विराम-चिह्न MCQs Quiz | Class 9
यह कक्षा 9 के लिए हिंदी पाठ्यक्रम-ब (कोड 085) विषय पर आधारित एक बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी है। यह खंड ब: व्यावहारिक व्याकरण के अंतर्गत ‘विराम-चिह्न’ विषय को कवर करता है। इस क्विज़ में 2 अंक के प्रश्न शामिल हैं, जहाँ आपको 3 में से 2 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। अपना ज्ञान परखने के लिए सभी प्रश्नों का उत्तर दें, फिर अपना स्कोर देखने के लिए ‘Submit Quiz’ पर क्लिक करें और उत्तर पत्रक डाउनलोड करने के लिए ‘Download Answer PDF’ पर क्लिक करें।
विराम-चिह्न: एक विस्तृत अवलोकन
भाषा के लिखित रूप में विचारों को स्पष्ट करने, भावों को व्यक्त करने तथा वाक्यों के अर्थ को सुगम बनाने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें विराम-चिह्न कहते हैं। ‘विराम’ का अर्थ है ‘रुकना’ या ‘ठहरना’। सही विराम-चिह्नों का प्रयोग भाषा को प्रभावशाली और अर्थपूर्ण बनाता है। इनके अभाव में अर्थ का अनर्थ हो सकता है।
मुख्य विराम-चिह्न और उनके प्रयोग
कक्षा 9 के पाठ्यक्रम के अनुसार कुछ प्रमुख विराम-चिह्न निम्नलिखित हैं:
1. पूर्ण विराम (।)
यह चिह्न वाक्य की समाप्ति का सूचक है। प्रश्नवाचक और विस्मयादिबोधक वाक्यों को छोड़कर हर प्रकार के वाक्य के अंत में इसका प्रयोग होता है।
उदाहरण: राम स्कूल जाता है।
2. अल्प विराम (,)
वाक्य में जहाँ बहुत थोड़ी देर के लिए रुकना हो, वहाँ अल्प विराम का प्रयोग होता है। इसके कुछ प्रमुख प्रयोग हैं:
- एक ही प्रकार के दो या दो से अधिक शब्दों को अलग करने के लिए। जैसे: राम, श्याम और मोहन खेल रहे हैं।
- संबोधन के बाद। जैसे: मित्र, मेरी बात सुनो।
- हाँ या नहीं के बाद। जैसे: हाँ, मैं आऊँगा।
3. प्रश्नवाचक चिह्न (?)
जिन वाक्यों में कोई प्रश्न पूछा जाता है, उनके अंत में इस चिह्न का प्रयोग होता है।
उदाहरण: तुम कहाँ जा रहे हो?
4. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा, भय आदि भावों को व्यक्त करने वाले शब्दों या वाक्यों के अंत में इसका प्रयोग होता है।
उदाहरण: वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
5. योजक चिह्न (-)
यह चिह्न दो शब्दों को जोड़ने, तुलना करने या द्वंद्व समास में प्रयोग होता है।
उदाहरण: माता-पिता, सुख-दुःख, रात-दिन।
6. उद्धरण चिह्न (‘ ‘ या ” “)
किसी के कथन को ज्यों का त्यों लिखने के लिए दोहरे उद्धरण चिह्न (” “) का प्रयोग होता है। किसी विशेष शब्द या शीर्षक के लिए इकहरे उद्धरण चिह्न (‘ ‘) का प्रयोग होता है।
उदाहरण: तिलक ने कहा, “स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है।”
विराम-चिह्नों का सारांश
| चिह्न | नाम | प्रयोग |
|---|---|---|
| । | पूर्ण विराम | वाक्य की समाप्ति पर |
| , | अल्प विराम | थोड़ी देर रुकने के लिए |
| ? | प्रश्नवाचक चिह्न | प्रश्न पूछने वाले वाक्यों में |
| ! | विस्मयादिबोधक चिह्न | हर्ष, शोक, आश्चर्य के भावों के लिए |
| – | योजक चिह्न | शब्द-युग्मों और द्वंद्व समास में |
| ” “ | दोहरा उद्धरण चिह्न | किसी के कथन को ज्यों का त्यों लिखने के लिए |
त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)
- वाक्य पूरा होने पर पूर्ण विराम (।) लगाएँ।
- शब्दों की सूची या थोड़े ठहराव के लिए अल्प विराम (,) का प्रयोग करें।
- प्रश्न पूछने पर अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) अवश्य लगाएँ।
- तीव्र भावनाओं (खुशी, दुःख, हैरानी) को दर्शाने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग करें।
- जोड़े वाले शब्दों जैसे ‘माता-पिता’ के बीच योजक चिह्न (-) लगाएँ।
अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न
- “अरे तुम कब आए” – इस वाक्य में कौन-सा विराम-चिह्न लगेगा?
- ‘दिन-रात’ शब्द के बीच में प्रयुक्त चिह्न क्या कहलाता है?
- गांधीजी ने कहा “सत्य ही ईश्वर है।” – इस वाक्य में कहाँ त्रुटि है?
- मुझे बाज़ार से सेब केले और संतरे लाने हैं। – इस वाक्य में कहाँ अल्प विराम लगेगा?
- हाय! यह क्या हो गया। – वाक्य के अंत में कौन-सा चिह्न सही है?