लघुकथा लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9
यह क्विज़ कक्षा IX-X के छात्रों के लिए है, जो द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी (कोड 085) विषय के ‘रचनात्मक लेखन प्रारूप’ इकाई के अंतर्गत ‘लघुकथा लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9’ पर आधारित है। इसमें निरंतरता, कथात्मकता, प्रभावी/पात्रानुकूल संवाद, रचनात्मकता/कल्पनाशक्ति, जिज्ञासा/रोचकता, और उद्देश्य-केंद्रितता जैसे महत्वपूर्ण मानदंडों को शामिल किया गया है। क्विज़ पूरा करने के बाद अपने उत्तर सबमिट करें और परिणाम की पीडीएफ डाउनलोड करें।
लघुकथा लेखन के मानदंड: विस्तृत चर्चा
लघुकथा लेखन एक कला है जिसमें कम शब्दों में एक प्रभावशाली कहानी कही जाती है। यह न केवल मनोरंजन करती है बल्कि अक्सर एक गहरा संदेश भी देती है। एक सफल लघुकथा के लिए कुछ महत्वपूर्ण मानदंडों का पालन करना आवश्यक है, जो उसे अद्वितीय और यादगार बनाते हैं।
1. निरंतरता (Continuity)
लघुकथा में निरंतरता का अर्थ है कहानी में एक सहज प्रवाह का होना। घटनाएँ, विचार और पात्रों के कार्य एक-दूसरे से जुड़े होने चाहिए। कोई भी हिस्सा अलग-थलग या बेतुका नहीं लगना चाहिए। यह पाठक को कहानी से जोड़े रखता है और उसे भ्रमित होने से बचाता है।
2. कथात्मकता (Narrative Quality)
कथात्मकता का मतलब है कहानी कहने का तरीका। एक लघुकथा में एक स्पष्ट शुरुआत, मध्य और अंत होना चाहिए, भले ही वह संक्षिप्त हो। कथा एक निश्चित दिशा में आगे बढ़नी चाहिए और पाठक को यह महसूस होना चाहिए कि वह एक पूरी कहानी पढ़ रहा है, न कि केवल कुछ घटनाओं का संग्रह।
3. प्रभावी/पात्रानुकूल संवाद (Effective/Character-Appropriate Dialogue)
संवाद लघुकथा की जान होते हैं। वे न केवल कहानी को आगे बढ़ाते हैं बल्कि पात्रों के व्यक्तित्व, उनकी भावनाओं और उनके आपसी संबंधों को भी उजागर करते हैं। संवाद छोटे, चुस्त और पात्रों की पृष्ठभूमि, शिक्षा और स्वभाव के अनुकूल होने चाहिए। अनावश्यक संवादों से बचना चाहिए।
4. रचनात्मकता/कल्पनाशक्ति (Creativity/Imagination)
रचनात्मकता और कल्पना एक लघुकथा को मौलिकता प्रदान करते हैं। यह लेखक को नए विचारों, अनूठे कथानकों और अप्रत्याशित मोड़ों को गढ़ने में मदद करता है। कल्पना के बिना लघुकथा नीरस और सामान्य लग सकती है। यह लेखक की क्षमता है कि वह परिचित विषयों को भी एक नया दृष्टिकोण दे।
5. जिज्ञासा/रोचकता (Curiosity/Interest)
लघुकथा का एक प्रमुख लक्ष्य पाठक में जिज्ञासा और रोचकता बनाए रखना है। कहानी की शुरुआत ही इतनी आकर्षक होनी चाहिए कि पाठक उसे पूरा पढ़ने को मजबूर हो जाए। अप्रत्याशित घटनाएँ, रहस्य या सस्पेंस का समावेश इसे और अधिक रोचक बना सकता है। अंत भी ऐसा हो जो पाठक को सोचने पर मजबूर करे या उसे एक संतोषजनक अनुभव दे।
6. उद्देश्य-केंद्रितता (Purpose-Centricity)
प्रत्येक लघुकथा का एक निहित या स्पष्ट उद्देश्य होता है। यह एक सामाजिक संदेश, एक नैतिक शिक्षा, एक भावना की अभिव्यक्ति या किसी विचार पर प्रकाश डालना हो सकता है। कहानी की सभी घटनाएँ, पात्र और संवाद इस उद्देश्य की पूर्ति में सहायक होने चाहिए। अनावश्यक विवरणों से बचना चाहिए जो मुख्य उद्देश्य से भटकते हों।
सारांश तालिका: लघुकथा लेखन के मानदंड
| मानदंड | विवरण |
|---|---|
| निरंतरता | घटनाओं और विचारों का सुसंगत प्रवाह। |
| कथात्मकता | स्पष्ट शुरुआत, मध्य और अंत के साथ एक पूर्ण कहानी। |
| संवाद | पात्रों के व्यक्तित्व और कहानी को आगे बढ़ाने वाले चुस्त और अनुकूल संवाद। |
| रचनात्मकता | मौलिकता, नए विचार और अप्रत्याशित मोड़। |
| जिज्ञासा | पाठक को जोड़े रखने वाला सस्पेंस और रोचकता। |
| उद्देश्य-केंद्रितता | कहानी का एक स्पष्ट लक्ष्य या संदेश। |
त्वरित पुनरावृत्ति
- एक अच्छी लघुकथा एक ही घटना या विचार पर केंद्रित होती है।
- यह संक्षिप्त और प्रभावी होती है।
- पात्रों का चित्रण संकेतों में करती है।
- संवादों के माध्यम से कहानी को गति देती है।
- एक शक्तिशाली और यादगार अंत रखती है।
अभ्यास प्रश्न (5 अतिरिक्त प्रश्न)
- लघुकथा लेखन में किस बात का ध्यान रखना चाहिए ताकि वह “लघुकथा” बनी रहे और उपन्यास न बन जाए?
- संवादों को “पात्रानुकूल” बनाने के लिए लेखक को किन बातों पर विचार करना चाहिए?
- यदि किसी लघुकथा में पर्याप्त “जिज्ञासा” न हो, तो पाठक पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
- “उद्देश्य-केंद्रितता” के अभाव में एक लघुकथा कैसी प्रतीत होगी?
- लघुकथा की “रचनात्मकता” को बढ़ाने के लिए लेखक क्या कर सकता है?

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