समास MCQs Quiz | Class 10
कक्षा: X | विषय: Hindi B / हिंदी पाठ्यक्रम–ब (Code 085) | इकाई: Section B: व्यावहारिक व्याकरण | विषयवस्तु: समास | शामिल विषय: 5 में से 4; (1×4)=4 | इन प्रश्नों का प्रयास करें और अपने ज्ञान का परीक्षण करें। अपना परिणाम जानने के लिए ‘Submit Quiz’ बटन पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तरों के साथ एक PDF डाउनलोड करें।
समास की विस्तृत जानकारी
समास का शाब्दिक अर्थ है ‘संक्षेप’। जब दो या दो से अधिक शब्द मिलकर एक नया और सार्थक शब्द बनाते हैं, तो इस प्रक्रिया को समास कहते हैं। समास में कम से कम दो पदों का होना अनिवार्य है। पहले पद को ‘पूर्वपद’ और दूसरे पद को ‘उत्तरपद’ कहा जाता है। इन दोनों के मेल से बने नए शब्द को ‘समस्त पद’ कहते हैं। जब समस्त पद को अलग-अलग करके लिखा जाता है, तो उसे ‘समास-विग्रह’ कहते हैं।
समास के भेद
हिंदी व्याकरण में समास के मुख्य छह भेद होते हैं:
1. अव्ययीभाव समास (Avyayibhava Samas)
इस समास में पहला पद (पूर्वपद) प्रधान होता है और वह एक अव्यय होता है। समस्त पद भी अव्यय का काम करता है। इसमें प्रायः उपसर्ग लगे होते हैं।
- उदाहरण:
- यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार)
- प्रतिदिन (प्रत्येक दिन)
- आमरण (मरण तक)
2. तत्पुरुष समास (Tatpurush Samas)
इस समास में दूसरा पद (उत्तरपद) प्रधान होता है। पूर्वपद गौण होता है और कारक चिह्नों (परसर्गों) का लोप हो जाता है। कारक चिह्नों के आधार पर इसके छह उपभेद होते हैं (कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण तत्पुरुष)।
- उदाहरण:
- राजपुत्र (राजा का पुत्र) – संबंध तत्पुरुष
- रसोईघर (रसोई के लिए घर) – संप्रदान तत्पुरुष
- वनवास (वन में वास) – अधिकरण तत्पुरुष
3. कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)
इस समास में भी दूसरा पद (उत्तरपद) प्रधान होता है। इसमें पूर्वपद विशेषण और उत्तरपद विशेष्य होता है, या पूर्वपद उपमान और उत्तरपद उपमेय होता है।
- उदाहरण:
- नीलकमल (नीला है जो कमल)
- महावीर (महान है जो वीर)
- चंद्रमुख (चंद्रमा के समान मुख)
4. द्विगु समास (Dvigu Samas)
इस समास में पहला पद (पूर्वपद) संख्यावाची विशेषण होता है और समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराता है।
- उदाहरण:
- त्रिलोक (तीन लोकों का समूह)
- पंचवटी (पाँच वटों का समूह)
- चौराहा (चार राहों का समूह)
5. द्वंद्व समास (Dvandva Samas)
इस समास में दोनों पद (पूर्वपद और उत्तरपद) प्रधान होते हैं और दोनों के बीच ‘और’, ‘या’, ‘अथवा’ जैसे योजक शब्दों का लोप होता है। अक्सर दोनों पदों के बीच योजक चिह्न (-) लगा होता है।
- उदाहरण:
- माता-पिता (माता और पिता)
- भाई-बहन (भाई और बहन)
- पाप-पुण्य (पाप या पुण्य)
6. बहुव्रीहि समास (Bahuvrihi Samas)
इस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की ओर संकेत करते हैं और वही तीसरा पद प्रधान होता है।
- उदाहरण:
- दशानन (दश हैं आनन जिसके अर्थात् रावण)
- नीलकंठ (नीला है कंठ जिसका अर्थात् शिव)
- त्रिलोचन (तीन हैं लोचन जिसके अर्थात् शिव)
समास के भेदों में अंतर (Quick Revision)
| समास | मुख्य विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| अव्ययीभाव | पहला पद अव्यय/प्रधान | यथासंभव |
| तत्पुरुष | दूसरा पद प्रधान, कारक लोप | राजकुमार |
| कर्मधारय | विशेषण-विशेष्य/उपमान-उपमेय | नीलगाय |
| द्विगु | पहला पद संख्यावाची | सप्तर्षि |
| द्वंद्व | दोनों पद प्रधान, योजक लोप | दिन-रात |
| बहुव्रीहि | कोई अन्य पद प्रधान | लंबोदर |
अभ्यास प्रश्न
- “चतुर्भुज” शब्द में कौन सा समास है?
- “आजन्म” शब्द में कौन सा समास है?
- “दही-बड़ा” शब्द का समास विग्रह क्या होगा?
- “कमल नयन” शब्द में कौन सा समास है?
- “रोगमुक्त” शब्द में कौन सा समास है?
समास एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक विषय है, और इन भेदों को समझना हिंदी भाषा पर आपकी पकड़ को मजबूत करेगा। अधिक अभ्यास के लिए दिए गए क्विज को दोबारा हल करें और अपनी समझ को बढ़ाएँ!