अलंकार (शब्दालंकार) MCQs Quiz | Class 9

कक्षा IX, विषय हिंदी कोर्स ‘ए’ (कोड 002) के लिए इस क्विज़ में आपका स्वागत है। यह क्विज़ व्यावहारिक व्याकरण खंड के अंतर्गत ‘अलंकार (शब्दालंकार)’ विषय पर आधारित है। इसमें अनुप्रास, यमक और श्लेष अलंकारों को शामिल किया गया है। परीक्षा पैटर्न के अनुसार, इस खंड से 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे, जिनका कुल अंक 4 होगा। सभी 10 प्रश्नों को हल करें, ‘Submit Quiz’ पर क्लिक करके अपना स्कोर देखें, और फिर अपने उत्तरों की समीक्षा करने के लिए ‘Download Answer PDF’ बटन का उपयोग करें।

अलंकार (शब्दालंकार): एक विस्तृत अवलोकन

अलंकार का शाब्दिक अर्थ है ‘आभूषण’। जिस प्रकार आभूषण शरीर की शोभा बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार काव्य (कविता) की शोभा बढ़ाते हैं। ये काव्य को अधिक प्रभावशाली, आकर्षक और सुंदर बनाते हैं। अलंकारों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है – शब्दालंकार और अर्थालंकार। यह क्विज़ शब्दालंकार पर केंद्रित है।

शब्दालंकार: वे अलंकार जो शब्दों के प्रयोग पर आधारित होते हैं, शब्दालंकार कहलाते हैं। यदि इन काव्य पंक्तियों में प्रयुक्त शब्दों को बदलकर उनके पर्यायवाची शब्द रख दिए जाएँ, तो अलंकार का चमत्कार समाप्त हो जाता है। कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से तीन शब्दालंकार हैं:

1. अनुप्रास अलंकार

जब किसी काव्य पंक्ति में किसी एक वर्ण (अक्षर) की आवृत्ति एक से अधिक बार होती है, तो वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। इसमें वर्णों का दोहराव होता है, शब्दों का नहीं।

  • पहचान: एक ही अक्षर का बार-बार आना।
  • उदाहरण 1:घुपति राघव राजाराम।” – यहाँ ‘र’ वर्ण की आवृत्ति हुई है।
  • उदाहरण 2:रनि नूजा माल रुवर बहु छाए।” – यहाँ ‘त’ वर्ण की आवृत्ति हुई है।

2. यमक अलंकार

जब किसी काव्य में एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए, लेकिन हर बार उसका अर्थ अलग-अलग हो, तो वहाँ यमक अलंकार होता है।

  • पहचान: एक ही शब्द का दोहराव, पर हर बार अर्थ अलग।
  • उदाहरण 1:काली घटा का घमंड घटा।” – यहाँ पहले ‘घटा’ का अर्थ ‘बादल’ है और दूसरे ‘घटा’ का अर्थ ‘कम होना’ है।
  • उदाहरण 2:कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।” – यहाँ एक ‘कनक’ का अर्थ ‘सोना’ है और दूसरे ‘कनक’ का अर्थ ‘धतूरा’ है।

3. श्लेष अलंकार

श्लेष का अर्थ होता है ‘चिपकना’। जब किसी काव्य में कोई एक शब्द एक ही बार प्रयोग हो, लेकिन प्रसंग के अनुसार उसके एक से अधिक अर्थ निकलते हों, तो वहाँ श्लेष अलंकार होता है।

  • पहचान: एक शब्द, पर उसके अर्थ एक से अधिक।
  • उदाहरण 1: “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून॥” – यहाँ तीसरी पंक्ति में ‘पानी’ शब्द के तीन अर्थ हैं: मोती के लिए ‘चमक’, मनुष्य के लिए ‘इज्जत’ और चूने के लिए ‘जल’।
  • उदाहरण 2: “जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोय। बारे उजियारो करे, बढ़े अँधेरो होय॥” – यहाँ ‘बारे’ के दो अर्थ हैं (बचपन में / जलाने पर) और ‘बढ़े’ के दो अर्थ हैं (बड़ा होने पर / बुझने पर)।

अलंकारों की तुलना

अलंकार पहचान मुख्य अंतर
अनुप्रास एक वर्ण (अक्षर) की आवृत्ति इसमें केवल वर्णों का दोहराव होता है।
यमक एक शब्द की आवृत्ति, अर्थ भिन्न शब्द दोहराया जाता है पर अर्थ हर बार बदल जाता है।
श्लेष एक शब्द के अनेक अर्थ शब्द एक ही बार आता है पर उसके कई अर्थ होते हैं।

त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)

  • वर्णों का खेल: यदि एक ही अक्षर बार-बार दिखे तो -> अनुप्रास
  • शब्दों का जोड़ा, अर्थ का फेर: यदि एक शब्द दो बार दिखे और दोनों का मतलब अलग हो -> यमक
  • एक शब्द, मतलब अनेक: यदि एक ही शब्द के कई मतलब निकल रहे हों -> श्लेष

अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न

  1. ‘मुदित महीपति मंदिर आए।’ में कौन-सा अलंकार है?
  2. ‘सजना है मुझे सजना के लिए।’ में कौन-सा अलंकार है?
  3. ‘मधुबन की छाती को देखो, सूखी कितनी इसकी कलियाँ।’ में ‘कलियाँ’ शब्द के कारण कौन-सा अलंकार है?
  4. ‘भगवान भक्तों की भयंकर भूरि भीति भगाइए।’ में कौन-सा अलंकार है?
  5. ‘ऊँचे घोर मंदर के अंदर रहनवारी, ऊँचे घोर मंदर के अंदर रहती हैं।’ में कौन-सा अलंकार है?

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  • CBSE Quiz Editorial Team

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