति नहीं या ‘ने’) | कर्ता के अनुसार | वह पुस्तक पढ़ता है। |
| कर्मवाच्य | गौण (‘से’ / ‘के द्वारा’) | कर्म के अनुसार (‘जाना’ धातु) | उसके द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है। |
| भाववाच्य | गौण (‘से’) | अकर्मक, पुल्लिंग, एकवचन, अन्य पुरुष (‘जाना’ धातु) | उससे पढ़ा नहीं जाता। |
त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)
- वाच्य क्रिया का वह रूप है जो कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता बताता है।
- कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान, क्रिया कर्तानुसार।
- कर्मवाच्य में कर्म प्रधान, क्रिया कर्मानुसार, ‘के द्वारा’ या ‘से’ का प्रयोग।
- भाववाच्य में भाव प्रधान, क्रिया अकर्मक, एकवचन, पुल्लिंग, अन्य पुरुष, ‘से’ का प्रयोग।
- कर्तृवाच्य सकर्मक और अकर्मक दोनों क्रियाओं का हो सकता है।
- कर्मवाच्य केवल सकर्मक क्रियाओं का होता है।
- भाववाच्य केवल अकर्मक क्रियाओं का होता है।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न (5)
- निम्नलिखित वाक्य को कर्तृवाच्य में बदलिए: “छात्रों द्वारा कविता सुनाई गई।”
- निम्नलिखित वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए: “पुलिस ने चोर को पकड़ा।”
- निम्नलिखित वाक्य को भाववाच्य में बदलिए: “हम अब चल नहीं सकते।”
- “किसान खेत जोतता है।” इस वाक्य का वाच्य भेद बताइए।
- “मुझसे अब और नहीं सहा जाएगा।” इस वाक्य का वाच्य भेद बताइए।