Question pattern MCQs Quiz | Class 9

कक्षा 9 के विषय हिंदी पाठ्यक्रम–ब (कोड 085) के खंड ‘ब’ व्यावहारिक व्याकरण पर आधारित यह क्विज़ आपकी परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा। इसमें कुल 10 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जो परीक्षा पैटर्न (कुल 20 प्रश्न में से 16 के उत्तर) के अनुसार डिज़ाइन किए गए हैं। अपना ज्ञान परखें, क्विज़ सबमिट करें और उत्तरों का पीडीएफ़ डाउनलोड करें।

व्यावहारिक व्याकरण: एक अवलोकन

कक्षा 9 के हिंदी पाठ्यक्रम ‘ब’ में व्यावहारिक व्याकरण एक महत्वपूर्ण खंड है। यह छात्रों की भाषा की संरचनात्मक समझ को विकसित करता है। इस खंड में मुख्य रूप से चार विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है: उपसर्ग-प्रत्यय, समास, अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद और अलंकार। इन विषयों की अच्छी समझ न केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद करती है, बल्कि भाषा पर पकड़ भी मजबूत करती है।

1. उपसर्ग एवं प्रत्यय

उपसर्ग: वे शब्दांश जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं। जैसे – ‘अति’ + ‘आचार’ = अत्याचार। यहाँ ‘अति’ उपसर्ग है।

प्रत्यय: वे शब्दांश जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर नए शब्द का निर्माण करते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे – ‘समाज’ + ‘इक’ = सामाजिक। यहाँ ‘इक’ प्रत्यय है।

2. समास

दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से एक नया सार्थक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं। समास के मुख्य भेद हैं:

  • अव्ययीभाव समास: पहला पद प्रधान होता है। जैसे – प्रतिदिन (प्रत्येक दिन)।
  • तत्पुरुष समास: दूसरा पद प्रधान होता है और कारक चिह्नों का लोप होता है। जैसे – राजपुत्र (राजा का पुत्र)।
  • कर्मधारय समास: एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है। जैसे – नीलकमल (नीला है जो कमल)।
  • द्विगु समास: पहला पद संख्यावाची होता है। जैसे – चौराहा (चार राहों का समूह)।
  • द्वंद्व समास: दोनों पद प्रधान होते हैं। जैसे – माता-पिता (माता और पिता)।
  • बहुव्रीहि समास: कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ का बोध कराते हैं। जैसे – दशानन (दस हैं आनन जिसके अर्थात् रावण)।

3. अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं:

वाक्य भेद उदाहरण
विधानवाचक भारत एक महान देश है।
निषेधवाचक मैं आज विद्यालय नहीं जाऊँगा।
प्रश्नवाचक क्या तुम पढ़ रहे हो?
आज्ञावाचक कृपया शांत रहें।
विस्मयादिबोधक वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
इच्छावाचक ईश्वर तुम्हें सफलता दे।
संकेतवाचक यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।
संदेहवाचक शायद वह आज आएगा।

4. अलंकार

अलंकार काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। प्रमुख अलंकार हैं:

  • अनुप्रास: जहाँ एक ही वर्ण की आवृत्ति बार-बार हो। जैसे – ‘चारु चंद्र की चंचल किरणें’।
  • यमक: जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ भिन्न हो। जैसे – ‘कनक कनक ते सौ गुनी’।
  • श्लेष: जहाँ एक ही शब्द के एक से अधिक अर्थ निकलें। जैसे – ‘रहिमन पानी राखिए’।
  • उपमा: जहाँ किसी व्यक्ति या वस्तु की तुलना किसी अन्य प्रसिद्ध व्यक्ति या वस्तु से की जाए। जैसे – ‘पीपर पात सरिस मन डोला’।
  • रूपक: जहाँ उपमेय में उपमान का अभेद आरोप हो। जैसे – ‘चरण-कमल बंदौ हरि राइ’।
  • अतिशयोक्ति: जहाँ किसी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए। जैसे – ‘हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग’।

त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)

  • उपसर्ग: शब्द के शुरू में जुड़ता है।
  • प्रत्यय: शब्द के अंत में जुड़ता है।
  • समास: शब्दों का संक्षिप्तीकरण।
  • वाक्य भेद: अर्थ के आधार पर 8 प्रकार के होते हैं।
  • अलंकार: काव्य का आभूषण।

अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न

  1. ‘पराजय’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
  2. ‘यथाशक्ति’ में कौन-सा समास है?
  3. ‘ईश्वर आपकी यात्रा सफल करे।’ यह किस प्रकार का वाक्य है?
  4. ‘तीन बेर खाती थी, वे तीन बेर खाती है।’ इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
  5. ‘लिखावट’ शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?

Author

  • CBSE Quiz Editorial Team

    Content created and reviewed by the CBSE Quiz Editorial Team based on the latest NCERT textbooks and CBSE syllabus. Our goal is to help students practice concepts clearly, confidently, and exam-ready through well-structured MCQs and revision content.