अनौपचारिक पत्र MCQs Quiz | Class 9
कक्षा IX, विषय हिंदी पाठ्यक्रम–ब (कोड 085) के लिए यह क्विज़, इकाई ‘खंड घ: रचनात्मक लेखन’ के अंतर्गत ‘अनौपचारिक पत्र’ (~100 शब्द; 5 अंक) विषय पर आधारित है। अपना स्कोर देखने और उत्तरों की पीडीएफ़ डाउनलोड करने के लिए क्विज़ सबमिट करें।
अनौपचारिक पत्र: एक विस्तृत अवलोकन
अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो मित्रों, परिवार के सदस्यों, और सगे-संबंधियों को लिखे जाते हैं। इन पत्रों में व्यक्तिगत भावनाओं, विचारों और समाचारों का आदान-प्रदान होता है। इनकी भाषा आत्मीय और सरल होती है। इसमें औपचारिकताओं का पालन करना आवश्यक नहीं होता।
अनौपचारिक पत्र के मुख्य अंग
एक अच्छे अनौपचारिक पत्र में निम्नलिखित भाग होते हैं:
- प्रेषक का पता: पत्र के ऊपरी बाएँ कोने में पत्र लिखने वाले का पता लिखा जाता है।
- दिनांक: पते के ठीक नीचे दिनांक लिखी जाती है।
- संबोधन: पत्र प्राप्त करने वाले के लिए उचित संबोधन का प्रयोग किया जाता है, जैसे – प्रिय मित्र, आदरणीय पिताजी, स्नेहमयी माताजी आदि।
- अभिवादन: संबोधन के अनुसार अभिवादन लिखा जाता है, जैसे – सप्रेम नमस्ते, सादर चरण स्पर्श, मधुर प्यार आदि।
- मुख्य विषय/कलेवर: यह पत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। इसमें आप जो संदेश देना चाहते हैं, उसे विस्तार से लिखते हैं। इसे आमतौर पर दो या तीन अनुच्छेदों में बांटा जाता है।
- समापन: पत्र के अंत में लिखने वाले और पाने वाले के संबंध के अनुसार समापन वाक्यांश लिखा जाता है, जैसे – तुम्हारा मित्र, आपका प्रिय पुत्र, तुम्हारी सखी आदि।
- प्रेषक का नाम: समापन वाक्यांश के ठीक नीचे पत्र लिखने वाले का नाम लिखा जाता है।
संबोधन, अभिवादन और समापन की तालिका
| संबंध | संबोधन | अभिवादन | समापन |
|---|---|---|---|
| माता-पिता/बड़ों को | आदरणीय/पूजनीय पिताजी/माताजी | सादर चरण स्पर्श/सादर प्रणाम | आपका प्रिय पुत्र/आपकी प्रिय पुत्री |
| मित्र/सखी को | प्रिय मित्र/प्रिय सखी (नाम) | सप्रेम नमस्ते/मधुर स्मृति | तुम्हारा मित्र/तुम्हारी सखी |
| छोटे भाई/बहन को | प्रिय अनुज/प्रिय बहन (नाम) | शुभ आशीर्वाद/स्नेह | तुम्हारा अग्रज/तुम्हारी दीदी |
त्वरित पुनरावलोकन (Quick Revision)
- सबसे पहले ऊपर बाईं ओर अपना पता लिखें।
- पते के नीचे दिनांक लिखें।
- एक पंक्ति छोड़कर संबोधन लिखें (जैसे- प्रिय मित्र)।
- अगली पंक्ति में अभिवादन लिखें (जैसे- नमस्ते)।
- इसके बाद पत्र का मुख्य भाग लिखें।
- अंत में संबंध सूचक शब्द (जैसे- तुम्हारा मित्र) और अपना नाम लिखें।
- भाषा सरल, सहज और आत्मीय होनी चाहिए।
अभ्यास के लिए प्रश्न
- अपने मित्र को उसके जन्मदिन पर बधाई देते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
- वार्षिक परीक्षा में प्रथम आने पर अपने छोटे भाई को बधाई-पत्र लिखिए।
- अपनी गर्मी की छुट्टियों की योजना बताते हुए अपनी सखी को पत्र लिखिए।
- अपने पिताजी को अपनी पढ़ाई की प्रगति के बारे में बताते हुए एक पत्र लिखिए।
- बीमारी से उबरने के बाद अपने स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए अपनी नानीजी को पत्र लिखिए।