कुल MCQs Quiz | Class 10
यह CBSE कक्षा X के हिंदी पाठ्यक्रम–ब (Code 085) विषय के ‘Section C: Textbook & Supplementary’ इकाई का एक कुल MCQs Quiz है। इसमें गद्य खंड (11 अध्याय), काव्य खंड (11 अध्याय) और पूरक पाठ्यपुस्तक (6 अध्याय) से संबंधित कुल 28 विषयों को शामिल किया गया है। क्विज सबमिट करें और अपने उत्तरों की PDF डाउनलोड करें।
कक्षा 10 हिंदी पाठ्यक्रम-ब: संपूर्ण पुनरावृत्ति
अवलोकन
यह क्विज CBSE कक्षा 10 के हिंदी पाठ्यक्रम-ब के गद्य, काव्य और पूरक पाठ्यपुस्तक (संचयन) खंडों पर आधारित था। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में भाषा की समझ, साहित्य के प्रति रुचि और मानवीय मूल्यों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। गद्य खंड कहानियों, निबंधों और रेखाचित्रों के माध्यम से समाज, संस्कृति और मानवीय स्वभाव का चित्रण करता है, जबकि काव्य खंड कविताओं के माध्यम से भावनाओं, सौंदर्य और जीवन के दर्शन को प्रस्तुत करता है। पूरक पाठ्यपुस्तक छात्रों को गंभीर सामाजिक मुद्दों और मानवीय संबंधों को गहराई से समझने में मदद करती है।
मुख्य बिंदु
- समाज और संस्कृति: विभिन्न पाठों में भारतीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और आधुनिकता के द्वंद्व को दर्शाया गया है।
- मानवीय मूल्य: ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, करुणा, मित्रता, त्याग और आत्मसम्मान जैसे मूल्यों पर बल दिया गया है।
- प्रकृति और सौंदर्य: कविताओं में प्रकृति की सुंदरता और उसके मानवीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का वर्णन है।
- व्यंग्य और यथार्थ: कुछ कहानियाँ समाज की विसंगतियों और दिखावे पर व्यंग्य करती हैं, वहीं कुछ यथार्थवादी चित्रण प्रस्तुत करती हैं।
- गुरु-शिष्य परंपरा और संगीत: ‘नौबतखाने में इबादत’ जैसे पाठ भारतीय संगीत परंपरा और गुरु-शिष्य संबंधों की गहराई को बताते हैं।
- बाल मनोविज्ञान: ‘सपनों के-से दिन’ और ‘टोपी शुक्ला’ जैसे पाठ बचपन की दुनिया और दोस्ती के महत्व को दर्शाते हैं।
- वृद्धावस्था की समस्या: ‘हरिहर काका’ पाठ वृद्धों के प्रति समाज के व्यवहार और संपत्ति के लालच जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रकाश डालता है।
गद्य खंड से मुख्य विषय (स्पर्श भाग-2)
- नेताजी का चश्मा: देशभक्ति, कैप्टन जैसे साधारण व्यक्ति का योगदान।
- बालगोबिन भगत: गृहस्थ जीवन में संतत्व, साधक की दिनचर्या।
- लखनवी अंदाज़: दिखावे की प्रवृत्ति, यथार्थ से पलायन।
- मानवीय करुणा की दिव्य चमक: फादर कामिल बुल्के का जीवन, परोपकारिता, भारतीय संस्कृति से जुड़ाव।
- एक कहानी यह भी: मन्नू भंडारी का लेखन और उनके जीवन पर पिता तथा अध्यापिका का प्रभाव।
- नौबतखाने में इबादत: बिस्मिल्लाह खान का जीवन, संगीत साधना, धर्मनिरपेक्षता।
- संस्कृति: सभ्यता और संस्कृति का अंतर, मानव कल्याण के लिए आविष्कार।
काव्य खंड से मुख्य विषय (स्पर्श भाग-2)
- सूरदास के पद: कृष्ण भक्ति, गोपियों का विरह वेदना, उद्धव को उपालंभ।
- राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद: वीर रस, मर्यादा पुरुषोत्तम राम का धैर्य, लक्ष्मण का शौर्य, परशुराम का क्रोध।
- आत्मकथ्य: जयशंकर प्रसाद का जीवन दर्शन, आत्मकथा लिखने में संकोच।
- उत्साह और अट नहीं रही है: बादल का आह्वान (क्रांति), वसंत ऋतु का सौंदर्य।
- फसल और यह दंतुरित मुसकान: प्रकृति और मानवीय श्रम का समन्वय, शिशु की मनमोहक मुस्कान।
- संगतकार: मुख्य गायक को सहयोग करने वाले संगतकार का महत्व।
पूरक पाठ्यपुस्तक से मुख्य विषय (संचयन भाग-2)
- हरिहर काका: परिवार में संपत्ति का महत्व, वृद्धों की उपेक्षा, धार्मिक पाखंड।
- सपनों के-से दिन: लेखक के स्कूल के अनुभव, बचपन की यादें, शिक्षकों का प्रभाव।
- टोपी शुक्ला: हिंदू-मुस्लिम दोस्ती, धार्मिक सहिष्णुता, बच्चों के कोमल मन।
त्वरित पुनरावृत्ति
- स्वयं प्रकाश: ‘नेताजी का चश्मा’
- रामवृक्ष बेनीपुरी: ‘बालगोबिन भगत’
- यशपाल: ‘लखनवी अंदाज़’
- मन्नू भंडारी: ‘एक कहानी यह भी’
- यतींद्र मिश्र: ‘नौबतखाने में इबादत’
- भदंत आनंद कौसल्यायन: ‘संस्कृति’
- सूरदास: कृष्ण भक्ति के पद
- तुलसीदास: ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ (रामचरितमानस से)
- जयशंकर प्रसाद: ‘आत्मकथ्य’
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’: ‘उत्साह’, ‘अट नहीं रही है’
- नागार्जुन: ‘फसल’, ‘यह दंतुरित मुसकान’
- मंगलेश डबराल: ‘संगतकार’
- मिथिलेश्वर: ‘हरिहर काका’
- गुरदयाल सिंह: ‘सपनों के-से दिन’
- राही मासूम रजा: ‘टोपी शुक्ला’
अभ्यास प्रश्न (उत्तर बिना)
- ‘संस्कृति’ पाठ में सभ्यता और संस्कृति के बीच क्या अंतर बताया गया है?
- ‘नौबतखाने में इबादत’ पाठ बिस्मिल्लाह खान की किस विशेषता को उजागर करता है और यह आज के समाज के लिए कैसे प्रासंगिक है?
- ‘फसल’ कविता के माध्यम से कवि प्रकृति और मनुष्य के श्रम के संबंध को किस प्रकार स्पष्ट करते हैं?
- ‘हरिहर काका’ कहानी वृद्धों के प्रति परिवार और समाज के बदलते रवैये पर क्या संदेश देती है?
- ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ में लक्ष्मण के संवाद की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?