पाठ जिनसे प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे (X) MCQs Quiz | Class 10
यह क्विज़ कक्षा X, विषय हिंदी कोर्स A (कोड 002) की इकाई ‘अपवर्जन’ से संबंधित है। इसमें उन पाठों से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल हैं जिनसे परीक्षा में प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। इन पाठों में क्षितिज-2 काव्य खंड से देव “सवैया, कवित्त”, गिरिजाकुमार माथुर “छाया मत छूना”, ऋतुराज “कन्यादान”; गद्य खंड से महावीरप्रसाद द्विवेदी “स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन”, सवेश्वर दयाल सक्सेना “मानवीय करुणा की दिव्य झलक”; तथा कृतिका-2 से “एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!” और “जॉर्ज पंचम की नाक” शामिल हैं। अपनी प्रतिक्रियाओं को सबमिट करने के लिए ‘Submit Quiz’ बटन पर क्लिक करें और अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए ‘Download Answer PDF’ बटन का उपयोग करें।
अपवर्जित पाठों का महत्व और संक्षिप्त परिचय
सीबीएसई कक्षा X हिंदी कोर्स A के पाठ्यक्रम से हटाए गए (अपवर्जित) पाठों को समझना महत्वपूर्ण है। ये पाठ विभिन्न कारणों से वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यक्रम से बाहर रखे गए हैं, जिससे छात्रों को शेष पाठ्यक्रम पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिले। इस खंड में, हम इन अपवर्जित पाठों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि आप इनकी सामान्य जानकारी रख सकें।
काव्य खंड (क्षितिज-2) से अपवर्जित पाठ:
- देव – सवैया, कवित्त: रीतिकालीन कवि देव द्वारा रचित यह पाठ ब्रज भाषा की मधुरता और कवि के काव्य कौशल को दर्शाता है। इसमें उन्होंने प्रकृति और प्रेम का सुंदर चित्रण किया है।
- गिरिजाकुमार माथुर – छाया मत छूना: यह कविता अतीत की मधुर स्मृतियों में खोकर वर्तमान को दुखी न करने का संदेश देती है। कवि ने जीवन के यथार्थ को स्वीकारने और भविष्य की ओर बढ़ने पर जोर दिया है।
- ऋतुराज – कन्यादान: इस कविता में माँ अपनी बेटी को विवाह के समय पारंपरिक उपदेश न देकर जीवन की कटु सच्चाइयों और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है। यह स्त्री जीवन की मर्यादाओं और बंधनों पर प्रकाश डालती है।
गद्य खंड (क्षितिज-2) से अपवर्जित पाठ:
- महावीरप्रसाद द्विवेदी – स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन: यह एक निबंध है जिसमें लेखक ने स्त्री-शिक्षा के विरोध में दिए जाने वाले तर्कों का खंडन करते हुए महिलाओं की शिक्षा के महत्व और आवश्यकता पर बल दिया है। यह समाज में महिलाओं की स्थिति पर एक प्रगतिशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना – मानवीय करुणा की दिव्य चमक: यह संस्मरण फादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व और उनके भारत प्रेम को दर्शाता है। लेखक ने फादर बुल्के के माध्यम से मानवीय करुणा और सेवा भाव का मार्मिक चित्रण किया है।
कृतिका-2 से अपवर्जित पाठ:
- शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’ – एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!: यह लोक कथा शैली में बनारस की सांस्कृतिक विरासत और उसके रंगमंच से जुड़ी एक मार्मिक कहानी है। इसमें एक नर्तकी और उसके बिछड़े हुए झुमके के माध्यम से प्रेम और विरह की भावना को दर्शाया गया है।
