लघुकथा लेखन – Criteria MCQs Quiz | Class 9

कक्षा: IX-X | विषय: हिंदी (Course A) / हिंदी मातृभाषा (Code 002) | इकाई: रचनात्मक लेखन प्रारूप | शीर्षक: लघुकथा लेखन | मुख्य विषय: कथात्मकता; निरंतरता/जिज्ञासा/रोचकता/कल्पनाशीलता; प्रभावी/पात्रानुकूल संवाद; रचनात्मकता; उद्देश्यपरकता। अपनी समझ का आकलन करने के लिए इस प्रश्नोत्तरी का प्रयास करें और परिणामों की समीक्षा करने के लिए सबमिट करें। अपनी उत्तर कुंजी के साथ एक पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए ‘डाउनलोड आंसर पीडीएफ’ बटन का उपयोग करें।

लघुकथा लेखन: एक कलात्मक परिचय

लघुकथा, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, एक छोटी कहानी होती है जो कम शब्दों में एक गहरा प्रभाव छोड़ती है। यह आज के व्यस्त जीवनशैली में पाठकों के लिए एक लोकप्रिय साहित्यिक विधा है। लघुकथा लेखन के लिए विशिष्ट मानदंडों का पालन करना आवश्यक है ताकि यह प्रभावी और यादगार बन सके।

लघुकथा के मुख्य तत्व और मानदंड:

  1. कथात्मकता (Narrative Quality): लघुकथा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी कहानी कहने की क्षमता है। इसमें एक स्पष्ट शुरुआत, मध्य और अंत होना चाहिए, भले ही वह संक्षिप्त हो। कथा इतनी आकर्षक होनी चाहिए कि पाठक को कहानी से जोड़े रखे। घटनाओं का क्रम तार्किक और समझने योग्य होना चाहिए।
  2. निरंतरता, जिज्ञासा, रोचकता, कल्पनाशीलता (Continuity, Curiosity, Interest, Imagination):
    • निरंतरता: कहानी में घटनाओं का प्रवाह सहज और अटूट होना चाहिए। कोई भी घटना अचानक या बेतुकी नहीं लगनी चाहिए।
    • जिज्ञासा: लघुकथा पाठक में आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता पैदा करनी चाहिए। एक अच्छी लघुकथा अपने छोटे आकार के बावजूद रहस्य या अनिश्चितता का तत्व बनाए रखती है।
    • रोचकता: कहानी इतनी दिलचस्प हो कि पाठक इसे अंत तक पढ़ने के लिए प्रेरित हो। इसमें नए विचार, अद्वितीय स्थितियाँ या अप्रत्याशित मोड़ शामिल हो सकते हैं।
    • कल्पनाशीलता: लेखक की रचनात्मक कल्पना कहानी को जीवंत बनाती है। यह पाठकों को एक अलग दुनिया में ले जाती है या उन्हें एक नए दृष्टिकोण से सोचने पर मजबूर करती है।
  3. प्रभावी और पात्रानुकूल संवाद (Effective and Character-Appropriate Dialogue): संवाद संक्षिप्त, स्वाभाविक और पात्रों के व्यक्तित्व, आयु, और सामाजिक पृष्ठभूमि के अनुरूप होने चाहिए। वे कहानी को आगे बढ़ाने और पात्रों के बीच के संबंधों को स्पष्ट करने में सहायक होने चाहिए। अनावश्यक या लंबे संवादों से बचना चाहिए।
  4. रचनात्मकता (Creativity): रचनात्मकता लघुकथा को मौलिकता प्रदान करती है। इसमें नए विचारों का समावेश, पारंपरिक विषयों को नए तरीके से प्रस्तुत करना, या अप्रत्याशित समाधान प्रस्तुत करना शामिल है। यह कहानी को भीड़ से अलग बनाती है।
  5. उद्देश्यपरकता (Purposefulness): एक अच्छी लघुकथा का एक निहित या स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए। यह कोई संदेश दे सकती है, कोई नैतिक शिक्षा प्रदान कर सकती है, किसी सामाजिक मुद्दे पर प्रकाश डाल सकती है, या सिर्फ एक भावना को उजागर कर सकती है। कहानी पढ़ने के बाद पाठक को कुछ सोचने या महसूस करने के लिए मिलना चाहिए।

लघुकथा लेखन की मुख्य विशेषताएं: त्वरित सारणी

विशेषता विवरण
संक्षिप्तता कम शब्दों में अधिक बात कहना।
एकल प्रभाव एक मुख्य विचार या भावना पर केंद्रित।
अपेक्षित अंत अक्सर एक अप्रत्याशित या प्रभावशाली अंत।
सीमित पात्र मुख्यतः 1-3 पात्र।
सटीक भाषा आवश्यकतानुसार शब्दों का चुनाव।

लघुकथा लेखन के लिए त्वरित पुनरावृति (चेकलिस्ट):

  • क्या मेरी कहानी में एक स्पष्ट कथानक है? (कथात्मकता)
  • क्या कहानी में पाठक की जिज्ञासा बनी रहती है? (निरंतरता/रोचकता)
  • क्या संवाद स्वाभाविक और पात्रानुकूल हैं? (प्रभावी संवाद)
  • क्या कहानी में कोई मौलिकता या नवीनता है? (रचनात्मकता)
  • क्या मेरी लघुकथा का कोई स्पष्ट उद्देश्य या संदेश है? (उद्देश्यपरकता)
  • क्या कहानी की लंबाई उचित है?
  • क्या अंत प्रभावशाली है?

5 अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न:

  1. “एक बूँद की यात्रा” विषय पर 150-200 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
  2. “एक पुराना ताला और उसकी चाबी” पर एक लघुकथा लिखें जिसमें जिज्ञासा का तत्व प्रमुख हो।
  3. कोई ऐसा संवाद लिखें जो दो विपरीत व्यक्तित्व वाले पात्रों के बीच हो और कहानी को आगे बढ़ाए।
  4. एक ऐसी लघुकथा की रूपरेखा तैयार करें जिसका उद्देश्य बच्चों को ईमानदारी का महत्व सिखाना हो।
  5. अपनी कल्पना का प्रयोग करते हुए एक ऐसी लघुकथा लिखें जिसमें अंत अप्रत्याशित हो और पाठक को सोचने पर मजबूर कर दे।