शब्द निर्माण MCQs Quiz | Class 9
यह क्विज़ कक्षा IX के विषय हिंदी कोर्स ए (कोड 002) की इकाई ‘व्यावहारिक व्याकरण’ पर आधारित है। इसमें शब्द निर्माण के महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है: उपसर्ग (Prefixes), प्रत्यय (Suffixes), और समास (Compounds)। आपको उपसर्ग-प्रत्यय से 5 में से 4 और समास से 5 में से 4 प्रश्न करने होंगे, कुल 8 प्रश्न। अपना स्कोर देखने और उत्तरों की PDF डाउनलोड करने के लिए अंत में क्विज़ सबमिट करें।
शब्द निर्माण: उपसर्ग, प्रत्यय और समास
शब्द निर्माण हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमें सिखाता है कि नए शब्द कैसे बनते हैं। मुख्य रूप से तीन तरीकों से नए शब्द बनाए जाते हैं: उपसर्ग लगाकर, प्रत्यय लगाकर और समास द्वारा।
उपसर्ग (Prefix)
उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं। उदाहरण के लिए, ‘हार’ शब्द में ‘प्र’ उपसर्ग जोड़ने से ‘प्रहार’ शब्द बनता है, जिसका अर्थ ‘चोट करना’ है।
- संस्कृत के उपसर्ग: अति, अधि, अनु, अप, अभि, अव, आ, उत्, उप, दुर्, निस्, परा, परि, प्र, प्रति, वि, सम्, सु आदि।
- हिंदी के उपसर्ग: अ, अन, अध, उन, औ, क, कु, दु, नि, भर, स, सु आदि।
- उर्दू के उपसर्ग: अल, कम, खुश, गैर, दर, ना, ब, बद, बे, ला, सर, हम आदि।
प्रत्यय (Suffix)
प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर एक नया शब्द बनाते हैं और उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं। प्रत्यय के दो मुख्य भेद हैं:
- कृत् प्रत्यय: जो प्रत्यय क्रिया (धातु) के अंत में जुड़कर संज्ञा या विशेषण शब्द बनाते हैं, उन्हें कृत् प्रत्यय कहते हैं। जैसे – ‘लिख’ + ‘आवट’ = ‘लिखावट’।
- तद्धित प्रत्यय: जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के अंत में जुड़कर नए शब्द बनाते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं। जैसे – ‘समाज’ + ‘इक’ = ‘सामाजिक’।
समास (Compound)
दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया और सार्थक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं। इस प्रक्रिया में बने नए शब्द को ‘समस्तपद’ कहते हैं। समास के मुख्य भेद हैं:
| समास का नाम | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| अव्ययीभाव समास | पहला पद प्रधान और अव्यय होता है। | यथाशक्ति (शक्ति के अनुसार), प्रतिदिन (हर दिन) |
| तत्पुरुष समास | दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है और कारक चिह्नों का लोप होता है। | राजपुत्र (राजा का पुत्र), रसोईघर (रसोई के लिए घर) |
| कर्मधारय समास | एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य होता है, या उपमेय-उपमान का संबंध होता है। | नीलकमल (नीला है जो कमल), चंद्रमुख (चंद्रमा के समान मुख) |
| द्विगु समास | पहला पद संख्यावाची होता है। | चौराहा (चार राहों का समूह), त्रिलोक (तीन लोकों का समाहार) |
| द्वंद्व समास | दोनों पद प्रधान होते हैं और विग्रह करने पर ‘और’, ‘या’, ‘अथवा’ लगता है। | माता-पिता (माता और पिता), दाल-रोटी (दाल और रोटी) |
| बहुव्रीहि समास | कोई भी पद प्रधान नहीं होता, दोनों पद मिलकर किसी तीसरे अर्थ का बोध कराते हैं। | लंबोदर (लंबा है उदर जिसका – गणेश), नीलकंठ (नीला है कंठ जिसका – शिव) |
त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)
- उपसर्ग: शब्द के शुरू में जुड़ता है। (जैसे: ‘अ’ + ‘धर्म’ = अधर्म)
- प्रत्यय: शब्द के अंत में जुड़ता है। (जैसे: ‘मीठा’ + ‘आस’ = मिठास)
- समास: दो शब्दों का मेल। (जैसे: ‘गंगा’ + ‘जल’ = गंगाजल)
- अव्ययीभाव: पहला पद अव्यय (यथा, प्रति, आ)।
- तत्पुरुष: कारक चिह्न (का, के, की, में, पर) का लोप।
- द्वंद्व: योजक चिह्न (-) और विग्रह में ‘और’।
- बहुव्रीहि: तीसरा अर्थ (देवी-देवताओं के नाम अक्सर)।
अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न
- ‘निर्धन’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग है?
- ‘रंगीला’ शब्द में किस प्रत्यय का प्रयोग हुआ है?
- ‘देशभक्ति’ में कौन-सा समास है?
- ‘अनजान’ शब्द में ‘अन’ क्या है?
- ‘चक्रपाणि’ शब्द किस समास का उदाहरण है?