- कमलेश्वर – जॉर्ज पंचम की नाक: यह एक व्यंग्यात्मक कहानी है जो आज़ादी के बाद भी भारतीय नेताओं की औपनिवेशिक मानसिकता और आत्मसम्मान के अभाव पर कटाक्ष करती है। इसमें जॉर्ज पंचम की मूर्ति की नाक लगाने की कोशिशों के ज़रिए भारतीय समाज की हास्यास्पद स्थिति को दिखाया गया है।
अपवर्जित पाठों का सारांश
| पाठ का नाम | लेखक/कवि | विधा (Type) | प्रमुख विषय (Main Theme) |
|---|---|---|---|
| देव – सवैया, कवित्त | देव | कविता | प्रकृति, सौंदर्य, प्रेम, ब्रज भाषा |
| गिरिजाकुमार माथुर – छाया मत छूना | गिरिजाकुमार माथुर | कविता | यथार्थ का सामना, अतीत की स्मृति से परे |
| ऋतुराज – कन्यादान | ऋतुराज | कविता | स्त्री जीवन की चुनौतियाँ, माँ की चिंता |
| स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन | महावीरप्रसाद द्विवेदी | निबंध | स्त्री-शिक्षा का महत्व, रूढ़िवाद का खंडन |
| मानवीय करुणा की दिव्य चमक | सर्वेश्वर दयाल सक्सेना | संस्मरण | फादर बुल्के का व्यक्तित्व, मानवीय करुणा |
| एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा! | शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’ | कहानी | बनारस की संस्कृति, प्रेम, विरह |
| जॉर्ज पंचम की नाक | कमलेश्वर | कहानी | औपनिवेशिक मानसिकता पर व्यंग्य, आत्मसम्मान का अभाव |
त्वरित पुनरीक्षण (Quick Revision)
- अपवर्जित पाठों का उद्देश्य शेष पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना है।
- इन पाठों से परीक्षा में सीधे प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे, लेकिन इनकी सामान्य जानकारी उपयोगी हो सकती है।
- काव्य खंड से देव, गिरिजाकुमार माथुर और ऋतुराज के पाठ हटाए गए हैं।
- गद्य खंड से महावीरप्रसाद द्विवेदी और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के पाठ हटाए गए हैं।
- कृतिका-2 से शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’ और कमलेश्वर के पाठ हटाए गए हैं।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- ‘स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन’ पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a) पुरुषों की शिक्षा का समर्थन करना
b) स्त्री-शिक्षा के महत्व को स्थापित करना
c) रूढ़िवादी विचारों को बढ़ावा देना
d) शिक्षा को केवल पुरुषों तक सीमित रखना
उत्तर: b) स्त्री-शिक्षा के महत्व को स्थापित करना - फादर कामिल बुल्के का संबंध किस पाठ से है?
a) जॉर्ज पंचम की नाक
b) मानवीय करुणा की दिव्य चमक
c) एही ठैयाँ झुलनी हेरानी हो रामा!
d) कन्यादान
उत्तर: b) मानवीय करुणा की दिव्य चमक - ‘जॉर्ज पंचम की नाक’ किस प्रकार की रचना है?
a) करुण रस प्रधान
b) व्यंग्यात्मक
c) भक्ति पूर्ण
d) वीर रस पूर्ण
उत्तर: b) व्यंग्यात्मक - ‘छाया मत छूना’ कविता में कवि क्या संदेश देना चाहते हैं?
a) केवल अतीत की यादों में खोए रहना चाहिए
b) वर्तमान को भूलकर भविष्य की चिंता करनी चाहिए
c) यथार्थ को स्वीकार कर भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए
d) जीवन में सुख-दुख का कोई महत्व नहीं है
उत्तर: c) यथार्थ को स्वीकार कर भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए - ‘कन्यादान’ कविता में माँ अपनी बेटी को विवाह के समय क्या सिखाती है?
a) पति के घर की सभी जिम्मेदारियां उठाना
b) स्त्री जीवन की चुनौतियों का सामना करना
c) केवल सुंदर दिखने पर ध्यान देना
d) ससुराल में चुपचाप सब कुछ सहना
उत्तर: b) स्त्री जीवन की चुनौतियों का सामना करना