पाठ जिनसे प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे (IX) MCQs Quiz | Class 9
इस क्विज़ में कक्षा IX के हिंदी कोर्स A (कोड 002) के पाठ्यक्रम से हटाए गए (Exclusions) अध्यायों पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल हैं। यह ‘पाठ जिनसे प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे (IX)’ विषय पर केंद्रित है। इसमें क्षितिज-1 से ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’, ‘यमराज की दिशा’, ‘नाना साहब की पुत्री देवी मैना…’, ‘एक कुत्ता और एक मैना’ और कृतिका-1 से ‘माटी वाली’, ‘किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया’ जैसे पाठों को शामिल किया गया है। सभी प्रश्नों के उत्तर दें, फिर अपना स्कोर देखने के लिए ‘Submit Quiz’ पर क्लिक करें और अपने उत्तरों का विश्लेषण करने के लिए PDF डाउनलोड करें।
पाठ्यक्रम से हटाए गए अध्यायों का संक्षिप्त अवलोकन
सीबीएसई कक्षा 9 हिंदी कोर्स-ए के पाठ्यक्रम से कुछ अध्याय हटा दिए गए हैं, लेकिन साहित्यिक समझ और भाषा कौशल के विकास के लिए इनका अध्ययन महत्वपूर्ण है। ये पाठ विभिन्न साहित्यिक विधाओं, जैसे कविता, गद्य, और संस्मरण का प्रतिनिधित्व करते हैं और छात्रों को विविध लेखन शैलियों और सामाजिक मुद्दों से परिचित कराते हैं। भले ही इन पाठों से परीक्षा में प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे, इनका ज्ञान आपके समग्र हिंदी साहित्य की समझ को गहरा करेगा।
प्रमुख अध्यायों के मुख्य बिंदु
क्षितिज-1 (काव्य खंड)
- चंद्र गहना से लौटती बेर (केदारनाथ अग्रवाल): इस कविता में कवि ने प्रकृति के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया है। उन्होंने गाँव के प्राकृतिक सौंदर्य, खेत, तालाब, और पक्षियों का सजीव चित्रण किया है। इसमें प्रकृति का मानवीकरण बहुत सुंदर ढंग से किया गया है।
- यमराज की दिशा (चंद्रकांत देवताले): यह कविता आधुनिक सभ्यता के विकास की खतरनाक दिशा पर एक मार्मिक टिप्पणी है। कवि अपनी माँ की उस सीख को याद करते हैं जिसमें वह दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा बताती थीं, लेकिन आज कवि को लगता है कि हर दिशा में विध्वंस और मृत्यु का खतरा मंडरा रहा है।
क्षितिज-1 (गद्य खंड)
- नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया (चपला देवी): यह एक रिपोर्ताज है जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की एक वीर बालिका मैना के बलिदान की कहानी बताता है। इसमें मैना की निडरता और देशप्रेम को दर्शाया गया है कि कैसे उसने अंग्रेजों के सामने झुकने से इनकार कर दिया।
- एक कुत्ता और एक मैना (हजारीप्रसाद द्विवेदी): इस निबंध में लेखक ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के साथ अपने संस्मरणों को साझा किया है। इसमें एक कुत्ते और एक लंगड़ी मैना के माध्यम से पशु-पक्षियों के प्रति मानवीय संवेदना और उनके निःस्वार्थ प्रेम को दर्शाया गया है।
कृतिका-1
- माटी वाली (विद्यासागर नौटियाल): यह कहानी टिहरी शहर के विस्थापन की पीड़ा को दर्शाती है। ‘माटी वाली’ एक ऐसी गरीब बुढ़िया का प्रतीक है जिसकी पहचान और आजीविका उसके शहर और माटी से जुड़ी है, लेकिन बांध बनने के कारण सब कुछ छिन जाता है।
- किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया (शमशेर बहादुर सिंह): यह एक संस्मरणात्मक लेख है जिसमें लेखक ने अपने जीवन के उस दौर का वर्णन किया है जब वे चित्रकला छोड़कर हिंदी लेखन की दुनिया में आए। इसमें उनके संघर्ष, प्रेरणा और साहित्यिक मित्रों का जिक्र है।
पाठ और लेखक
| पाठ का नाम | लेखक/कवि | विधा |
|---|---|---|
| चंद्र गहना से लौटती बेर | केदारनाथ अग्रवाल | कविता |
| यमराज की दिशा | चंद्रकांत देवताले | कविता |
| नाना साहब की पुत्री देवी मैना… | चपला देवी | रिपोर्ताज |
| एक कुत्ता और एक मैना | हजारीप्रसाद द्विवेदी | निबंध |
| माटी वाली | विद्यासागर नौटियाल | कहानी |
| किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया | शमशेर बहादुर सिंह | संस्मरण |
त्वरित पुनरीक्षण सूची (Quick Revision)
- मानवीकरण: ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ में अलसी को ‘हठीली’ और सरसों को ‘सयानी’ कहा गया है।
- प्रतीक: ‘यमराज की दिशा’ में दक्षिण दिशा मृत्यु और शोषण का प्रतीक है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: देवी मैना की कहानी 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित है।
- संवेदना: ‘एक कुत्ता और एक मैना’ में गुरुदेव की पशु-पक्षियों के प्रति गहरी संवेदना दिखाई गई है।
- विस्थापन की त्रासदी: ‘माटी वाली’ कहानी का केंद्रीय विषय है, जो विकास के नाम पर होने वाले उजाड़े को दर्शाती है।
अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न
- ‘माटी वाली’ का शहर में क्या महत्व था?
- देवी मैना ने अंग्रेज़ जनरल ‘हे’ से क्या अनुरोध किया था?
- ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में कवि कहाँ बैठे हैं?
- शमशेर बहादुर सिंह हिंदी लेखन में आने से पहले किस कला में रुचि रखते थे?
- ‘एक कुत्ता और एक मैना’ में गुरुदेव ने मैना को क्या कहकर संबोधित किया है?